रोते हुए महिला बोली, सर नौकरी नहीं मिली, तो बच्चों के साथ मर जाऊंगी

!!दुर्जय पासवान !! सर, अगर अनुकंपा में नौकरी नहीं मिली तो मैं अपने दोनों बच्चों के साथ जान दे दूंगा. बहुत कष्ट में जी रहे हैं. पति की मौत के बाद कोई पूछने वाला नहीं है. मैं अपने दो बच्चों की परवरिश कैसे करूंगी. यह कहकर गुमला शहर के दुंदुरिया बैंक कॉलोनी निवासी वीणा गोप […]
!!दुर्जय पासवान !!
सर, अगर अनुकंपा में नौकरी नहीं मिली तो मैं अपने दोनों बच्चों के साथ जान दे दूंगा. बहुत कष्ट में जी रहे हैं. पति की मौत के बाद कोई पूछने वाला नहीं है. मैं अपने दो बच्चों की परवरिश कैसे करूंगी. यह कहकर गुमला शहर के दुंदुरिया बैंक कॉलोनी निवासी वीणा गोप रोने लगी. उसके आंखों से तर-तर आंसू गिरने लगे. रोते हुए वह डीसी से गुहार लगायी. सर, मुझे अनुकंपा में नौकरी दे दें. वीणा ने कहा कि मेरे ससुर विंदेश्वर गोप की 2011 में निधन हो गया. वे अनुसेवक के पद पर थे. नौकरी के दौरान ही उनकी मौत हुई. इसके बाद विंदेश्वर का बेटा भूषण गोप ने नौकरी के लिए आवेदन दिया. लेकिन अनुकंपा के आधार पर उनको नौकरी नहीं मिली.
मजदूरी में काम कर परिवार का पेट पाल रहे थे. इसी दौरान भूषण की भी मौत हो गयी. इसके बाद से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है. वीणा ने कहा फोर्थ ग्रेड में नौकरी दे दें. समस्या सुनते हुए डीसी उसे बारबार चुप कर रहे थे. खुद डीसी श्रवण साय भावुक हो गये. उन्होंने तुरंत जिला स्थापना समिति के लिपिक को बुलाये. उन्होंने कहा कि विंदेश्वर के निधन के बाद अगर किसी को अनुकंपा में नौकरी नहीं मिली है तो इसकी जांच कर वीणा गोप को नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू करें. डीसी के आश्वासन के बाद वीणा चुप हुई. वह अपने दो बच्चों को लेकर डीसी के जनता दरबार में पहुंची थी.
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