गोड्डाः करोड़ों के पुल में जल निकासी को लेकर ग्रामीणों का विरोध, 50 एकड़ धान की फसल और दर्जनों घरों पर खतरे का दावा
लोगों का विरोध | Prabhat Khabar Network
बसंतराय के हरगममा गांव के समीप ऐंचा नदी पर बन रहे पुल को लेकर ग्रामीणों ने पानी निकासी और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाये हैं. ग्रामीणों को बरसात में करीब 50 एकड़ धान की फसल और दर्जनों घरों में पानी घुसने का खतरा है. उन्होंने अतिरिक्त निकासी द्वार और पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने की मांग की है.
बसंतराय (गोड्डा) : बसंतराय प्रखंड के हरगममा गांव के समीप ऐंचा नदी पर बन रहे करोड़ों रुपये के पुल को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गयी है. ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण में पानी की निकासी के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गयी है. बरसात में नदी का जलस्तर और बहाव बढ़ने पर पानी आसपास के खेतों और गांव के निचले हिस्से में पहुंच सकता है. ग्रामीणों ने करीब 50 एकड़ धान की फसल और दर्जनों घरों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए अतिरिक्त निकासी द्वार की मांग की है.
हरगममा के पास बन रहे पुल को लेकर बढ़ा विरोध
ऐंचा नदी पर हरगममा गांव के समीप करोड़ों रुपये की लागत से पुल निर्माण कराया जा रहा है. निर्माण के बीच पानी की निकासी को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी सामने आयी है. ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान निर्माण में नदी के पानी की निकासी के लिए बनाया जा रहा रास्ता पर्याप्त नहीं है.
ग्रामीणों के अनुसार बरसात के दौरान ऐंचा नदी का जलस्तर और पानी का बहाव काफी बढ़ जाता है. ऐसे में पर्याप्त निकासी नहीं होने पर नदी का पानी आसपास के खेतों में फैल सकता है. इससे हर वर्ष करीब 50 एकड़ में लगी धान की फसल प्रभावित होने की आशंका है.
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दर्जनों घरों में पानी घुसने का भी खतरा
ग्रामीणों ने बताया कि पुल के आसपास गांव का निचला हिस्सा भी है. नदी में पानी का बहाव बढ़ने और निकासी बाधित होने की स्थिति में निचले हिस्से में स्थित दर्जनों घरों में पानी घुसने का खतरा बना हुआ है. ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते पुल की डिजाइन या जल निकासी व्यवस्था में जरूरी बदलाव किया गया, तो खेतों और घरों को संभावित नुकसान से बचाया जा सकता है.
निर्माण के शुरुआती दौर से ही जतायी जा रही आपत्ति
ग्रामीणों के मुताबिक पुल के बुनियादी निर्माण के समय से ही उन्होंने पानी की निकासी को लेकर संवेदक और संबंधित लोगों के समक्ष आपत्ति जतायी थी. उनका आरोप है कि शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया. ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते आवश्यक सुधार नहीं किया गया, तो बरसात के दौरान जलजमाव की स्थिति पैदा हो सकती है. इसका सीधा असर किसानों की फसल और गांव के लोगों के घरों पर पड़ सकता है.
ग्रामीणों ने अतिरिक्त निकासी द्वार की मांग की
सुग्रीव दास, रतन दास, रंजीत, शंकर दास, महेश दास, श्रीराम दास, बलराम दास, सिकंदर दास, मो. जब्बार आलम, अमरजीत दास, नारायण दास, बिलास दास, सुभाष दास, बालि दास समेत अन्य ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच की मांग की है. ग्रामीणों ने गोड्डा जिला प्रशासन से स्थल का निरीक्षण कराने और तकनीकी जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि पुल में एक अतिरिक्त निकासी द्वार बनाये जाने से नदी के पानी की निकासी सुचारु हो सकती है और गांव तथा खेतों को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है.
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पुल निर्माण की गुणवत्ता पर भी उठाये सवाल
ग्रामीणों ने पुल में जल निकासी के अलावा निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाये हैं. उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है. ग्रामीणों का दावा है कि पुल निर्माण में सरिया का पर्याप्त और सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया गया है. इसके अलावा सीमेंट की मात्रा को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाये हैं. हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
गोड्डा-बसंतराय सड़क निर्माण पर भी ग्रामीणों ने उठाये सवाल
ग्रामीणों ने गोड्डा-बसंतराय सड़क निर्माण कार्य के दौरान कई जगह गाइडवाल और पुलिया निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाये हैं. उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया गया है. ग्रामीणों ने संवेदक और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया है. इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. ग्रामीणों ने पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने की मांग की है.
पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच की मांग
ग्रामीणों ने सड़क और पुल निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि जांच में निर्माण सामग्री, सरिया, सीमेंट की मात्रा, पुल की डिजाइन और पानी निकासी की क्षमता की जांच होनी चाहिए. ग्रामीणों ने कहा कि यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित संवेदक और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने गोड्डा उपायुक्त से तत्काल संज्ञान लेने और संबंधित विभाग के तकनीकी अधिकारियों से स्थल का निरीक्षण कराने की मांग की है. ग्रामीणों की मांग है कि निर्माण कार्य पूरा होने से पहले आवश्यक तकनीकी सुधार कर दिया जाये, ताकि बरसात में किसानों और गांव के लोगों को नुकसान का सामना नहीं करना पड़े.
क्या कहते हैं पदाधिकारी
राजेश कुमार, कार्यपालक अभियंता, पीडब्ल्यूडी गोड्डा :** सूचना मिली है. मामले को लेकर भौतिक निरीक्षण किया जायेगा.
पांच महत्वपूर्ण बिंदुएं
- हरगममा गांव के समीप ऐंचा नदी पर करोड़ों रुपये की लागत से पुल निर्माण हो रहा है.
- ग्रामीणों ने पानी निकासी की मौजूदा व्यवस्था को अपर्याप्त बताया है.
- ग्रामीणों के अनुसार करीब 50 एकड़ धान की फसल और दर्जनों घरों पर बरसात में असर पड़ने का खतरा है.
- ग्रामीणों ने पुल में अतिरिक्त निकासी द्वार और पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच की मांग की है.
- निर्माण की गुणवत्ता, सरिया और सीमेंट के इस्तेमाल को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाये हैं.
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By Prabhat Khabar News Desk
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