मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर ग्रामीणों ने इसीएल कार्यालय में किया हंगामा

इसीएल के एरिया कार्यालय पहुंचे परियोजना प्रभावित गांव बसडीहा के ग्रामीण
राजमहल कोल परियोजना के एरिया कार्यालय में परियोजना प्रभावित गांव बसडीहा के ग्रामीणों ने पुनर्वास स्थल पर काली मंदिर निर्माण हेतु जमीन की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया. ग्रामीण पवन लोहार, बमबम लोहार, जितेंद्र लोहार, सुबोध लोहार, राम, सुबोध लोहार, दिनेश लोहार, योगेंद्र आदि ने कहा कि लगभग आठ वर्ष पूर्व गांव के ग्रामीण देश हित के लिए परियोजना प्रबंधन को कोयला खनन के लिए जमीन दिये थे. जमीन लेते वक्त प्रबंधन में सभी तरह की मूलभूत सुविधा पुनर्वास स्थल पर देने की बात कही थी. लेकिन प्रबंधन ग्रामीणों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है. वहीं अन्य पुनर्वास स्थल पर मस्जिद, स्कूल, तालाब, सभी तरह की सुविधा प्रबंधन ने दिया है.
बसडीहा गांव में 100 वर्ष पुरानी काली मंदिर के लिए मांगी जगह
ग्रामीण ने कहा कि बसडीहा गांव में लगभग 100 वर्ष पूर्व काली मंदिर का निर्माण किया गया था और प्रत्येक वर्ष काली पूजा के अवसर पर मेला का आयोजन होता है एवं मां की प्रतिमा बनाकर ग्रामीण पूजा अर्चना भी करते हैं. वर्तमान समय में प्रबंधन द्वारा बसडीहा गांव के सभी ग्रामीण को प्रबंधन अन्य जगह पुनर्वास कर रही है. लेकिन पुनर्वास स्थल पर प्रबंधन तालाब, मंदिर, खेल का मैदान एवं अन्य मूलभूत सुविधा नहीं दे रही है. कोल इंडिया के नियमानुसार प्रबंधन को सभी तरह की मूलभूत सुविधा पुनर्वास स्थल पर देना होगा और मंदिर आस्था का चीज है. प्रबंधन को आस्था से खिलवाड़ करने का कोई हक नहीं है. ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रबंधन बहुत सारे ग्रामीणों को घर बनाने की जमीन एवं मुआवजा नहीं दिया है. जबरदस्ती ग्रामीणों का घर तोड़ा जा है. ग्रामीणों को बेघर किया जा रहा है. प्रबंधन के तानाशाही के कारण परियोजना का विस्तार में ग्रहण लग गया है.
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