ललमटिया चांद भैरव राजा राज आवासीय विद्यालय का भविष्य संकट में

300 गरीब और अनाथ बच्चों की निशुल्क शिक्षा पर खतरा
ललमटिया के चांद भैरव राजा राज आवासीय विद्यालय में पढ़ रहे लगभग 300 गरीब, अनाथ और बेसहारा बच्चों का भविष्य संकट में है. विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुनील टुडू ने बताया कि संस्थापक सूर्य नारायण हांसदा के निधन के बाद विद्यालय के संचालन में अत्यधिक कठिनाइयां आ रही है. विद्यालय बच्चों को निशुल्क आवासीय शिक्षा, भोजन, कपड़ा और रहने की सुविधा प्रदान करता है, लेकिन वर्तमान में वित्तीय संकट के कारण संचालन में बड़ी समस्या उत्पन्न हो गयी है. विद्यालय के निदेशक और पूर्व जिला परिषद सदस्य नीलमुनि मुर्मू ने बताया कि विद्यालय गरीब और अनाथ बच्चों को शिक्षा देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया था. उन्होंने कहा कि सूर्य नारायण हांसदा की हत्या फर्जी एनकाउंटर दिखाकर की गयी थी, जिससे विद्यालय का भविष्य संकट में पड़ गया है. हत्या के छह महीने बीत जाने के बाद भी न्याय नहीं मिला है. निदेशक ने न्याय की मांग करते हुए कोर्ट और सरकार से न्याय दिलाने की गुहार लगायी. नीलमुनि मुर्मू ने बताया कि संस्थापक की हत्या के बाद कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने विद्यालय के सफल संचालन का आश्वासन दिया था, लेकिन वर्तमान समय में सभी ने सहयोग बंद कर दिया है. उन्होंने प्रशासन, समाज और नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि विद्यालय के संचालन में सहयोग प्रदान किया जाये, ताकि बच्चों को शिक्षा और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रह सकें.
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