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मनरेगा का नाम बदल कर काला कानून थोप रही केंद्र सरकार, होगा जोरदार जनआंदोलन

Updated at : 03 Jan 2026 11:15 PM (IST)
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मनरेगा का नाम बदल कर काला कानून थोप रही केंद्र सरकार, होगा जोरदार जनआंदोलन

नेचर पार्क में वनभोज सह प्रेस वार्ता में बोलीं ग्रामीण विकास मंत्री

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मनरेगा से किसानों व मजदूरों की आर्थिक स्थिति हुई है मजबूत गोड्डा. नये साल की शुरुआत के साथ महागामा विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं में जोश भरने के उद्देश्य से कार्यकर्ता सम्मेलन सह वनभोज का व्यापक आयोजन किया गया. ठाकुरगंगटी प्रखंड के कर्कटडीह स्थित नेचर पार्क में आयोजित सम्मेलन के दौरान ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने प्रेस वार्ता भी की. उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को हटाकर बीबी जी रामजी बिल पारित किए जाने पर आक्रोश व्यक्त किया. श्रीमती पांडेय ने कहा कि देश के लोग जानते हैं कि पहले भी केंद्र सरकार द्वारा कृषि कानून लाये जाने के बाद देशभर में किसानों ने जोरदार आंदोलन किया था. लगभग सात सौ किसानों की शहादत के बाद सरकार को वह कानून वापस लेना पड़ा था. मनरेगा कानून देश के किसानों और मजदूरों को आर्थिक मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से कांग्रेस द्वारा लागू किया गया था. लेकिन बिना किसी व्यापक विचार-विमर्श के इसे बदला गया है. यह कानून गरीबों के साथ धोखे जैसा है, जिसे कांग्रेस किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने देगी. कांग्रेस के देशव्यापी एवं राज्यव्यापी आंदोलन की रूपरेखा पर विस्तार से जानकारी दी गई. इस दौरान श्रीमती पांडेय ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस की ओर से राष्ट्रव्यापी आंदोलन आरंभ किया जा रहा है. पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी एवं केसी वेणुगोपाल के आह्वान पर 05 जनवरी को झारखंड प्रदेश में भी आंदोलन की शुरुआत की जाएगी. प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के नेतृत्व में मोरहाबादी मैदान स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा से कार्यक्रम का शुभारंभ होगा. यहां से पैदल मार्च करते हुए राजभवन तक जाकर आंदोलन की शुरुआत की जायेगी. केंद्र सरकार द्वारा कथित षड्यंत्र के तहत मनरेगा का नाम बदलकर बीबी जी रामजी किए जाने का जोरदार विरोध किया जायेगा. कांग्रेस इसे जन आंदोलन बनाकर पूरी ताकत के साथ लड़ेगी. पेसा एक्ट गांवों को मजबूत बनाने वाला कानून श्रीमती पांडेय ने राज्यभर में पेसा कानून लागू किए जाने पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रयास से ऐतिहासिक कार्य संभव हो पाया है. इस कानून के लागू होने के बाद गांवों की स्वायत्तता मजबूत होगी और ग्रामसभा की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार की खनन या अन्य गतिविधियां संभव नहीं होंगी. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की यात्रा के दौरान आदिवासियों की मांग पर ही पेसा कानून को लागू करने की दिशा में पहल हुई थी. राज्य के इतिहास में जो कार्य पहले किसी सरकार ने नहीं किया, वह हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने कर दिखाया है. प्रेस वार्ता के दौरान जिला अध्यक्ष याहिया सिद्दिकी, जिला प्रभारी श्यामल किशोर सिंह व बुलबुल समेत दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SANJEET KUMAR

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SANJEET KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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