गोड्डा नगर परिषद का कार्यकाल समाप्त हुए ढाई साल से अधिक समय बीत चुका है, बावजूद इसके नगर परिषद का चुनाव अब तक नहीं हो सका है. वहीं, महागामा नगर पंचायत के गठन के बाद एक बार भी नगर निकाय का चुनाव नहीं हुआ है. चुनाव न होने के कारण वार्ड स्तर की समस्याओं का त्वरित समाधान नहीं हो पा रहा है और विकास कार्य बाधित हैं. सूत्रों के अनुसार, गोड्डा नगर परिषद का कार्यकाल 28 अप्रैल 2023 को समाप्त हो गया था. कार्यकाल समाप्त होने और अभी तक चुनाव न होने के कारण स्थानीय लोगों के साथ-साथ वार्ड सदस्यों को भी अपने कार्य निष्पादन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. नगर परिषद का चुनाव नहीं होने के कारण बोर्ड की बैठकें नहीं हो रही हैं, जिससे रोड, नाली निर्माण और अन्य जरूरी विकास कार्य प्रभावित हैं. वार्ड स्तर की समस्याओं का समाधान पहले बोर्ड की बैठकों में चर्चा कर किया जाता था, जिससे काम की गति में तेजी आती थी. अब पुराने काम ही चल रहे हैं और नए कार्यों में ठहराव है. गोड्डा नगर परिषद क्षेत्र में कुल 21 वार्ड हैं, जबकि महागामा नगर पंचायत में 17 वार्ड शामिल हैं. 2011 की जनगणना के अनुसार, गोड्डा नगर परिषद क्षेत्र की जनसंख्या 48,480 है और महागामा नगर पंचायत की जनसंख्या 30,701 है. पूर्व वार्ड पार्षदों का कहना है कि कार्यकाल समाप्त होने के दो साल छह महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद चुनाव नहीं होने से कई विकास कार्य रुक गये हैं. चुनाव के दौरान अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और कार्यपालक पदाधिकारी से संघर्ष कर काम करवाना संभव था, लेकिन अब बिना प्रतिनिधि के अफसरशाही हावी है और लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है. नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव नहीं होने के चलते केंद्र सरकार द्वारा 15वीं वित्त आयोग की राशि भुगतान पर रोक लगा दी गयी है. इस वजह से वार्डों में कई निर्माण कार्य लंबित पड़े हैं. सभी कार्य अब केवल नगर परिषद और नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी के माध्यम से संचालित किये जा रहे हैं, लेकिन उनके द्वारा सभी कार्यों को पूरी गति से करना संभव नहीं . है. साथ ही चुनाव नहीं होने के कारण फंड की कमी भी विकास कार्यों को प्रभावित कर रही है. स्थानीय लोग और पूर्व वार्ड पार्षद इस स्थिति से चिंतित हैं. उनका कहना है कि शहरी क्षेत्र के विकास पर प्रतिकूल असर पड़ा है और जन आकांक्षा के अनुसार काम नहीं हो पा रहा है. चुनाव की अनिश्चितता के कारण नागरिकों की समस्याओं का समाधान रुक गया है और अफसरशाही हावी होने से नागरिकों का विश्वास नगर निकायों से कमजोर हो गया है. वर्तमान स्थिति में गोड्डा नगर परिषद और महागामा नगर पंचायत क्षेत्र के विकास, सड़क-नाली निर्माण, योजना कार्य और फंड आवंटन पर नकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है. चुनावों की अनिश्चितता और प्रशासनिक जटिलताओं के कारण नागरिकों की समस्याओं का समाधान लंबित है, जिससे क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक प्रगति पर असर पड़ा है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

