गंगटाकला में नहर और सड़क निर्माण में अनियमितता का आरोप, मुखिया व ग्रामीणों ने किया विरोध

Author Sanjeet kumar|Edited by Sweta Vaidya
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अनियमितता के खिलाफ विरोध प्रकट करते मुखिया व ग्रामीण. | Prabhat Khabar Network

अनियमितता के खिलाफ विरोध प्रकट करते मुखिया व ग्रामीण. | Prabhat Khabar Network

पथरगामा के गंगटाकला में नहर और सड़क निर्माण में भारी अनियमितता का आरोप. मुखिया और ग्रामीणों ने डीसी से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है.

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पथरगामा प्रखंड की गंगटाकला पंचायत में टेंडर के तहत संचालित दो निर्माण योजनाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर पंचायत के मुखिया रामप्रवेश यादव एवं ग्रामीणों ने विरोध जताया है. ग्रामीणों का आरोप है कि नहर निर्माण तथा पीसीसी सड़क एवं कालीकरण कार्य में प्राक्कलन की अनदेखी कर गुणवत्ताहीन निर्माण कराया जा रहा है. मुखिया रामप्रवेश यादव एवं ग्रामीणों ने बताया कि हरदेव कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, देवघर द्वारा पिछले दो वर्षों से गंगटाकला में नहर निर्माण का कार्य किया जा रहा है. उनका आरोप है कि लगभग दो किलोमीटर के निर्माण स्थल पर प्राक्कलन का सूचना बोर्ड तक नहीं लगाया गया है. ग्रामीणों कहना है कि नहर की स्लेप ढलाई कई स्थानों पर फट चुकी है. उनका आरोप है कि बारिश के कारण गीली मिट्टी पर ढलाई की जा रही है, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है. साथ ही, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि ढलाई में प्रयुक्त छर्री, बालू एवं अन्य सामग्री मानकों के अनुरूप नहीं है. मुखिया ने बताया कि हरना मेन कैनाल से गंगटाकला होते हुए लहठी तक करीब 32 किलोमीटर लंबी नहर का निर्माण लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत से किया जाना है. उनका आरोप है कि संवेदक मनमाने ढंग से कार्य करा रहा है और गुणवत्ता सुधार की मांग को भी नजरअंदाज किया जा रहा है.

सड़क निर्माण में भी प्राक्कलन की अनदेखी का आरोप

ग्रामीणों ने दूसरी योजना के तहत पुराने पंचायत भवन से धंगरी होते हुए नहर के छोटे पुल तक बन रही पीसीसी सड़क एवं कालीकरण कार्य में भी अनियमितता का आरोप लगाया है. मुखिया एवं ग्रामीणों का कहना है कि लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 2.5 किलोमीटर लंबी सड़क में निर्धारित 12 फीट 4 इंच चौड़ाई के स्थान पर केवल 8 से 10 फीट चौड़ाई में ढलाई की जा रही है. इसके अलावा सड़क के दोनों किनारों पर मिट्टी भराई नहीं की जा रही है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण से पूर्व निर्धारित 12 इंच मेटल फिलिंग के बजाय डीबीएल डस्ट का उपयोग किया जा रहा है. साथ ही, निर्माण के दौरान वाइब्रेटर का प्रयोग नहीं किया जा रहा और केवल मैनुअल रोलर चलाकर औपचारिकता पूरी की जा रही है.

पहले भी की गयी थी शिकायत

ग्रामीणों ने बताया कि पीसीसी सड़क निर्माण में कथित अनियमितताओं की शिकायत पहले संबंधित विभाग के कनीय अभियंता से की गयी थी, लेकिन निर्माण कार्य की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं हुआ. इसके बाद 24 जून 2026 को ग्रामीणों ने गोड्डा के डीसी को हस्ताक्षरयुक्त आवेदन सौंपकर पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की. आवेदन की प्रति डीडीसी को भी भेजी गयी है. मुखिया रामप्रवेश यादव एवं ग्रामीणों ने प्रशासन से दोनों निर्माण योजनाओं की निष्पक्ष जांच कराने तथा प्राक्कलन के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित करने की मांग की है. ज्ञापन पर धनेश्वर मंडल, प्रमोद यादव, तारणी प्रसाद सिंह, प्रह्लाद मंडल, अमर सिंह सहित कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं.


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