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प्रकृति के संरक्षण से जुड़ी है आदिवासी समाज की रीति-रिवाज व धार्मिक मान्यताएं : डीसी

Updated at : 09 Aug 2024 11:47 PM (IST)
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प्रकृति के संरक्षण से जुड़ी है आदिवासी समाज की रीति-रिवाज व धार्मिक मान्यताएं : डीसी

नगर भवन में जिलास्तरीय कार्यक्रम का आयोजन, पारंपरिक आदिवासी नृत्यों पर झूमे लोग

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विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर जिलास्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन नगर भवन में किया गया. कार्यक्रम का उदघाटन दीप जलाकर विधायक प्रदीप यादव, डीसी जिशान कमर, एसपी नाथू सिंह मीणा, डीडीसी स्मिता टोप्पो, एसी विनय कुमार मिश्रा, एसडीओ बैद्यनाथ उरांव, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कंचन कुमारी भुदोलिया, रितेश जयसवाल, मिथिलेश चौधरी, कार्यपालक दंडाधिकारी मोनिका बास्की, डीइओ मिथिला टुडू, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आलोक वरण केसरी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यक्रम के दौरान डीसी ने आदिवासी दिवस के स्वर्णिम इतिहास को रखते हुए बताया कि पृथ्वी पर सभ्यता का विकास ही आदिवासी समाज के साथ हुआ है. आदिवासी समाज के बारे में विभिन्न उदाहरण के माध्यम से आवश्यक जानकारी देते हुए कहा कि आदिवासी समाज की रीति-रिवाज, पर्व-त्योहार सहित धार्मिक मान्यताएं भी प्रकृति के संरक्षण से जुड़ी हुई है. डीसी ने बताया कि वर्ष 2024 में विश्व आदिवासी दिवस का थीम ‘स्वैच्छिक अलगाव और प्रारंभिक संपर्क में आदिवासी लोगों के अधिकारों की रक्षा”””” है.

समाज के विकास में योगदान दें आदिवासी युवा : एसपी

एसपी श्री मीणा ने विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आदिवासी समाज हमारे समाज की जड़ की तरह है. किसी भी समाज के विकास के लिए उसकी जड़ का मजबूत होना बेहद जरूरी है. वर्तमान समय में आदिवासी युवाओं पर यह बड़ी जिम्मेदारी है कि वे आत्मनिर्भर बनकर किस प्रकार से आदिवासी समाज के विकास में अपना योगदान दें. इस पर ध्यान देने की जरूरत है. मौके पर पुलिस अधीक्षक ने कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न विद्यालयों के बच्चों सहित जिले के सभी आदिवासी समूह के युवाओं से आदिवासी संस्कृति को संरक्षित कर आगे बढ़ाने, विभिन्न कुरीतियां जैसे अंधविश्वास, डायन प्रथा, नशा के सेवन से दूर रहने की सलाह दी. डीडीसी स्मिता टोप्पो ने भी विश्व आदिवासी दिवस पर लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि आज भी आदिवासी समाज में शादी पर दहेज प्रथा नहीं है. कार्यक्रम के दौरान एकलव्य विद्यालय एवं कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं एवं सूचना जनसंपर्क विभाग द्वारा संगीत, नृत्य आदि की प्रस्तुति की गयी.

लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण.

कार्यक्रम के दौरान सुयोग्य लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया गया. जिला अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों के छात्र एवं छात्राओं द्वारा आदिवासी जीवन शैली की थीम पर पेंटिंग में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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