डेढ़ किमी दूर से पानी लाकर बुझाते हैं प्यास

Updated at : 25 Apr 2017 4:53 AM (IST)
विज्ञापन
डेढ़ किमी दूर से पानी लाकर बुझाते हैं प्यास

प्रभात खबर आपके द्वार. भागाबांध के ग्रामीणों ने सुनायी परेशानी, कहा गांव की 500 आबादी मूलभूत सुविधाओं से जूझ रही है. 72 परिवार बीपीएल हैं. पर प्रधानमंत्री आवास व शौचालय का लाभ नहीं मिल पाया है. गांव की पक्की नाली नहीं है. घर का पानी सड़क पर ही बहता है. अधिकारी व जनप्रतिनिधि उदासीन बने […]

विज्ञापन

प्रभात खबर आपके द्वार. भागाबांध के ग्रामीणों ने सुनायी परेशानी, कहा

गांव की 500 आबादी मूलभूत सुविधाओं से जूझ रही है. 72 परिवार बीपीएल हैं. पर प्रधानमंत्री आवास व शौचालय का लाभ नहीं मिल पाया है. गांव की पक्की नाली नहीं है. घर का पानी सड़क पर ही बहता है. अधिकारी व जनप्रतिनिधि उदासीन बने हुए हैं.
महगामा : सोमवार को महगामा प्रखंड के लहठी पंचायत के भागाबांध गांव में ग्रामीणों ने प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम के तहत गांव की समस्याएं सुनायी. ग्रामीणों ने बताया कि गांव में छह चापाकल है. जल स्तर नीचे चले जाने के कारण सभी खराब हैं. एक किमी दूर माल भागाबांध से पानी लाकर प्यास बुझानी पड़ती है. ग्रामीणों को स्वच्छ भारत मिशन योजना का लाभ नहीं मिल पाया है. पुरुष के अलावा महिलाओं को भी खुले में शौच जाना पड़ता है. 500 की आबादी वाला गांव मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है.
100 घरों के इस गांव में वोटरों की संख्या 300 है. ग्रामीणों को मूलभूत सुविधा मयस्सर नहीं है. पक्का नाला नहीं बन पाया है. नतीजा घरों का पानी सड़कों पर बहता है. नाई, मुसलिम सहित छोटे तबके के लोग गांव में गुजर-बसर करते हैंं. स्थिति काफी दयनीय है. लोगों के स्थिति का आकलन इस बात से लगाया जा सकता है कि गांव में 72 बीपीएल परिवार हैं. पर योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है. सिंचाई के लिए गांव में कोई साधन नहीं है. महिलाएं दिन भर पानी लाने के अपना सारा समय बीता देती है.
”मुखिया फंड से नाला का निर्माण करा दिया जायेगा. पंचायत की समस्याओं से प्रखंड प्रशासन को अवगत करा दिया गया है.
-सावित्री हेंब्रम, मुखिया
क्या कहते हैं ग्रामीण
”गांव में पेयजल की समस्या काफी विकराल है. सरकारी चापाकल खराब हैं. पानी के लिए ग्रामीण सुबह से ही परेशान रहते हैं.
-हराधन साह
” इंदिरा आवास का लाभ गांव वालों को नहीं मिल रहा है. गांव में लोगों की स्थिति अच्छी नहीं है. अधिकारी दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं.
-उमेश्वर साह
” सिंचाई की कोई सुविधा गांव में नहीं है. किसान की हालत खराब है. प्रखंड प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है.”
-हेकू ठाकुर
” एक भी परिवार स्वच्छ भारत मिशन योजना का लाभ नहीं मिल पाया है. गांव वाले खुले में शौच जाने को विवश हैं. बरसात में अधिक परेशानी होती है.
-राजेंद्र साह
” सभी पेयजल कूप सूख चुके हैं. चापाकल भी खराब है. जनप्रतिनिधि केवल झूठे आश्वासन देकर चले जाते हैं. ग्रामीणों में आक्रोश है.
-उर्मिला
खुले में शौच जाने में परेशानी के अलावा शर्म भी आती है. प्रखंड प्रशासन शौचालय बनाने की दिशा में दिलचस्पी नहीं ले रहा है.
-दुर्गा देवी
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola