सुंदरपहाड़ी को मिलेगा एक और बटालियन

Published at :02 Aug 2016 4:25 AM (IST)
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सुंदरपहाड़ी को मिलेगा एक और बटालियन

आठ महीने के दौरान लालगढ़ में नक्सलियों के बढ़े पाव ! पुलिस को दावा : सुंदरपहाड़ी में नक्सली गतिविधि को तोड़ा गोड्डा : जिले के सुंदरपहाड़ी के जंगलों में नक्सलियों ने अपना पांव जमा लिया है. इसका ताजा उदाहरण पिछले दिनों नक्सलियों ने शहादत दिवस मना कर दिया. इसके बाद जिले की पुलिस हरकत में […]

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आठ महीने के दौरान लालगढ़ में नक्सलियों के बढ़े पाव !

पुलिस को दावा : सुंदरपहाड़ी में नक्सली गतिविधि को तोड़ा
गोड्डा : जिले के सुंदरपहाड़ी के जंगलों में नक्सलियों ने अपना पांव जमा लिया है. इसका ताजा उदाहरण पिछले दिनों नक्सलियों ने शहादत दिवस मना कर दिया. इसके बाद जिले की पुलिस हरकत में आयी तथ सुंदरपहाड़ी में एक और फोर्स की कंपनी को उतारने का विचार किया. ताकि सुुंदरपहाड़ी को नक्सलियों से मुक्त किया जा सकें. वहीं पुलिस का दावा है कि इस क्षेत्र से नक्सली गतिविधि पर विराम लग गया है.
बता दें कि आठ माह पहले सुंदरपहाड़ी के कटहलडीह में नक्सलियों ने मुठभेड़ में दो पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी थी. इस घटना के बाद संताल परगना की पुलिस ने अभियान चला कर कुछ नक्सलियों को गिरफ्तार किया. कई बड़ी कार्रवाई भी की गयी. इसके बाद भी नक्सली कुछ गतिविधि चलाकर पुुलिस को भी चुनौती दे रहे हैं. हालांकि ऐसी चुनौतियों को लेकर एसएसबी के जवानों को डमरू तथा हाल में जगुआर के शस्त्र पुलिस बल को लगाकर आॅपरेशन चलाया गया है. अब पुलिस की ओर से एक और कंपनी फोर्स की व्यवस्था की जा रही है.
सुंदरपहाड़ी की वादियां थी कभी सैरगाह
सुंदरपहाड़ी की हसीन वादियां, जंगल व पहाड़ों में लोग चार पांच वर्ष पूर्व सैर सपाटा के लिए आते थे. वर्ष 2010 से नक्सलियों की गतिविधि शुरू हुई. और सुंदरपहाड़ी आना लोगों का कम हो गया.
हालांकि पुलिस ने नक्सली दस्ते को लेकर समय-समय पर अभियान भी चलाया जाता है. 2015 के अक्तूबर में पुलिस तथा नक्सलियों के मुठभेड़ हुई. इसके बाद लोगों का सुंदरपहाड़ी आना एक दम से बंद हो गया.
बड़ा कॉरीडोर, कई जिले से जुड़ा है
नक्सलियों का कॉरीडोर कई जिले से जुड़ा है. भौगोलिक बनावट के कारण ही नक्सलियों को आराम से एक से दूसरे जगह आने जाने में काफी मदद मिलती है. दुमका, साहिबगंज से लेकर पाकुड़ जिले की सीमा को भी पूरी तरह से नक्सली पार कर जाते हैं. इस कारण पुलिस को कार्रवाई करना चुनौती बना हुआ है. दूसरी तरफ बिहार के सीमाक्षेत्र डांडे के आसपास, पोडैयाहाट के सुनसान रास्ते रघुनाथपुर हाेते हुए सुषनी तक के रास्ते भी एक दूसरा काॅरीडोर है जो दुमका के रामगढ़ व आमड़ापाड़ा आदि क्षेत्रों में आना जाना नक्सलियों का सैफ जोन है.
नक्सलियों के पांव सुंदरपहाड़ी से उखड़ गये हैं. ग्रामीणों का भी समर्थन नहीं है. खाना पानी भी नहीं दे रहा है. पुलिस द्वारा इस दौरान लगातार कई नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. नक्सली बेक फुट पर हैं. जहांं तक किसी भी संवेदक व अन्य लोगों के साथ किसी घटना का मामला है. अब तक ऐसी सूचना नहीं आयी है. सुंदरपहाड़ी में पुलिस की ओर से एक कंपनी फोर्स बढ़ाया जा रहा है.
– संजीव कुमार, एसपी गोड्डा
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