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ओके::200 एकड़ में लगी गेहूं की फसल बर्बाद फ्लैग-इसीएल खदान का दूषित पानी खेतों में बहाया-ग्रामीणों ने कंपनी के खिलाफ किया प्रदर्शन-कंपनी के खिलाफ जमकर की नारेबाजी-बिरला कंपनी के कारगुजारी से बसडीहा के ग्रामीणों को भारी नुकसान-50 लाख की क्षति का अनुमानतस्वीर: 05 व 06 खेतों में दूषित पानी दिखाते ग्रामीण व यहां से जमे […]
ओके::200 एकड़ में लगी गेहूं की फसल बर्बाद फ्लैग-इसीएल खदान का दूषित पानी खेतों में बहाया-ग्रामीणों ने कंपनी के खिलाफ किया प्रदर्शन-कंपनी के खिलाफ जमकर की नारेबाजी-बिरला कंपनी के कारगुजारी से बसडीहा के ग्रामीणों को भारी नुकसान-50 लाख की क्षति का अनुमानतस्वीर: 05 व 06 खेतों में दूषित पानी दिखाते ग्रामीण व यहां से जमे पानी को खेतों में छोड़ा गयाप्रतिनिधि, बोआरीजोरराजमहल परियोजना क्षेत्र के कोयला खादान से दूषित पानी को खेतों में ही बहा दिया गया. इस कारण बसडीहा के ग्रामीणों को लाखों का नुकसान हुआ है. करीब 200 एकड़ में लगी गेहूं की फसल बर्बाद हो गयी. जानकारी के अनुसार इसीएल में कार्यरत बिरला कंपनी खदान से निकलने वाली दूषित पानी का बहाव बसडीहा के खेतीहर जमीन में कर दिया. जिससे ग्रामीणों को काफी क्षति हुई है. शनिवार को इस बाबत ग्रामीणों ने बिरला कंपनी के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया. इस दौरान पीड़ित किसानों ने कंपनी के खिलाफ नारेबाजी भी की. गेहूं व रब्बी फसल हो गयी बर्बादग्रामीणों ने बताया कि बसडीहा गांव के खेतों में दूषित पानी के बहाव से करीब दो सौ एकड़ में लगी गेहूं व रब्बी फसल बर्बाद हो गयी.50 लाख की क्षतिग्रामीणों ने बताया कि 200 एकड़ में बिरला कंपनी के मनमानीपूर्ण तरीके से पानी छोड़े जाने के कारण फसलें बर्बाद हो गयी. इसमे करीब 50 लाख की क्षति हुई है. जब पानी की जरूरत होती है तो इसीएल नहीं देता पानीबसडीहा के ग्रामीणों ने बताया कि इस वर्ष समय पर वर्षा नहीं होने के कारण धान की उपज अच्छी नहीं हो पायी है. किसी तरह गेहूं व रब्बी फसल उपजा कर बसडीहा के ग्रामीण व किसान पेट भरने का इंतजाम कर रहे थे. बिरला कंपनी ने खेत में दूषित पानी का बहाव कर आफत कर दिया है. खेती के समय इसीएल पानी मुहैया नहीं कराती है और इसीएल में कार्यरत बिरला कंपनी द्वारा दूषित पानी का बहाव मनमाने ढंग से किया जा रहा है. इस कारण लाखों का नुकसान हुआ है. नहीं मिला मुआवजा तो कंपनी को नहीं करने देंगे कामप्रभावित किसान व ग्रामीणों में संदीप कुमार, अरुण गोस्वामी, अनिल किस्कू, शिवलाल किस्कू, खलील अंसारी, शलय किस्कू, विश्वनाथ किस्कू, कुरबान अंसारी, आजाद अंसारी ने बताया कि बर्बाद हुए फसलों का पुरा-पुरा मुआवजा नहीं मिला तो बिरला कंपनी को इसीएल क्षेत्र में कार्य नहीं करने दिया जायेगा. ग्रामीणों व किसान आंदोलन को विवश हो जायेंगे. —————————–यदि हमारे द्वारा क्षति हुई है तो आकलन कर मुआवजा देने की दिशा में प्रयास किया जायेगा. -केके सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक बिरला कंपनी.
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