Giridih News :घरेलू विवाद से तंग आकर घर छोड़ भागा था युवक

Edited by PRADEEP KUMAR
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Giridih News :मुफस्सिल थाना पुलिस ने करीब डेढ़ साल पुराने अपहरण के मामले का पर्दाफाश कर बड़ा खुलासा किया है. जांच में पता चला कि जिसे परिवार ने अपहरण बताया था, वह युवक खुद ही घरेलू विवाद से तंग आकर घर छोड़कर भाग गया था.

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पुलिस ने उसे हरियाणा से सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया है. हालांकि, वह अपने परिजनों के साथ रहना नहीं चाहता है. यह मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बरवाडीह पुलिस लाइन रोड निवासी स्व सुभाष कुमार सिंघानिया के 32 वर्षीय पुत्र अंकुर सिंघानिया से जुड़ा है. 29 नवंबर 2024 को अंकुर के बड़े भाई अंकित सिंघानिया ने मुफस्सिल थाना में आवेदन देकर अपने भाई के अपहरण की शिकायत दर्ज करायी थी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की, मगर लंबे समय तक युवक का कोई सुराग नहीं मिला. इसके बाद सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम गठित की गयी. इस टीम में मुफस्सिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो, एसआई नंदू पाल और एसआई संजय कुमार शामिल थे. आखिरकार 10 अक्तूबर को पुलिस को सफलता मिली. अंकुर को हरियाणा के खेड़ीपुल थाना क्षेत्र के हरिपुर से बरामद कर लिया गया.

काफी दिनों से चल रहा था प्रॉपर्टी को ले विवाद

प्रेस वार्ता के दौरान अंकुर सिंघानिया ने बताया कि वर्ष 2021 में उन्होंने हल्दीराम कंपनी का डिस्ट्रीब्यूटरशिप लिया था और उसी का वह संचालन करता था. लेकिन घर में प्रॉपर्टी को लेकर बड़े भाई और चाचा के साथ लगातार विवाद बना रहता था. स्थिति इतनी बिगड़ गयी कि परिवारवालों ने उनसे हल्दीराम की डिस्ट्रीब्यूटरशिप को छीन लिया. अंकुर ने बताया कि इसी मानसिक तनाव के चलते उसने घर छोड़ने का निर्णय लिया. घर छोड़ने के बाद वह गिरिडीह शहर के एक होटल में आकर रहने लगा, जहां वह करीब तीन महीने तक रहा. इस दौरान वह कार चलाकर गुजारा कर रहा था. लेकिन कुछ दिनों बाद उसने गिरिडीह से बाहर जाने का फैसला लिया और मोबाइल फोन बंद कर लिया. इसी के बाद परिवार ने 29 नवंबर 2024 को मुफस्सिल थाना में अपहरण की शिकायत दर्ज करायी. इधर अंकुर गिरिडीह छोड़ने के बाद दिल्ली में रहा फिर हरियाणा चला गया, जहां एक होटल में काम करने लगा.

परिवार वालों ने पुलिस को किया गुमराह

अंकुर ने बताया कि गिरिडीह छोड़ने के बाद उसने कुछ दिनों तक अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया था, ताकि परिवारवालों से उसका कोई संपर्क न हो सके. कुछ दिनों बाद अंकुर ने नया सिम कार्ड लिया और धीरे-धीरे परिवार के संपर्क में आया. इस दौरान वह अपने चाचा समेत दो-तीन रिश्तेदारों से भी मोबाइल पर बात किया करता था. वहीं दूसरी ओर पुलिस अंकुर अपहरणकांड को सुलझाने को लेकर परेशान थी. घर के लोग बार-बार आंदोलन की धमकी दे रहे थे. धरना भी दिया था. लेकिन जब अंकुर परिजनों के संपर्क में आया तो परिजनों ने पुलिस को इसकी जानकारी तक नहीं दी.

अंकुर की तलाश में गिरिडीह पुलिस ने खंगाले सात राज्य

सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव ने पत्रकारों को बताया कि अंकुर को गायब होने के बाद पुलिस ने दबाव में अपहरण का मामला दर्ज किया और परिजनों के दबाव में पुलिस काफी परेशान रही. इस दौरान पुलिस सूचना के आधार पर सात राज्यों के अलग-अलग इलाके में अंकुर को खंगालते रही. वहीं इस केस के अनुसंधानकर्ता एसआई नंदू पाल तकनीकी साक्ष्य, बैंक ट्रांजैक्शन, कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया मूवमेंट के हर पहलू पर गंभीरता से काम किया. एसडीपीओ ने बताया कि इस दौरान पुलिस को कई झूठे सुराग भी मिले, लेकिन टीम ने हार नहीं मानी और निरंतर जांच जारी रखी. अंततः पुलिस को तकनीकी ट्रैकिंग से यह जानकारी मिली कि अंकुर हरियाणा के फरीदाबाद में रह रहा है. इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने अंकुर को बरामद कर लिया.

आगे भी होगी मामले की जांच : एसडीपीओ

सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव ने बताया कि यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि परिवार को अंकुर के ठिकाने की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने पुलिस को क्यों नहीं बताया और क्यों पुलिस को गुमराह किया गया. उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले की गहनता से आगे भी जांच करेगी जो भी व्यक्ति पुलिस को गुमराह करने में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. कहा कि इस मामले में पुलिस की भूमिका निष्पक्ष और पूरी तरह पेशेवर रही है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

पुलिस को भी चकमा देकर भाग गया था अंकुर

दुर्गापूजा के पूर्व गिरिडीह पुलिस लोकेशन के आधार पर हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार कर अंकुर को ट्रेन से वापस ला रही थी. इस दौरान भी अंकुर पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहा. पुलिस सूत्रों के अनुसार ट्रेन में वह शौच के बहाने वाशरूम गया और इलाहाबाद स्टेशन के पास उतरकर भाग गया. भागने के बाद उसने पुलिस अधिकारियों को एक वीडियो भी भेजा जिसमें बताया कि वह अपने घर वापस लौटना नहीं चाहता है. उसे घर में फिर टार्चर किया जायेगा. मोबाइल ऑफ रहने के कारण अंकुरपुलिस की नजर से ओझल हो गया. लेकिन, जब दूसरा सिम का इस्तेमाल करने लगा तो फिर पुलिस फरीदाबाद के दूसरे लोकेशन से अंकुर को बरामद करने में सफल रही.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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