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झुलस रहा है बदन, सूख रहा है कंठ

Updated at : 29 May 2024 9:36 PM (IST)
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झुलस रहा है बदन, सूख रहा है कंठ

जिले में गर्मी का प्रकोप जारी है. इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. प्रचंड गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. सुबह से लेकर देर शाम तक गर्मी का प्रकाेप रहता है.

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गर्मी का प्रकोप. पारा पहुंचा अधिकतम 45 डिग्री सेल्सियस पर, जनजीवन हो रहा है प्रभावित

गिरिडीह.

जिले में गर्मी का प्रकोप जारी है. इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. प्रचंड गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. सुबह से लेकर देर शाम तक गर्मी का प्रकाेप रहता है. शाम ढलने के बाद लोगों को कुछ राहत मिलती है, लेकिन रात में बिजली गुल होने पर परेशानी और बढ़ जाती है. गर्मी के प्रकोप के कारण लोग बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलते हैं. गर्मी हवा की वजह से बदन झुलस रहा है. लगातार पानी का सेवन करने के बाद भी कंठ सूखता रहता है.

बाजार व सड़कों पर पसरा रहता है सन्नाटा : बुधवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री रहा. सुबह नौ बजे के बाद से लू चलने लगता है. दोपहर में गर्मी परवान पर रहती है. धूप तेज होने की वजह से लोग घरों से बाहर नहीं निकलते हैं. दोपहर के वक्त गिरिडीह शहर समेत ग्रामीण क्षेत्र के बाजार व सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है. कुछ ही लोग बाजार में नजर आते हैं. ग्राहकों के इंतजार में दुकानदार दिन भर अपनी दुकान में बैठे रहते हैं. धूप से बचने के लिए लोग छाता व गमछा का प्रयोग करते हैं. एसी व कूलर वालों को तो परेशानी नहीं होती है, पर जिनके पास ये साधन नहीं हैं, उन्हें काफी दिक्कत होती है. रात में बिजली कटने के बाद लोग पंखा झलकर गर्मी दूर करने की कोशिश करते हैं. ग्रामीण क्षेत्र में लोग पेड़ के नीचे बैठकर सुकून महसूस करते हैं. पिछले कुछ दिनों में गिरिडीह का तापमान 40 से 42 डिग्री के आसपास रहता आ रहा है. अब गर्मी से निजात पाने के लिए बारिश का इंतजार किया जा रहा है. इधर, कई युवा गर्मी से राहत पाने के लिए खंडोली में स्नान करते हैं.

शीतल पेय पदार्थों की बढ़ी मांग : प्रचंड गर्मी की वजह से शीतल पेय पदार्थों की मांग बढ़ गयी है. लाग सत्तू, ईख का जूस समेत आम रस और शिकंजी का सेवन कर रहे हैं. नींबू पानी व आम झोर की भी मांग बढ़ी है. बाजार निकलने वाले लोग शीतल पदार्थों का सेवन अवश्य करते हैं. गिरिडीह जिला की मुख्य सड़कों के किनारे ईख का रस बेचने वाले ठेला लगा कर रहते हैं. राहगीर यहां रुककर जूस सेवन करने के साथ आराम करते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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