पैक्स ने धान खरीदा ही नहीं और कर दिया भुगतान, किसानों को धान के अनुरूप नहीं मिली राशि

Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 26 Jun 2020 6:18 AM

विज्ञापन

जिले के बिरनी प्रखंड में पैक्स के जरिये धान खरीद के भुगतान में गड़बड़ी सामने आयी है. जिन किसानों ने धान बेचा भी नहीं, उनके खाते में भी राशि भेज दी गयी है. वहीं, काफी संख्या में किसानों को उनके बेचे गये धान के अनुरूप राशि का भुगतान नहीं हुआ है.

विज्ञापन

गिरिडीह : जिले के बिरनी प्रखंड में पैक्स के जरिये धान खरीद के भुगतान में गड़बड़ी सामने आयी है. जिन किसानों ने धान बेचा भी नहीं, उनके खाते में भी राशि भेज दी गयी है. वहीं, काफी संख्या में किसानों को उनके बेचे गये धान के अनुरूप राशि का भुगतान नहीं हुआ है. इसके अलावा कई किसान अब भी धान के बदले मिलने वाली राशि से वंचित हैं. जानकारी के अनुसार पैक्स के माध्यम से किसानों से धान खरीद के बादले किसानों को प्रति क्विंटल दो हजार रुपये की दर से भुगतान दिया जाना है.

किसी को ज्यादा तो किसी को मिली कम राशि : गत जनवरी-फरवरी माह में बिरनी पैक्स में 54 किसानों ने 2615 क्विंटल धान बेचा था. इसमें से 25 किसानों का भुगतान अभी रुका हुआ है, जबकि जिन 29 किसानों को भुगतान किया गया है, उनमें से 19 में गड़बड़ी पायी गयी है. बालाजी नामक किसान ने 49 क्विंटल धान पैक्स को बेचा था. उसके खाते में 98 हजार रुपये के बदले 2,24,000 की राशि भेज दी गयी, जबकि धरमी देवी ने 29.62 क्विंटल धान दिया था और उसे 59240 रुपये का भुगतान के बदले मात्र 30,440 रुपये का भुगतान किया गया.

इसी प्रकार लता राय को 144 क्विंटल धान के विरुद्ध 2,88,000 रुपये के बदले 96,220 रुपये, रामसुंदर यादव को 32 क्विंटल धान के विरूद्ध 64,000 रुपये के बदले 49,240 रुपये का, सुनील दत्त राय को 113 क्विंटल धान के विरुद्ध 2,26,000 रुपये के बदले मात्र 32 हजार रुपये का भुगतान किया गया है. इसी प्रकार कई अन्य किसानों के भुगतान में भी गड़बड़ी पायी गयी है. मो रज्जाक अंसारी, रंजीत राय, टुपलाल महतो, आदिल तिवारी, मुरारी राय, पवन कुमार समेत कई किसानों को धान के विरुद्ध अब तक भुगतान तक नहीं मिला.

जिला आपूर्ति कार्यालय को कराया गया है अवगत – पैक्स प्रबंधक : बिरनी पैक्स के प्रबंधक झबसी प्रसाद सिंह का कहना है कि धान खरीद के बाद राशि के भुगतान में कई तरह की गड़बड़ी की गयी है. धान क्रय करने के बाद किसानों का नाम ऑनलाइन भेजा गया है. उनेके बैंक खाते और आइएफएससी कोड भी सही तरीके से भेजे गये हैं, फिर भी भुगतान में गड़बड़ी हुई है.

बताया कि मेघलाल यादव नामक किसान ने 19 क्विंटल धान दिया था. उसके खाते में 38 हजार के बदले 98 हजार रुपये भेज दिये गये. इस तरह की गड़बड़ी कई किसानों के साथ हुई है. 54 किसानों में से 25 किसानों को भुगतान अभी नहीं मिला है. शेष 29 में से मात्र 10 किसानों को ही सही तरीके से भुगतान मिल पाया. कहा कि इस गड़बड़ी से जिला आपूर्ति कार्यालय को भी अवगत करा दिया गया है.

कंप्यूटर इंट्री में हुई है गड़बड़ी, किया जा रहा दुरुस्त – डीएसओ : प्रभारी जिला आपूर्ति पदाधिकारी डाॅ सुदेश कुमार ने कहा कि गिरिडीह जिले में लगभग 4200 किसानों को धान के बदले में राशि का भुगतान किया जाना है, जिसमें से अब तक लगभग तीन हजार किसानों को भुगतान किया जा चुका है. बिरनी पैक्स में भुगतान में गड़बड़ी की शिकायत मिली है. कहा कि कंप्यूटर इंट्री में गड़बड़ी होने के कारण राशि का भुगतान दूसरे के खाते में हुआ है. मामले की जांच करने के बाद सही किसानों को भुगतान करने की प्रक्रिया जारी है. जिन लोगों को भुगतान गलत तरीके से हो गया है, उनके खाते से निकासी पर रोक लगायी गयी है और जिन लोगों ने राशि की निकासी कर ली है, उनलोगों से वसूली की जा रही है.

इधर, भुगतान के लिए लगाना पड़ रहा आॅफिस का चक्कर : बिरनी के किसानों ने धान के बदले भुगतान में हो रहे विलंब और गड़बड़ी को लेकर जिला आपूर्ति कार्यालय से लेकर वरीय अधिकारियों तक को शिकायत की है. कहा कि समस्या के समाधान के लिए वे प्रखंड स्तर से लेकर जिला स्तर तक के कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं. बिरनी प्रखंड के मंझलाडीह गांव के सेवानिवृत शिक्षक व किसान भैरोशरण यादव ने बताया कि भुगतान में भारी अनियमितता की गयी है.

कई किसान जनवरी-फरवरी माह में ही धान पैक्स को बेच चुके हैं, लेकिन उनके खाते में अब तक राशि नहीं आयी है. जब पैक्स और बैंक से जानकारी ली गयी तो पता चला कि कई लोगों का बैंक का नाम गलत है तो कई लोगों का खाता नंबर गलत है और कई लोगों का आइएफसी कोड भी गलत दर्ज कर दिया गया है.

अब जब इसमें सुधार के लिए विभागीय कर्मियों से अनुरोध किया जा रहा है तो वे टाल-मटोल कर रहे हैं. आरोप लगाया कि अवैध उगाही के उद्देश्य से ही यह गड़बड़ी की गयी है ,ताकि ठीक करने के बदले किसानों से राशि वसूली जाए. पवन कुमार, रामचंद्र साव, रवींद्र कुमार, कैलाश कुमार समेत कई किसानों ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच कर किसानों को अविलंब भुगतान किया जाये.

केवल कराया था निबंधन, नहीं बेचा धान

बिरनी के लगभग 10 ऐसे किसान हैं, जिन्हें बिना धान बेचे ही राशि मिल गयी है. बताया जाता है कि इस वर्ष इन लोगों ने पैक्स को धान बेचा भी नहीं था. हालांकि, ऐसे लोगों ने पिछले वित्तीय वर्षों में अपना निबंधन पैक्स में कराकर रखा था. बताया जाता है कि कंप्यूटर ऑपरेटर ने ऐसे लोगों के ही खाते में राशि भेज दी. पवन कुमार नामक किसान का कहना है कि उन्होंने 20.40 क्विंटल धान पैक्स में बेचा था, लेकिन उनके खाते में राशि नहीं पहुंचकर नकुल साव के खाते में राशि चली गयी.

जबकि नकुल साव का देवंती देवी के खाते में राशि चली गयी और देवंती देवी ने धान बेचा तक नहीं था. इसी प्रकार अनीता देवी, गणेश पंडित, हनिफ सईद, मधुसूदन साव, प्रकाश मिस्त्री, रेणु कुमारी सिंह, शंकर पंडित, शंकर यादव, उपेंद्र यादव आदि के खाते में भी बिना धान बेचे ही राशि भेज दी गयी है.

Post by : Pritish Sahay

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola