जैनियों के विश्वप्रसिद्ध तीर्थस्थल मधुबन में पानी के लिए हाहाकार

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पांच दिनों से बंद है मधुबन-पीरटांड़ पेयजलापूर्ति योजना

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पीरटांड़.

सम्मेद शिखर की पावन धरती विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल मधुबन सहित पीरटांड़ के कई इलाकों में शुद्ध पेयजल मुहैया कराने को वर्षों पूर्व प्रारंभ की गयी पेयजलापूर्ति योजना भीषण गर्मी में फेल हो गयी है. विगत पांच दिनों से तकनीकी गड़बड़ी के कारण जलापूर्ति बंद है. इससे मधुबन व चिरकी के लोगों को जल संकट से जूझना पड़ रहा है. राशि के अभाव के कारण मोटर नहीं बन पाया है. बता दें कि घरेलू व संस्थाओं के कनेक्शन को लेकर तीन सौ से अधिक परिवार के लोगों की प्यास बुझा रही जलापूर्ति योजना में लगा मोटर के खराब रहने से जलापूर्ति नहीं हो रही है. इस योजना से मधुबन के दर्जनों संस्थाएं भी जुड़ी हुई हैं. जलापूर्ति योजना बंद रहने से तीर्थयात्रियों को काफी परेशानी हो रही है. मधुबन के कई संस्थाओं से स्थानीय लोग अपनी प्यास बुझा रहे हैं. अहले सुबह से मधुबन में रह रहे लोग पानी की जुगाड़ में लग जाते है. डिब्बा, बाल्टी लेकर महिला पुरुष पानी की व्यवस्था में जुट जाते हैं.

राशि के अभाव में नहीं हो रही मोटर की मरम्मत :

मधुबन पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि निर्मल तुरी ने बताया कि राशि के अभाव के कारण मोटर नहीं बन सका है. जल कर की वसूली की जा रही है. जल्द ही व्यवस्था दुरुस्त की जायेगी. मालूम रहे कि योजना के लिए बराकर नदी किनारे इंटेक वेल बनाया गया है. इंटेक वेल के पास पर्याप्त पानी है, लेकिन मोटर खराब रहने के कारण जलापूर्ति नहीं हो रही है.

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