एएनओ की बहाली नहीं होने से गिरिडीह महाविद्यालय में बंद हो गया एनसीसी का केंद्र

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गिरिडीह महाविद्यालय में वर्षों से संचालित एनसीसी केंद्र बंद हो गया. इस मामले में 22वीं बटालियन के कमांडेंट का पत्र गिरिडीह कॉलेज को पिछले दिनों मिला. बता दें कि गिरिडीह कॉलेज में 1970 से एनसीसी का केंद्र चल रहा है.

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गिरिडीह महाविद्यालय में वर्षों से संचालित एनसीसी केंद्र बंद हो गया. इस मामले में 22वीं बटालियन के कमांडेंट का पत्र गिरिडीह कॉलेज को पिछले दिनों मिला. बता दें कि गिरिडीह कॉलेज में 1970 से एनसीसी का केंद्र चल रहा है. पिछले कई वर्षों से एएनओ यानि असिस्टेंट एनसीसी ऑफिसर के बहाली नहीं होने से एनसीसी के कैडेट्स को प्रशिक्षित करने में परेशानी हो रही थी. कई वर्षों से एएनओ की बहाली का प्रयास भी किया गया, लेकिन उसमें सफलता नहीं मिली. अंतत: एएनओ की बहाली नहीं होने से गिरिडीह कॉलेज में संचालित एनसीसी केंद्र को ही बंद कर दिया गया. एनसीसी केंद्र के बंद होने पर गिरिडीह कॉलेज के छात्रों ने कड़ा विरोध जताया है. छात्र-छात्राओं का कहना है कि एनसीसी के प्रशिक्षण से यहां के छात्रों को काफी लाभ मिल रहा था. सेना की बहाली में गिरिडीह कॉलेज के कई छात्र इसका लाभ भी उठा रहे थे. छात्रों ने महाविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि गिरिडीह कॉलेज में एनसीसी का केंद्र पुन: चालू करने की दिशा में पहल करें.

क्या कहते हैं प्राचार्य

प्राचार्य डॉ अनुज कुमार ने कहा कि जब पत्र उनको प्राप्त हुआ था तब उन्होंने एनसीसी से संबंधित अधिकारियों एवं विभागों को पत्र लिखा था कि गिरिडीह महाविद्यालय से एनसीसी केंद्र को नहीं बंद किया जाये. क्योंकि यहां पर ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के कई बच्चे एनसीसी केंद्र में अग्निवीर, एसएसबी, सीआरपीएफ़ और बीएसएफ़ जैसे अन्य चीज़ों का प्रशिक्षण लेते हैं. पूर्व में एनसीसी के माध्यम से कई बच्चों का सेलेक्शन अलग -लग विभागों में भी हुआ है. कहा कि कॉलेज में एनसीसी केंद्र के लिए एनसीसी क्लास रूम, एनसीसी ऑफिस, दस डमी रायफ़ल्स, प्रशिक्षण के लिए बड़े मैदान आदि हैं और जो भी कमी है, उसे दो महीनों के अंदर पूरी कर ली जायेगी.

2022 से 2024 मार्च तक हो चुका है प्रशिक्षण : प्रो विनीता कुमारी

प्रोफेसर विनीता कुमारी ने बताया कि 2017 से कोई परमानेंट एएनओ नहीं होने के वजह से बच्चों का प्रशिक्षण नहीं हो पा रहा था. इसके बाद 2022 से 2024 मार्च तक में बच्चों को प्रशिक्षण दे रही थी जिसके बाद मुझे ट्रेनिंग करने के लिए कहा गया था, लेकिन मेरी तबियत ख़राब होने की वजह से मैं ट्रेनिंग में नहीं जा पायी और कहा कि मैं अगले साल ट्रेनिंग करने के लिए चले जाऊंगी जिसके बाद मुझे कॉलेज के प्राचार्य ने एनसीसी केंद्र में प्रशिक्षण छोड़ देने को कहा जिसके बाद मैने छोड़ दिया.

पुनः एनसीसी केंद्र को चालू हो : उज्जवल तिवारी

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के ज़िला संजोजक उज्ज्वल तिवारी ने कहा कि गिरिडीह महाविद्यालय में एनसीसी केंद्र बंद होना दुर्भाग्यपूर्ण है. इससे जिले भर के सैकड़ों युवा प्रभावित होंगे. जिस प्रकार से एनसीसी के प्रति राजनीति किया जा रहा है, वह छात्रहित के खिलाफ है. प्राचार्य को भी इसपर विशेष ध्यान देना चाहिए, अन्यथा परिषद एनसीसी केंद्र को पुनः खोलने के लिए आंदोलन करेगी.

क्या कहते हैं एनसीसी कैडेट्स

गिरिडीह कॉलेज मे एनसीसी केंद्र बंद हो जाने से एनसीसी कैडेट्स परेशान है. बंद होने का मुख्य कारण है एएनओ का ना होना और कॉलेज में आपसी राजनीति होना. गिरिडीह कॉलेज में एनसीसी केंद्र में छात्र और छात्रा प्रशिक्षित होकर सेना में जाने का जज्बा रखते हैं और एनसीसी में प्रशिक्षण लेने से सेनाओं की बहाली में छूट मिलती है. लेकिन अब एनसीसी केंद्र बंद हो जाने से हमारा सपना अधूरा रह जायेगा.

– अनिश कुमार, एनसीसी कैडेट

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