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Giridih News: बिना अनुमति होमगार्ड जवान को साथ लेकर घूम रहे हैं धनवार के अंचल अधिकारी

Updated at : 07 Jul 2024 9:30 PM (IST)
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धनवार के अंचल अधिकारी.

Giridih News: झारखंड के गिरिडीह जिले के एक अंचल अधिकारी बिना अनुमति होमगार्ड जवान को लेकर घूम रहे हैं. कथित तौर पर वसूली भी कर रहे हैं.

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Giridih News: गिरिडीह जिले में धनवार के सीओ इन दिनों तरह-तरह के आरोपों में घिर गये हैं. जहां एक ओर बालू और पत्थर की अवैध ढुलाई के मामले में वसूली करने का आरोप उनपर लग रहा है. वहीं तरह-तरह के वीडियो भी वायरल किये जा रहे हैं.

इस बीच यह भी जानकारी मिली है कि धनवार के सीओ गुलजार अंजुम बिना अनुमति के ही होमगार्ड के जवान को साथ लेकर घूम रहे हैं और यह सिलसिला एक लंबे समय से चल रहा है. विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार होमगार्ड के जवान विद्यासागर की स्टेटिक प्रतिनियुक्ति धनवार के अंचल कार्यालय में हुई है. लेकिन सूचना के मुताबिक अंचल अधिकारी टाटा सुमो से जब भी फील्ड में निकलते हैं, तब होमगार्ड के जवान को साथ लेकर चलते हैं.

यह मामला तब विवाद में आया जब गिरिडीह जिले के धनवार में 4 जुलाई को अंचल अधिकारी की मौजूदगी में अंचल कर्मी मनीष कुमार पंडित की पिटाई हुई और इस दौरान होमगार्ड का जवान विद्यासागर भी मौजूद था. इधर, डीएसपी सह होमगार्ड की कमांडेंट अंकिता रॉय ने बताया कि होमगार्ड जवान की प्रतिनियुक्ति सीओ कार्यालय में की गयी थी और उसे बिना वरीय अधिकारियों को सूचित किये विधि व्यवस्था संधारण में नहीं ले जाया जा सकता है.

धनवार के मामले में होमगार्ड विद्यासागर से शो-कॉज किया गया है. सूत्रों ने बताया कि विद्यासागर ने कमांडेंट को बताया है कि वह सीओ गुलजार अंजुम के मौखिक आदेश पर उनके साथ गया था. साथ ही उसका कहना है कि सीओ बराबर उसे अपने साथ ले जाते हैं.

समाज का विशेष वर्ग कर रहा है बदनाम : अंचलाधिकारी

धनवार के अंचलाधिकारी गुलजार अंजुम का कहना है कि वसूली का आरोप सरासर गलत है. एक खास वर्ग, एक खास तबका, एक खास सिंडिकेट मुझे बदनाम करने में लगा हुआ है. ये लोग मेरा ट्रांसफर कराना चाहते हैं. बिना चलान के गिट्टी और बालू का उठाव करने वाले लोग एक सुनियोजित साजिश के तहत मेरे खिलाफ हैं. ऐसे लोग ही सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर रहे हैं.

इधर, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार श्री अंजुम ने वरीय अधिकारियों को जानकारी दी है कि घटना चार जुलाई को हुई और परसन ओपी प्रभारी को उन्होंने व्हाट्स एप्प से आवेदन भी भेजा. लेकिन ओपी प्रभारी द्वारा बताया गया कि व्हाट्स एप्प पर एफआईआर नहीं होता है. साथ ही बताया गया कि थाना प्रभारियों से पुलिस बल की मांग करने पर आनाकानी की जाती है और पुलिस बल काफी विलंब से भेजा जाता है. उन्होंने यह भी कहा है कि पुलिस बल थाना लेने के लिए जाने पर छापामारी से संबंधित सूचनाएं वाहन चालकों को मिल जाती है जिससे जब्ती का कार्य नहीं हो पाता है.

थाना से सहयोग नहीं मिला, तो वरीय अधिकारियों को क्यों नहीं दी जानकारी : एसडीपीओ

सीओ के आरोपों पर खोरीमहुआ के एसडीपीओ नीरज कुमार सिंह ने कहा कि यदि थाना से उन्हें सहयोग नहीं मिल रहा था या नहीं मिल रहा है तो उन्होंने एसडीपीओ या एसपी समेत अन्य वरीय अधिकारियों को जानकारी क्यों नहीं दी. उन्होंने कहा कि सीओ अपने विभाग के भी वरीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दे सकते थे. पुलिस से सहयोग नहीं मिलने पर एसडीएम को भी पत्राचार किया जा सकता था.

श्री सिंह ने कहा कि जब खुद सीओ आरोपों में फंस गये हैं, तो अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यदि सीओ के खिलाफ किसी ने कोई आवेदन दिया है तो उसकी भी जांच होगी. जांच कराने के उपरांत ही विधि सम्मत कार्रवाई की जायेगी.

अवैध बालू-गिट्टी के नाम पर वाहनों की धर-पकड़ की हो उच्चस्तरीय जांच : भाजपा

राजधनवार के भाजपा नेता पवन साव की अगुवाई में रविवार को भाजपाइयों ने एक प्रेस वार्ता कर सीओ गुलजार अंजुम के पांच महीने के कार्यकाल में निर्गत एलपीसी, जमीन ऑनलाइन व अवैध बालू-गिट्टी के नाम पर वाहनों को पकड़े जाने की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. कहा गया कि जब से श्री अंजुम ने धनवार में सीओ का पदभार संभाला है, तब से एक भी दिन नियमित रूप से कार्यालय में बैठकर जनता का काम नहीं करते हैं.

कहा कि पिछले महीनों पचरुखी के एक ट्रैक्टर पकड़ कर बीस हजार रुपये लिया गया था. जब हल्ला होने लगा तो पुनः अपने कर्मी के द्वारा पैसा वापस कर दिया. एक सप्ताह पूर्व बरजो में देर रात पांच गिट्टी लदा ट्रक पकड़ा, जब्ती सूचि भी बनी. लेकिन जब ट्रक संचालकों से लेनदेन तय हो गया तो जब्ती सूचि फट गई, सभी ट्रकों को छोड़ दिया गया. आरोप लगाया कि इनके कार्यकाल में जितने भी तरह की जमीन से संबंधित कार्य हुए हैं, एक भी बिना लेन देन का नहीं हुआ है.

वायरल वीडियो मामले में कहा कि अबुआ आवास लाभुक के पति से सीओ के कर्मी मनीष ने ट्रैक्टर छोड़ने के लिए दस हजार रुपये की मांग की. जब वह रकम नहीं दे पाया तो सीओ व उनके कर्मी दुर्व्यवहार करने लगे. तब, लाभुक के पति के दोस्त बिनोद ने मारपीट की. बताया गया कि सीओ अपने बयान में इस मामले को एक खास समाज के लोगों के द्वारा बदनाम करने की साजिश बता रहे हैं. उन्हें समाज का नाम भी उजागर करना चाहिए.

मौके पर लोगों ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि मामले का निष्पक्ष जांच कर दस दिनों के अंदर सीओ पर कार्रवाई करें, अन्यथा लोग उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे. प्रेस वार्ता में भाजपा के मंडल अध्यक्ष उत्तम गुप्ता, राजेंद्र यादव, प्रधुमन वर्मा, सांसद प्रतिनिधि अशोक राय, महेश राय, शिवनारायण राय, मंटू कुमार पंकज, अजीत रजक, राजेंद्र अग्रवाल, शंभु रजक, रूपलाल दास, मनोज कुमार, रोहित कुमार आदि कई लोग शामिल थे.

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