आरपीएफ हावड़ा ने सभी बच्चियों को चाइल्ड लाइन को सौंपा
परिजनों को वापस लाने में हो रही परेशानी
छोटकी खरगडीहा पंचायत के एक गांव की चार नाबालिग बच्चियां कोलकाता पहुंच गयीं. परिजनों व स्थानीय मुखिया सुनीता देवी, पूर्व मुखिया महेंद्र प्रसाद वर्मा को इसकी जानकारी मिलने के बाद बेंगाबाद थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह को इसकी सूचना दी. थाना प्रभारी ने हावड़ा के वरीय पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया. आरपीएफ की मदद से चारों बच्चियों को हावड़ा स्टेशन से बरामद करते हुए चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को सौंप दिया गया है. इसके बाद परिजन वहां पहुंच गये, लेकिन पांच दिन बीत जाने के बाद भी बच्चियों को सकुशल घर लाने में परिजनों को काफी फजीहत हो रही है. परिजन हावड़ा स्टेशन में रात बिताने को विवश हैं. इस मामले से पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी को अवगत कराया गया. श्री मरांडी ने एसपी को आवश्यक पहल करने का निर्देश दिया है.क्या है मामला
बताया जाता है कि छोटकी खरगडीहा पंचायत के एक गांव की चार बच्चियां आपस में विचार-विमर्श कर दिल्ली में रह रही एक सहेली के पास जाने की तैयारी की. लेकिन, चारों ने घर में इसकी जानकारी नहीं दी. 13 अप्रैल की दोपहर को चारों घर से निकल गयी. 14 अप्रैल को एक अंजान नंबर से परिजनों को फोन कर जानकारी दी गयी कि सभी हावड़ा स्टेशन पर हैं. तत्काल परिजनों ने बेंगाबाद थाना प्रभारी को इसकी सूचना दी. थाना प्रभारी के पहल से सभी को आरपीएफ हावड़ा ने बच्चियों को अपने संरक्षण में ले लिया और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी लिलुआ को सौंप दिया. इधर, परिजन पांच दिनों से हावड़ा में हैं, लेकिन बच्चियों को वापस नहीं ला पा रहे हैं. परिजनों का कहना है कि हावड़ा से गिरिडीह चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को मेल करना है. यहां से सत्यापित होने के बाद ही बच्चियों को उन्हें सौंपा जायेगा. लेकिन, अभी तक मेल नहीं किया गया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

