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जेल के अंदर ही रची गयी थी जेलर प्रमोद कुमार पर कातिलाना हमले की साजिश

Updated at : 05 Jul 2024 11:26 PM (IST)
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जेल के अंदर ही रची गयी थी जेलर प्रमोद कुमार पर कातिलाना हमले की साजिश

गिरिडीह केंद्रीय कारा के तत्कालीन जेलर प्रमोद कुमार पर कातिलाना हमले की साजिश जेल के अंदर ही रची गयी थी. दहशत फैलाने के उद्देश्य से कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू ने तत्कालीन जेल सुपरिटेंडेंट अनिमेष चौधरी और जेलर प्रमोद कुमार को लक्ष्य बनाकर हमला करने की योजना बनायी थी.

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अमन साहू की पहरेदारी कर रहे सजायाफ्ता कैदी लॉकी दास ने हमलावरों से किया था संपर्क

गिरिडीह.

गिरिडीह केंद्रीय कारा के तत्कालीन जेलर प्रमोद कुमार पर कातिलाना हमले की साजिश जेल के अंदर ही रची गयी थी. दहशत फैलाने के उद्देश्य से कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू ने तत्कालीन जेल सुपरिटेंडेंट अनिमेष चौधरी और जेलर प्रमोद कुमार को लक्ष्य बनाकर हमला करने की योजना बनायी थी. बता दें कि 20 जून 2024 को पलामू से केंद्रीय कारा गिरिडीह शिफ्ट होने से पूर्व भी एक बार अमन साहू को गिरिडीह केंद्रीय कारा में लाया गया था. एक अप्रैल 2022 में गिरिडीह जेल में आने के बाद उसने तत्कालीन जेल सुपरिटेंडेंट और जेलर को भी धमकी दी थी. वह जेल के अंदर अतिरिक्त सुविधा चाहता था. उस दौरान भी उसने प्रतिबंधित सुविधाओं के लिए जेल के अधिकारियों पर दबाव बनाया था. विशेष सेल में रखे जाने के कारण अमन साहू के आसपास कोई फटक नहीं पाता था, लेकिन उस दौरान सजायाफ्ता कैदी लॉकी दास को अमन साहू की पहरेदारी में तैनात किया गया था. इसी लॉकी दास के माध्यम से अमन साहू ने जेल के अंदर ही जेलर प्रमोद कुमार पर कातिलाना हमले की साजिश रची. लॉकी दास ही देवघर के आशीष कुमार साह और अहिल्यापुर थाना के मंजेश मंडल से संपर्क कर जेलर पर हमला करवाया था. इसके लिए दो लाख रुपये का आदान-प्रदान भी हुआ.

20 जुलाई 2022 को हुआ था जेलर पर हमला :

मिली जानकारी के अनुसार साजिश रचे जाने के बाद देवघर का आशीष कुमार साह और अहिल्यापुर थाना क्षेत्र का मंजेश मंडल जेलर पर हमले के लिए जेल के आस-पास रेकी किया करता था. 20 जुलाई 2022 को उसने उस वक्त हमला कर दिया, जब जेलर प्रमोद कुमार सरकारी वाहन टाटा सूमो से कोर्ट से वापस जेल आ रहे थे. हालांकि बाद में पुलिस ने आशीष कुमार साह और मंजेश मंडल को गिरफ्तार कर लिया. जेलर पर कातिलाना हमले के मामले में आशीष और मंजेश के अलावे मो. उस्मान, कैलाश मंडल, अमन साहू और लॉकी दास को नामजद अभियुक्त बनाया गया था. इस मामले में पुलिस अनुसंधान के बाद आशीष और मंजेश के खिलाफ आरोप पत्र दायर कर चुकी है. बताया जाता है कि इस मामले में अनुसंधान की प्रक्रिया अंतिम चरण में चल रही है.

कैदी लॉकी दास दूसरे जेल में शिफ्ट :

आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी लॉकी दास ने ही अमन साहू के साथ मिलकर जेलर पर हमले की पूरी साजिश रची थी. चूंकि यह जेल के अंदर अमन साहू के पहरेदारी में लगाया गया था, इसलिए लॉकी दास बराबर संपर्क में रहता था. लॉकी दास को मोटी रकम की लालच दी गयी थी. जेल के सूत्रों ने बताया कि लॉकी के माध्यम से ही आशीष और मंजेश के साथ सूचनाओं का आदान-प्रदान किया गया और उसके बाद जेलर पर हमला की गयी. हमलावरों की गिरफ्तारी के बाद सजायाफ्ता कैदी लॉकी दास को दुमका जेल शिफ्ट कर दिया गया.

इस बार रोटेशन में की जा रही है अमन की पहरेदारी

जेल प्रशासन इस बार अमन के मामले में कोई लापरवाही करना नहीं चाहता. पिछले बार की स्थिति को देखते हुए इस बार अमन साहू के पहरेदारी के तरीके में कई बदलाव किये गये है. अमन की पहरेदारी के लिए एक कारापाल के अलावा जेल के एक कैदी की तैनाती की जाती है. इस बार जेल प्रशासन ने पहरेदारी में रोटेशन का सिस्टम बनाया है. कोई भी पहरेदार लंबे समय तक अमन की पहरेदारी में नहीं रहता. रोटेशन सूची में दस कैदियों को शामिल किया गया है. वहीं उपलब्ध कक्षपाल से भी रोटेशन के माध्यम से पहरेदारी करायी जा रही है. ये लोग अमन साहू की हर गतिविधियों पर नजर रखने का काम करते हैं.

दस शातिर बंदियों को अन्यत्र शिफ्ट करने का प्रस्ताव : मिली जानकारी के अनुसार गैंगस्टर अमन साहू के गिरिडीह में शिफ्ट होने के बाद जेल प्रशासन किसी भी प्रकार का रिस्क को लेने की स्थिति में नहीं है. पिछले बार जेल के अंदर जेलर के ऊपर कातिलाना हमले की साजिश रचने की घटना के बाद इस बार जेल प्रशासन ने वैसे बंदियों को चिह्नित किया है, जो जेल के अंदर अमन साहू के साथ मिलकर विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न कर सकते हैं या कोई साजिश रच सकते हैं. सूची में दस शातिर बंदियों को शामिल कर कारा महानिरीक्षक को एक पत्र भेजा गया है, जिसमें बताया गया है कि ये बंदी संदिग्ध है और भविष्य में अप्रत्याशित घटना घटित होने की संभावना है. इस सूची में इंद्रदेव गिरि, राजेश राय, सुखदेव राय, रामबच्चन तिवारी, मो. नाजिर, नरेश प्रसाद साव, प्रफ्फुल महतो, राहुल यादव, मिथिलेश मंडल और रमेश मंडल उर्फ साकिन दा उर्फ उज्जवल भी शामिल हैं. ये सभी बंदी सजावार है और गिरिडीह केंद्रीय कारा में बंद हैं. बताया जाता है कि इस सूची में कीर्तन यादव का नाम भी शामिल किया गया था, लेकिन कीर्तन यादव को अब बेल मिल गयी है. कारा अधीक्षक द्वारा कारा महानिरीक्षक को भेजे गये पत्र में इन सभी दस शातिर बंदियों को प्रशासनिक अधिकार पर किसी अन्य जेल में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया गया है.

जान से मारने की धमकी मामले में प्राथमिकी दर्ज

जेल सुपरिटेंडेंट हिमानी प्रिया को जान से मारने की धमकी देने के मामले में गिरिडीह मुफस्सिल थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. इस मामले में जेल सुपरिटेंडेंट हिमानी प्रिया ने लिखित शिकायत की थी कि गैंगस्टर अमन साहू और इस गैंग से जुड़े मयंक सिंह ने फोन कॉल और मैसेज कर जान से मारने की धमकी दी है. उन्होंने बताया है कि 28 जून को शाम 6.26 बजे पर व्हाट्एसप मैसेज मोबाइल नंबर 8340500735 से आया था. जो खुद को साहू गैंग का मयंक सिंह बता रहा था. धमकी इसलिए दी गयी कि अमन साहू को जेल के अंदर प्रतिबंधित सुविधाएं भी मिल सके. अमन साहू जेल के अंदर मोबाइल और गांजा की सुविधा चाहता था. उसके इस प्रस्ताव को जेल सुपरिटेंडेंट हिमानी प्रिया ने नकार दिया और कहा था कि जेल मैनुअल के अनुसार ही सुविधाएं दी जायेंगी.

जेलर समेत कई अन्य से पूछताछ

इधर मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस सक्रिय हो गयी है. गिरिडीह सदर के एसडीपीओ विनोद रवानी के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम गिरिडीह केंद्रीय कारा पहुंची और जेलर समेत कई अन्य लोगों से पूछताछ की गयी. जेल सुपरिटेंडेंट हिमानी प्रिया के ट्रेनिंग में बाहर जाने के कारण फिलहाल पुलिस उनसे पूछताछ नहीं की है और उनके लिखित आवेदन पर अनुसंधान का काम शुरू कर दिया है. एसडीपीओ विनोद रवानी ने बताया कि जेल सुपरिटेंडेंट की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है. कई लोगों से पूछताछ भी की गयी है. जेल सुपरिटेंडेंट के ट्रेनिंग से वापस लौटने के बाद उनसे भी पूछताछ की जायेगी.

(राकेश सिन्हा)

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