Giridih News :मसीही समुदाय ने हर्षोल्लास के साथ मनाया ईस्टर संडे
Updated at : 20 Apr 2025 11:18 PM (IST)
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ईस्टर के अवसर पर रविवार को पचंबा सीएनआई चर्च, गांडेय, देवरी, बेलाटांड़ में मसीही समुदाय के धर्मावलंबियों ने प्रार्थना की और एक दूसरे को यीशु मसीह के मरणोपरांत तीसरे दिन जी उठने पर एक-दूसरे को बधाई दी.
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इसाई धर्मावलंबियों ने गिरजाघरों में की प्रार्थना
ईस्टर के अवसर पर रविवार को पचंबा सीएनआई चर्च में मसीही समुदाय के धर्मावलंबियों ने प्रार्थना की और एक दूसरे को यीशु मसीह के मरणोपरांत तीसरे दिन जी उठने को लेकर बधाई दी. गुड फ्राइडे के दिन यीशु मसीह को क्रूस पर चढ़ा दिया गया था. तीसरे दिन यीशु जी उठे और मृत्यु पर जीत पायी. इसी खुशी में मसीही समुदाय ईस्टर पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं. रेव सन्नी दास ने प्रार्थनाकी. उन्होंने बाइबल के माध्यम से संदेश देते हुए कहा कि यीशु मसीह आज भी जीवित हैं और युगाें तक जीवित रहनेवाले हैं. वह फिर आयेंगे और जब तक उनका द्वितीय आगमन नहीं हो जाता, तब तक हम सभी को तैयार रहना है. बाइबल कहता है कि यीशु अपने चाहने और मानने वालों को स्वर्ग राज्य में अपने साथ लेकर जायेंगे. चर्च आराधना के दौरान संडे स्कूल के बच्चों व महिला समिति के सदस्यों ने सामूहिक गीत गाये. प्रार्थना के बाद सभी सभी श्रद्धालुओं को सामूहिक नाश्ता मनोज लाल के परिवार वालों ने करवाया. प्रार्थना के बाद सभी श्रद्धालुओं ने एक दूसरे को ईस्टर की बधाई दी. मसीही समुदाय के लोगों ने अलसुबह कब्रिस्तान में अपने परिजनों की कब्र पर फूल चढ़ाये और मोमबत्ती जलाकर प्रार्थना की. प्रार्थना सभा में संजीव किडर, जोय केशप, ओरबेन सहाय, विलियम जैकब, रंजना जैकब, संचिता मरांडी, झरना दीपाली, केपी मरांडी, सिलास मंडल, सतीश केशप, जिब्राइल मुर्मू, निहार सोरेन, डॉ संजीव कुमार, प्रतुल चौधरी समेत सैकड़ों मौजूद थे.प्रार्थना सभा के साथ प्रभु यीशु के पुनरुत्थान का पर्व ईस्टर संपन्न
प्रभु यीशु के पुनरुत्थान के स्मरण में मनाया जानेवाला पर्व ईस्टर रविवार को मनाया गया. इस दौरान मसीही समुदाय ने प्रभु यीशु के पुनर्जन्म को ले घरों व चर्च में मोमबत्तियां जलायीं और प्रार्थना सभा में शामिल होकर प्रभु यीशु के संदेश को सुना. महेशमुंडा स्थित चर्च में आयोजित प्रार्थना सभा में फादर मसिचरन ने कहा कि ईस्टर केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह आशा, पुनर्जीवन और प्रेम की जीत का प्रतीक है. यह दिन हमें याद दिलाता है कि अंधकार चाहे जितना भी गहरा हो, प्रकाश हमेशा विजयी होता है. कहा कि यीशु मसीह, जिन्होंने मानवता के पापों के लिए क्रूस पर अपने प्राण दे दिये और तीसरे दिन मृत्यु पर विजय पाकर पुनर्जीवित हुए. उनका यह विजय हमें यह विश्वास देता है कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयां क्यों न आये, हम उनसे पार पा सकते हैं. इस दौरान जी उठा प्रभु विजय बनकर, कब्र खाली है समेत अन्य गीतों से गिरजाघर गूंज उठा. मौके पर फादर, सिस्टर समेत काफी संख्या में मसीही समुदाय के लोग मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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