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Giridh News :जन्म-प्रमाणपत्र ऑनलाइन कराने के लिए बाबूलाल मरांडी की भतीजी से मांगे 5000 रुपये

Updated at : 25 Apr 2025 12:10 AM (IST)
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Giridh News :जन्म-प्रमाणपत्र ऑनलाइन कराने के लिए बाबूलाल मरांडी की भतीजी से मांगे 5000 रुपये

Giridh News :झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की भतीजी से जन्म-प्रमाण पत्र ऑनलाइन कराने के लिए एक वकील द्वारा 5000 रुपये मांगने का मामला सामने आया है. पैसा मांगने वाले वकील खोरीमहुआ अनुमंडल न्यायालय में प्रैक्टिस करते हैं.

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खोरीमहुआ अनुमंडल न्यायालय में प्रैक्टिस करनेवाले एक अधिवक्ता ने मांगी राशि

पिछले कई दिनों से पिता संग अनुमंडल कार्यालय का चक्कर लगा रही है ज्योति मरांडी

झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की भतीजी से जन्म-प्रमाण पत्र ऑनलाइन कराने के लिए एक वकील द्वारा 5000 रुपये मांगने का मामला सामने आया है. पैसा मांगने वाले वकील खोरीमहुआ अनुमंडल न्यायालय में प्रैक्टिस करते हैं. बाबूलाल की भतीजी ज्योति मरांडी ने बताया कि उसका जन्म-प्रमाण पत्र बना हुआ है. उसे ऑनलाइन करवाना है. इसके लिए वह अपने पिता संग कई दिनों से अनुमंडल कार्यालय का चक्कर लगा रही है. पांच हजार रुपये नहीं देने के चलते प्रमाणपत्र ऑनलाइन नहीं हो पा रहा है. ज्योति ने सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष की भतीजी का काम अगर बिना रिश्वत का नहीं हो पा रहा है, तो आम जनता की क्या स्थिति है, आप समझ सकते हैं.

एसडीएम बोले : कार्रवाई के लिए राज्य बार काउंसिल से किया जायेगा पत्राचार

इस बीच, मामला संज्ञान में आने पर एसडीएम अनिमेष रंजन ने कार्रवाई की बात कही. श्री रंजन ने गुरुवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि शिकायत मिली है. खोरीमहुआ अनुमंडल न्यायालय में एक अधिवक्ता प्रैक्टिस करते हैं. उन्होंने तिसरी प्रखंड के राधेश्याम मरांडी व उनकी पुत्री ज्योति मरांडी से जन्म-प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पांच हजार रुपये की मांग की है. कहा कि अधिवक्ता के खिलाफ राज्य बार काउंसिल को पत्राचार किया जायेगा. उन पर गैर-विधिक कार्यों में संलिप्त होने और आम नागरिकों से अनुचित व मनमाने तरीके से पैसे मांगने को लेकर अनुशासनात्मक कार्रवाई के बारे में सूचित किया जायेगा. एसडीएम ने कहा कि जन्म तथा मृत्यु-प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए आवश्यक कागजात के साथ ऑनलाइन आवेदन स्थानीय नगर निगम, नगरपालिका, पंचायत कार्यालय या संबंधित सरकारी अस्पताल में किया जाता है, जो 21 दिन में प्राप्त हो जाता है. प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्क है. उन्होंने कहा कि अधिवक्ता या किसी अन्य विधिक पेशेवर द्वारा किसी प्रकार की अनुचित मांग या व्यवहार किया जा रहा है, तो इसकी जानकारी तत्काल अंचल, प्रखंड या अनुमंडल कार्यालय को दें, ताकि त्वरित व निष्पक्ष कार्रवाई की जा सके. मामला संज्ञान में आया है. जांच की जा रही है. संबंधित अधिवक्ता से पूछताछ की जायेगी. यदि दोषी पाये गये, तो प्रावधान के अनुरूप कार्रवाई की जायेगी.

चुन्नूकांत,

सचिव, जिला अधिवक्ता संघ

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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