मुख्य रूप से महासंघ के प्रदेश मुख्य संरक्षक अशोक कुमार सिंह नयन मौजूद थे. श्री नयन ने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मचारियों को न्यायालय ने सरकारी कर्मचारी घोषित किया है. इसके बाद भी भारत सरकार ने दर्जा नहीं दिया है, जिसे लागू करने को लेकर पूरे देश भर में आंदोलन किया जा रहा है. इसी कड़ी में बगोदर में बैठक की गयी है और सभी को इस आंदोलन में हिस्सा लेने का अपील की गयी है.
पेंशन की नहीं मिल रही सुविधा
श्री नयन ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविका को सेवानिवृत्ति के बाद उनके हाथों में पत्र थमा दिया जाता है. उन्हें पेंशन को लेकर आज तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है. इससे उनके सामने जीवनयापन का कोई भी सहारा नहीं रह जाता है. इसको लेकर महासंघ मुख्यमंत्री व केंद्रीय बाल विकास मंत्री से मिला, लेकिन आज तक इस पर कोई पहल नहीं गयी है. इसके लिए लड़ाई जारी रहेगी. मौके पर संघ के प्रदेश महासचिव देवंती देवी, प्रदेश सलाहकार प्रयाग प्रसाद यादव, पुष्पा पटेल, रेखा मंडल, टिंकू गोप, समा परवीन, सुनीता देवी, मुन्नी पांडेय, दुर्गावती देवी, मीना देवी, सरिता देवी, उषा देवी, जयंती देवी, खेमिया देवी समेत बड़ी संख्या में बगोदर प्रखंड के सेविका-सहायिका शामिल थे.
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