एक ओर जहां मधुबन में रात दो बजे से ही लोग पारसनाथ पहाड़ के लिए रवाना हो गये तो वहीं बराकर उत्तरवाहिनी नदी में स्नान कर लोगों ने बाबा भोलेनाथ को जलार्पण किया. इस दौरान चंपानगर एवं बराकर में हजारों लोगों ने वनभोज का आनंद लिया. बराकर नदी तट पर हजारों लोग पिकनिक मनाते दिखे.
सैलानी से श्रद्धालु तक
विदित हो कि मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर मधुबन एवं चंपानगर में तीन दिवसीय मेला लगता है. गुरुवार सुबह से ही लाखों की संख्या में जहां सैलानियों की भीड़ पारसनाथ पहाड़ के लिए रवाना हुई, तो वहीं शाम के वक्त मेले का आनंद लिया. इधर, चंपानगर में स्नान एवं वनभोज के साथ साथ लोगों ने मेले का भी आनंद लिया. चंपानगर मेला में स्थापित भगवान श्री राधा-कृष्ण की पूजा-अर्चना की गयी. इसके बाद पुनर्जागरण मेला समिति की ओर से खिचड़ी का भी वितरण किया गया.
सौ सालों से लग रहा चंपानगर का मेला
बताया जाता है कि चंपानगर में लगभग सौ वर्षों से यह मेला लगता आ रहा है. दूसरी ओर बराकर नदी के तट पर स्थित शिवमंदिर में भी काफी भीड़ देखी गयी. बराकर उत्तर वाहिनी नदी है. मकर संक्रांति के अवसर पर स्नान करने का विशेष महत्व है. मेले में शामिल होने के लिए दूर-दराज इलाकों से लोग पहुंचे थे. इधर, मौके पर पिकनिक मनाने और भ्रमण करने के लिए भी भारी संख्या में लोग बराकर नदी किनारे पहुंचे. बताया जाता है कि चंपानगर मकर संक्रांति मेला दो दिनों तक रहेगा.
सेल्फी प्वाइंट बना बराकर पुल
गिरिडीह-डुमरी मुख्य पथ पर स्थित पुराने बराकर पुल के पास लोग सेल्फी लेते दिखे. हालांकि पुराने पुल से आवागमन निषिद्ध था. पुराने पुल के पास पुलिस तैनात थी. गिरिडीह-डुमरी मुख्य पथ पर स्थित बराकर में बने भव्य एवं आकर्षक जैन मंदिरों को देखने भी लोग नंदप्रभा पहुंचे थे.मधुबन में उमड़ी भीड़
पारसनाथ की खूबसूरत वादियों में मौज-मस्ती व सैर-सपाटे के लिए लाखों लोग गुरुवार तड़के ही मधुबन पहुंचने लगे. यह दौर देर तक चलता रहा. इधर स्थानीय प्रशासन एवं मकर संक्रांति मेला समिति विधि व्यवस्था को लेकर तैनात थी. जगह-जगह पुलिस बल एवं मेला समिति के वॉलेंटियर मुस्तैद दिखे. लगातार मेला समिति अनाउंसमेंट से लोगों काे सहयोग भी कर रही थी. अलग- अलग जगहों पर पार्किंग की व्यवस्था थी. मेला समिति के सदस्य कार्यालय से भी लोगों के सहयोग में तत्पर थे. संगमरमर की आकर्षक कलाकृतियों से बने बेहद खूबसूरत मंदिरों एवं पारसनाथ की अनुपम छटा का आनंद लेने के बाद भीड़ ने मेला का भी खूब लुत्फ उठाया.विधि-व्यवस्था को लेकर बनी रही प्रशासनिक चौकसी
इधर, हरलाडीह ओपी क्षेत्र के अंबाडीह में भी मकर संक्रांति मेला का उद्घाटन हुआ. इस मेला का भी लंबा इतिहास रहा है. विधि-व्यवस्था को लेकर एसडीओ संतोष गुप्ता, बीडीओ मनोज कुमार मरांडी, सीओ ह्रषिकेश मरांडी, मधुबन थाना प्रभारी संजय यादव एवं पीरटांड़ थाना प्रभारी दीपेश कुमार एक्टिव रहे. वहीं मकर संक्रांति मेला समिति के मनोज अग्रवाल, नरेश महतो, गाजो महतो, बालेश्वर महतो, मोहन कर्मकार, प्रकाश साव, विद्याभूषण मिश्रा, पूरन मांझी, अमित चंद्रवंशी, राजकिशोर, झरिलाल महतो, सुरेन्द्र महतो, कामेश्वर महतो, केशव पाठक, विनय कुमार, सफदर अली सहित सैकड़ो लोग सक्रिय रहे.
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