यह तो झांकी है, मई-जून अभी बाकी है
Author Prabhat khabar digital desk
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अप्रैल में ही भीषण गर्मी पड़ने लगी है. लोगों का कहना है कि यह तो झांकी है मई-जून अभी बाकी है. जैसे-जैसे दिन चढ़ रहा है सूरज की तपिश बढ़ जा रही है. गिरिडीह/बेंगाबाद : सूर्य की तपिश, प्रचंड गर्मी और लू के थपेड़ों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. सोमवार को जिले […]
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अप्रैल में ही भीषण गर्मी पड़ने लगी है. लोगों का कहना है कि यह तो झांकी है मई-जून अभी बाकी है. जैसे-जैसे दिन चढ़ रहा है सूरज की तपिश बढ़ जा रही है.
गिरिडीह/बेंगाबाद : सूर्य की तपिश, प्रचंड गर्मी और लू के थपेड़ों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. सोमवार को जिले का तापमान 41 डिग्री पर पहुंच गया. भीषण गर्मी से मुख्य मार्ग व बाजार में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा. लोगों का कहना है कि अप्रैल में यह हाल है तो मई-जून में क्या होगा. इस गर्मी ने बच्चों और बुजुर्गों की परेशानी बढ़ा दी है.
भीषण गर्मी के इस मौसम में शीतल पेय की मांग बढ़ गयी है. लस्सी, सत्तू शर्बत, नींबू शरबत, गन्ना रस समेत तरबूज, खीरा, बेल, आम का बाजार तेज हो चुका है. चौक-चौराहों पर लगाये गये ठेले में लोगों को शीतल पेय के जरिये प्यास बुझाते देखा जा सकता है.
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