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पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता के लिए सामाजिक अंकेक्षण शुरू

Updated at : 04 Feb 2026 9:33 PM (IST)
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पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता के लिए सामाजिक अंकेक्षण शुरू

छह फरवरी से जिलेभर में ग्राम सभा व वार्ड सभा का होगा आयोजन लाभुकों का होगा सत्यापन

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छह फरवरी से जिलेभर में ग्राम सभा व वार्ड सभा का होगा आयोजन लाभुकों का होगा सत्यापन प्रतिनिधि, गढ़वा जिले में संचालित केंद्र प्रायोजित पेंशन योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाने और पात्र लाभुकों का सत्यापन सुनिश्चित करने के लिए सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. उपायुक्त दिनेश यादव के निर्देशानुसार राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत संचालित योजनाओं की धरातलीय स्थिति की जांच की जा रही है. झारखंड सोशल ऑडिट सोसायटी द्वारा जारी कैलेंडर के अनुसार दो फरवरी से सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इसके तहत शुक्रवार से जिले के सभी प्रखंडों, पंचायतों और नगर निकाय क्षेत्रों में ग्राम सभा एवं वार्ड सभा का आयोजन किया जायेगा. इन सभाओं में सामाजिक अंकेक्षण दल द्वारा तैयार की गयी रिपोर्ट पर चर्चा की जायेगी. इसके बाद सर्वसम्मति से चयनित अध्यक्ष की मौजूदगी में रिपोर्ट का सत्यापन कर हस्ताक्षर किये जायेंगे. इन योजनाओं का होगा सामाजिक अंकेक्षण वृद्धा पेंशन योजना विधवा पेंशन योजना दिव्यांग पेंशन योजना राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनाना अनिवार्य उपायुक्त दिनेश यादव ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सामाजिक अंकेक्षण के साथ-साथ सभी चिन्हित लाभुकों का डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनाना अनिवार्य होगा. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ इस कार्य को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया है, ताकि कोई भी पात्र लाभुक योजना से वंचित न रहे. ऐसे होगी सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया सूचना: लाभुकों को ग्राम सभा या वार्ड सभा की जानकारी पहले से दी जायेगी. सत्यापन: सभा में लाभुकों के पेंशन संबंधी अभिलेखों और दस्तावेजों का मिलान किया जायेगा. पंजीकरण: पूरी प्रक्रिया को पंचायत या नगर निकाय के रजिस्टर में विधिवत दर्ज किया जायेगा. जिम्मेदारी: पंचायत सचिव एवं नगर निकाय कर्मियों को कार्य के सफल संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गयी. कोट उपायुक्त ने कहा कि सामाजिक अंकेक्षण का मुख्य उद्देश्य योजनाओं में जवाबदेही तय करना और पात्र लाभुकों को उनका हक दिलाना है. इससे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और लाभुकों से संबंधित आंकड़ों का सही सत्यापन संभव हो सकेगा. दिनेश यादव, उपायुक्त

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Akarsh Aniket

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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