गढ़वा का ‘मॉडल’ बना रंका सीएचसी, जिला अस्पताल जैसी सुविधाओं से लैस

Published by :KumarVishwat Sen
Published at :14 Apr 2026 9:01 AM (IST)
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Garhwa News

गढ़वा के रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज करते प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ असजद अंसारी. फोटो: प्रभात खबर

Garhwa News: गढ़वा का रंका सीएचसी मॉडल स्वास्थ्य केंद्र बनकर उभरा है, जहां जिला अस्पताल जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, डायलिसिस यूनिट, एमटीसी और सर्जरी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है. यह ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा सुधार है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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गढ़वा से अविनाश सिंह की रिपोर्ट

Garhwa News: झारखंड में गढ़वा जिले का रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) आज पूरे पलामू प्रमंडल की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है. यहां जिस तरह से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया गया है, उसने इसे एक साधारण सीएचसी से आगे बढ़ाकर लगभग जिला अस्पताल जैसी सुविधाओं वाला केंद्र बना दिया है. केंद्र सरकार के आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत किए गए सुधारों का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है.

आकांक्षी जिला कार्यक्रम से बदली तस्वीर

रंका सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की प्रक्रिया आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत तेज की गई. इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना है. रंका में इस पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं. यहां अब मरीजों को प्राथमिक उपचार से लेकर जटिल स्वास्थ्य सेवाओं तक का लाभ स्थानीय स्तर पर ही मिलने लगा है, जिससे उन्हें जिला मुख्यालय या बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ता.

राज्य स्तर पर मिली पहचान

रंका सीएचसी की उपलब्धियों ने इसे राज्य स्तर पर पहचान दिलाई है. खासतौर पर बंध्याकरण के क्षेत्र में इस केंद्र ने पूरे झारखंड में दूसरा स्थान हासिल किया है. एक वर्ष के भीतर यहां 1018 सफल ऑपरेशन किए गए, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है. इस प्रदर्शन के लिए केंद्र को राज्य स्तर पर सम्मानित भी किया गया. इस उपलब्धि में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा है.

नेतृत्व और टीम वर्क ने बदली व्यवस्था

इस अस्पताल के कायाकल्प के पीछे प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. असजद अंसारी की अहम भूमिका मानी जा रही है. वर्ष 2023 में जब उन्होंने यहां जिम्मेदारी संभाली थी, तब अस्पताल की स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण थी. उस समय केवल दो डॉक्टर कार्यरत थे, जिनमें डॉ. अंसारी और उनकी पत्नी डॉ. मजहबी शामिल थीं. सीमित संसाधनों के बावजूद दोनों ने मिलकर अस्पताल की व्यवस्था सुधारने की दिशा में काम शुरू किया. धीरे-धीरे टीम का विस्तार हुआ और आज यहां पांच डॉक्टरों की एक सशक्त टीम कार्यरत है.

मरीजों के लिए बढ़ी सुविधाएं

रंका सीएचसी में अब मरीजों के लिए सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है. अस्पताल में स्वच्छता, व्यवस्था और मरीजों के अनुकूल माहौल बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है. अब यहां आसपास के क्षेत्रों के अलावा छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों से भी मरीज इलाज के लिए आने लगे हैं. इससे यह स्पष्ट होता है कि रंका सीएचसी क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है.

भविष्य की योजनाएं और विस्तार

अस्पताल प्रशासन की ओर से भविष्य में कई महत्वपूर्ण योजनाएं तैयार की गई हैं. जल्द ही यहां कैंटीन की सुविधा शुरू की जाएगी, ताकि मरीजों के परिजनों को भोजन और अन्य जरूरतों के लिए बाहर न जाना पड़े. इसके अलावा कुपोषण उपचार केंद्र (एमटीसी) और डायलिसिस यूनिट स्थापित करने की भी योजना है. डीपीएम गौरव कुमार के अनुसार, ब्लड बैंक की स्थापना के लिए विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है. ब्लड बैंक शुरू होने के बाद यहां सिजेरियन और अन्य जटिल सर्जरी भी संभव हो सकेगी.

स्वास्थ्य सेवाओं के आंकड़ों में सुधार

रंका सीएचसी की प्रगति को आंकड़ों के आधार पर भी देखा जा सकता है. यहां हर महीने औसतन 250 से 300 सामान्य प्रसव कराए जा रहे हैं. इसके अलावा 60 सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन किए गए हैं. बंध्याकरण कार्यक्रम में यह केंद्र राज्य में दूसरे स्थान पर है, जो इसकी कार्यक्षमता और दक्षता को दर्शाता है. ये आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में भी बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं.

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी का विजन

डॉ. असजद अंसारी ने बताया कि जब उन्होंने 2023 में जिम्मेदारी संभाली थी, तब संसाधनों की कमी और कई चुनौतियां थीं. उनका उद्देश्य था कि ग्रामीण मरीजों को इलाज के लिए शहरों की ओर न भागना पड़े. उन्होंने कहा कि टीमवर्क और समर्पण के कारण ही आज रंका सीएचसी राज्य स्तर पर अपनी पहचान बना पाया है. उनका लक्ष्य है कि इस केंद्र को एक ऐसा विश्वास केंद्र बनाया जाए जहां हर गरीब मरीज को निजी अस्पतालों से बेहतर और सम्मानजनक इलाज मुफ्त में मिल सके.

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गढ़वा जिले का सबसे मजबूत स्वास्थ्य केंद्र

गढ़वा जिले में रंका सीएचसी अब सबसे सुव्यवस्थित और तेजी से विकसित हो रहा स्वास्थ्य केंद्र बन चुका है. प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में इसे और भी अत्याधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाएगा. डायलिसिस, एमटीसी और अन्य सेवाओं के जुड़ने के बाद यह केंद्र पूरे क्षेत्र के लिए एक मॉडल स्वास्थ्य संस्थान बन जाएगा. यह पहल ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है.

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लेखक के बारे में

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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