भानु प्रताप शाही का हेमंत सरकार पर तीखा हमला, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल

Updated:
विज्ञापन

झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री भानु प्रताप शाही. फोटो: प्रभात खबर

Garhwa News: भानु प्रताप शाही ने हेमंत सरकार और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर तीखा हमला बोला. गढ़वा सदर अस्पताल की बदहाली और एंबुलेंस की कमी को लेकर सरकार की आलोचना की गई. उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था को विफल बताया. एक मरीज को ठेले पर अस्पताल ले जाने की घटना भी सामने आई. इससे जुड‍़ी खबर नीचे पढ़ें.

विज्ञापन

गढ़वा से अविनाश सिंह की रिपोर्ट

Garhwa News: गढ़वा में झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही ने राज्य की हेमंत सरकार और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है. उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और सरकार की कार्यशैली पर निशाना साधा है. उनके बयान के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है.

आपके शहर में

विज्ञापन

बाबा साहेब अंबेडकर के नाम पर सरकार को घेरा

भानु प्रताप शाही ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि आज पूरा देश बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती मना रहा है, जिन्होंने समाज के शोषित और वंचित वर्गों को गरिमा के साथ जीने का अधिकार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड की वर्तमान सरकार में गरीबों का वही हक छीना जा रहा है, जो संविधान ने उन्हें दिया है.

स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर सीधा हमला

भाजपा नेता ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है. उन्होंने इस स्थिति को बेहद शर्मनाक बताया और कहा कि सरकार जनता को मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं देने में विफल साबित हो रही है.

गढ़वा सदर अस्पताल की स्थिति पर सवाल

इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में गढ़वा सदर अस्पताल की बदहाल स्थिति भी सामने आई है. एक स्थानीय समाचार माध्यम द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट को साझा करते हुए भानु प्रताप शाही ने कहा कि अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं की कमी गंभीर चिंता का विषय है.

एंबुलेंस न मिलने से मरीज को ठेले पर ले जाने की घटना

रिपोर्ट के अनुसार, गढ़वा सदर अस्पताल में एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने के कारण एक मजबूर बेटे को अपनी बीमार मां को ठेले पर लादकर अस्पताल पहुंचाना पड़ा. यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गई. इस घटना ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

सरकारी दावों और जमीनी हकीकत में अंतर

भानु प्रताप शाही ने कहा कि सरकार लगातार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है. अस्पतालों में संसाधनों की कमी, डॉक्टरों की अनुपलब्धता और आपातकालीन सेवाओं की विफलता आम जनता के लिए परेशानी का कारण बन रही है.

इसे भी पढ़ें: पांच साल बाद झारखंड लौटे इंद्रजीत महतो, हैदराबाद से एयरलिफ्ट कर रांची लाए गए पूर्व विधायक

राजनीतिक बयानबाजी से बढ़ी हलचल

इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. भाजपा और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. विपक्ष सरकार की स्वास्थ्य नीति को असफल बता रहा है, जबकि सरकार की ओर से इस मामले पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

इसे भी पढ़ें: धान खरीद और प्रशासनिक तालमेल पर वीडी राम का बयान, राज्य सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola