मेराल-भवनाथपुर रेलखंड पर यात्री ट्रेन की मांग तेज, 15 दिन में पहल नहीं तो आंदोलन

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15 दिन में पहल नहीं हुई तो आंदोलन तेज करेंगे ग्रामीण | Prabhat Khabar Network

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10 गांवों के ग्रामीणों ने मेराल-भवनाथपुर-चोपन रेलखंड पर यात्री ट्रेन चलाने की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने की तैयारी की है. 15 दिनों में पहल न होने पर आंदोलन को व्यापक बनाने की चेतावनी दी गई है.

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मझिआंव (गढ़वा): मेराल-भवनाथपुर-चोपन रेलखंड पर यात्री ट्रेन का परिचालन शुरू कराने की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने की तैयारी शुरू हो गई है. मझिआंव प्रखंड की पुरहे पंचायत के दवनकरा गांव में रेलवे लाइन के किनारे मेराल-भवनाथपुर-चोपन रेल चलाओ संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीणों की बैठक हुई. इसमें मझिआंव, मेराल, विशुनपुरा और भवनाथपुर प्रखंड के आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए. ग्रामीणों ने रेल मंत्री के नाम मांग पत्र भेजकर रेलखंड पर यात्री ट्रेन का परिचालन शुरू कराने की मांग की.

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बैठक में दवनकरा, पुरहे, कदमा, विशुनपुरा, मेराल, भवनाथपुर, सोनडीहा और सलाईबनवा समेत आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने रेल सेवा शुरू करने की मांग उठाई. इस दौरान आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति पर भी चर्चा की गई.

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रेल सेवा शुरू होने से इन लोगों को मिलेगा लाभ

ग्रामीणों ने कहा कि यात्री ट्रेन का परिचालन शुरू होने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सुविधा होगी. खासकर छात्रों, मजदूरों, किसानों, छोटे कारोबारियों और मरीजों को इसका लाभ मिल सकता है. ग्रामीणों के अनुसार, वर्तमान में क्षेत्र के लोगों को गढ़वा, रांची, डालटनगंज, चोपन और वाराणसी समेत अन्य स्थानों की यात्रा के लिए मुख्य रूप से सड़क मार्ग पर निर्भर रहना पड़ता है. ग्रामीणों ने यात्री ट्रेन की मांग को क्षेत्र के आर्थिक विकास से भी जोड़ा. उनका कहना था कि रेल सुविधा मिलने से भवनाथपुर क्षेत्र के खनन, रेहला के औद्योगिक क्षेत्र और सलाईबनवा क्षेत्र से जुड़े कारोबार को परिवहन की सुविधा मिल सकती है. हालांकि, बैठक में इससे होने वाले संभावित आर्थिक लाभ से संबंधित कोई आधिकारिक आंकड़ा प्रस्तुत नहीं किया गया.

करीब 35 किमी पुराने रेलखंड का दिया हवाला

मांग पत्र में ग्रामीणों ने कहा कि मेराल से भवनाथपुर तक करीब 35 किमी का रेलखंड पहले से मौजूद है. ग्रामीणों के अनुसार, इस रेलखंड का पूर्व में माल ढुलाई के लिए उपयोग होता रहा है, लेकिन फिलहाल परिचालन बंद है. उनकी मांग है कि उपलब्ध रेल ढांचे का उपयोग करते हुए यात्री सेवा शुरू करने की संभावनाओं पर रेलवे विचार करे. साथ ही मेराल-भवनाथपुर रेलखंड को आगे चोपन से जोड़ने की दिशा में भी पहल की जाए.

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15 दिन में पहल नहीं हुई तो आंदोलन होगा व्यापक

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 15 दिनों के भीतर रेल मंत्रालय की ओर से सकारात्मक पहल नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा. इसके तहत रेलवे ट्रैक के किनारे शांतिपूर्ण धरना, प्रखंड मुख्यालयों पर प्रदर्शन और सांसद-विधायकों को ज्ञापन सौंपने जैसे कार्यक्रम किए जाने की बात कही गई.

बैठक की अध्यक्षता संघर्ष समिति के संयोजक सतीश कुमार यादव ने की, जबकि आयोजन कुंदन विश्वकर्मा ने किया. मौके पर विशुनपुरा सांसद प्रतिनिधि अवध बिहारी गुप्ता, विशुनपुरा रेल चलाओ कमेटी के अध्यक्ष नवल गुप्ता और भवनाथपुर कमेटी के सचिव राजमोहन यादव सहित कई लोग मौजूद थे. बैठक में सुरेंद्र यादव, ददई पासवान, श्रीराम रवि, सुमेर विश्वकर्मा, नवल विश्वकर्मा, प्रियरंजन विश्वकर्मा, महेंद्र सिंह, अखिलेश पासवान, लक्ष्मण पासवान, अयोध्या पासवान, नीरज दुबे, सुरेश पासवान, भुनेश्वर पासवान, मंटू यादव, गोबिंद पासवान, दिलीप विश्वकर्मा, भोला विश्वकर्मा और विद्यानंद यादव समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.

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