गैर दलीय नगर निकाय चुनाव में दलीय सियासत चरम पर
Published by : Akarsh Aniket Updated At : 14 Feb 2026 9:49 PM
गढ़वा और मेदिनीनगर में भाजपा–झामुमो के दिग्गज मैदान में उतरे
गढ़वा और मेदिनीनगर में भाजपा–झामुमो के दिग्गज मैदान में उतरे वरीय संवाददाता, गढ़वा झारखंड में गैर-दलीय आधार पर हो रहे नगर निकाय चुनाव अब पूरी तरह दलीय रंग में रंग चुके हैं. स्थानीय मुद्दों से शुरू हुआ चुनावी अभियान अब राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय नेताओं के शक्ति प्रदर्शन का मंच बन गया है. गढ़वा और मेदिनीनगर में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए भाजपा और झामुमो ने अपने प्रमुख नेताओं को सक्रिय कर दिया है. मिशन गढ़वा की सफलता के लिए अरुण सिंह आज करेंगे बैठक भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह रविवार को गढ़वा पहुंच रहे हैं. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ रणनीतिक बैठक करेंगे और चुनावी समीकरणों पर चर्चा करेंगे. पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रचार अभियान को धार करने के लिए भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास का भी समय मांगा है. उनका कार्यक्रम जल्द तय होने की संभावना है. स्थानीय स्तर से मिले फीडबैक के बाद पार्टी नेतृत्व ने बड़े चेहरों को मैदान में उतारने का निर्णय लिया है. भाजपा ने पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही को पलामू प्रमंडल का चुनाव प्रभारी बनाकर अहम जिम्मेदारी सौंपी है. वे इन दिनों मेदिनीनगर में डेरा डाले हुए हैं और कार्यकर्ताओं को एकजुट कर समर्थित प्रत्याशियों के पक्ष में गोलबंदी कर रहे हैं. उनके साथ प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह, विधायक डॉ कुशवाहा शशिभूषण मेहता और विधायक आलोक चौरसिया भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. मेदिनीनगर मेयर सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला मेदिनीनगर नगर निगम की मेयर सीट इस बार सबसे चर्चित सीट बन गयी है. भाजपा ने अपनी समर्थित प्रत्याशी अरुणा शंकर को जीत दिलाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है. झामुमो ने पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष पूनम सिंह पर दांव लगाया है. वहीं कांग्रेस के पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी की पुत्री नम्रता त्रिपाठी के मैदान में उतरने से मुकाबला और रोचक हो गया है. गढ़वा में अंदरूनी चुनौती और सियासी घमासान गढ़वा में भाजपा के सामने चुनौतियां कम नहीं हैं. पार्टी से बगावत कर चुनाव मैदान में उतरे अलखनाथ पांडेय को लेकर संगठन के भीतर चर्चा तेज है. गढ़वा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी लगातार अलखनाथ पांडेय के खिलाफ राजनीतिक रूप से हमलावर हैं. वहीं स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि सांसद वीडी राम समर्थित प्रत्याशी कंचन जायसवाल के पक्ष में रोड शो करें, तो चुनावी माहौल और मजबूत हो सकता है. झामुमो के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई झामुमो इस चुनाव को अपनी सियासी वापसी के अवसर के रूप में देख रहा है. वर्ष 2019 में गढ़वा विधानसभा सीट पर जीत दर्ज करने वाले पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर को 2024 में पराजय का सामना करना पड़ा था, जब सत्येंद्र नाथ तिवारी ने सीट अपने नाम कर ली. अब मिथिलेश ठाकुर पूरी सक्रियता के साथ पार्टी समर्थित प्रत्याशी संतोष केसरी के समर्थन में चुनाव प्रचार कर रहे हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










