संतुलित उर्वरक उपयोग से बढ़ेगी पैदावार, कम होगी लागत: जेराई

कृषि विज्ञान केंद्र ने मडवनिया गांव में किसानों को दी वैज्ञानिक खेती की जानकारी
कृषि विज्ञान केंद्र ने मडवनिया गांव में किसानों को दी वैज्ञानिक खेती की जानकारी प्रतिनिधि, गढ़वा कृषि विज्ञान केंद्र के ओर से रमना प्रखंड के मडवनिया गांव में संतुलित उर्वरक उपयोग पर जागरूकता अभियान चलाया गया. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को मिट्टी की सेहत सुधारने, उर्वरकों के सही अनुपात और प्राकृतिक खेती के लाभों से अवगत कराना था. कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान महेश चंद्र जेराई ने कहा कि किसान अंधाधुंध रासायनिक खादों का प्रयोग बंद करें. उर्वरकों का उपयोग हमेशा मृदा स्वास्थ्य कार्ड की सिफारिशों के आधार पर ही करना चाहिए. केवल रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता मिट्टी के लिए हानिकारक है. जैविक खाद और हरी खाद के समन्वय से मिट्टी की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है. मिट्टी जांच से पोषक तत्वों की सही मात्रा का पता चलता है, जिससे खेती की लागत घटती है और मुनाफा बढ़ता है. एसआरएफ नवलेश कुमार ने किसानों को तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि नाइट्रोजन (यूरिया) का प्रयोग एक बार में न करके दो से तीन किस्तों में करना चाहिए. केवल यूरिया के बजाय नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश के संतुलित मिश्रण के उपयोग बेहतर हैं .विशेषज्ञों ने किसानों को खरपतवार नियंत्रण के प्रति भी सचेत किया.इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय प्रगतिशील किसान मौजूद थे.
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