अस्पताल गेट पर ढाई घंटे पड़ा रहा शव

Published at :09 May 2017 9:16 AM (IST)
विज्ञापन
अस्पताल गेट पर ढाई घंटे पड़ा रहा शव

बंशीधरनगर : ट्रॉमा सेंटर में संचालित अनुमंड़लीय अस्पताल में सोमवार को धुरकी मुख्य बाजार निवासी बचउ कोरवा का पुत्र कन्हाई कोरवा (30) का शव ढ़ाई घटे तक पड़ा रहा. हंगामा के बाद अस्पतालकर्मियों ने कन्हाई के शव को घर भेजने की व्यवस्था की, लेकिन एंबुलेंस में डीजल नहीं था. इसके बाद आनन फानन में एंबुलेंस […]

विज्ञापन

बंशीधरनगर : ट्रॉमा सेंटर में संचालित अनुमंड़लीय अस्पताल में सोमवार को धुरकी मुख्य बाजार निवासी बचउ कोरवा का पुत्र कन्हाई कोरवा (30) का शव ढ़ाई घटे तक पड़ा रहा. हंगामा के बाद अस्पतालकर्मियों ने कन्हाई के शव को घर भेजने की व्यवस्था की, लेकिन एंबुलेंस में डीजल नहीं था. इसके बाद आनन फानन में एंबुलेंस में डीजल डालकर कन्हाई कोरवा के शव को उसके घर भेजा गया.

क्या था मामला
मृतक कन्हाई कोरवा की पत्नी किरण देवी ने बताया कि पति रविवार कि शाम शादी समारोह में गया था. सोमवार की सुबह करीब आठ बजे समारोह से लौटकर कन्हाई सो गया. काफी देर बाद जब नहीं उठा तो उसे जगाने का प्रयास किया. इसके बाद कन्हाई की स्थिति गंभीर देख उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धुरकी में इलाज के लिए भरतीकराया गया. चिकित्सक ने कन्हाई की स्थिति को देखते हुए सदर अस्पताल गढ़वा रेफर कर दिया.
धुरकी से गढ़वा जाने के क्रम में बंशीधरनगर पहुंचने से पूर्व ही कन्हाई ने दम तोड़ दिया. एंबुलेंस चालक ने कन्हाई के शव को अनुमंडलीय अस्पताल के गेट के समीप उतार कर धुरकी चला गया. इसके बाद कन्हाई के ससुर व पत्नी ने शव को अस्पताल के बरामदा में रखा. अस्पताल में उपस्थित चिकित्सक डॉ सुचित्र कुमारी ने कन्हाई को मृत घोषित कर दिया. सुचित्र कुमारी ने मृतक की पत्नी को आर्थिक सहयोग के रूप में दो सौ रुपये देकर शव को घर ले जाने को कहा.
कन्हाई कोरवा की पत्नी और ससुर के पास पैसे नहीं होने के कारण वे शव को घर ले जाने में असमर्थ थे. डॉ सुचित्र द्वारा दिये गये दो सौ रुपये लेकर कन्हाई के ससुर ने टेंपो की व्यवस्था करने के लिए काफी भाग दौड़ की, लेकिन कोई टेंपो चालक इतने पैसे में शव ले जाने को तैयार नहीं हुआ.
अस्पताल में लोगों ने किया हंगामा
ढाई घंटे तक अस्पताल में शव पड़े रहने पर अस्पताल में उपस्थित लोगों ने हंगामा किया. काफी हंगामे के बाद अस्पताल के एंबुलेंस से शव भेजने केे लिए अस्पताल कर्मी तैयार हुए, तो एंबुलेंस में डीजल ही नहीं था. आनन फानन में एंबुलेंस में डीजल भरवाकर कन्हाई के शव को धुरकी स्थित पैतृक आवास भेजा गया.
क्या कहते अस्पताल के उपाधीक्षक
अस्पताल के उपाधीक्षक आर द्विवेदी ने कहा कि घर के लोगों की जिम्मेवारी होती है कि वे अपना परिजनों का शव ले जायें अन्यथा उनके पास पैसा नहीं है तो अस्पताल प्रबंधन से कहे. अगर संभव होगा तो अस्पताल प्रबंधन शव भेजने का व्यवस्था करेगा.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola