समाहितकरण योजना लाभकारी : अखिलेश

Published at :30 Nov 2015 6:43 PM (IST)
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समाहितकरण योजना लाभकारी : अखिलेश

समाहितकरण योजना लाभकारी : अखिलेश वाणिज्य कर उपायुक्त ने व्यवसायियों के साथ बैठक की 30जीडब्ल्यूपीएच 2-बैठक में उपस्थित चेंबर के पदाधिकारी प्रतिनिधि, गढ़वा. स्थानीय ज्ञान निकेतन स्कू ल में गढ़वा चेंबर व कॉमर्स द्वारा वाणिज्य कर विभाग के पलामू अंचल प्रभारी के साथ व्यवसायियों की बैठक आयोजित की गयी. इस बैठक में अंचल प्रभारी वाणिज्य […]

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समाहितकरण योजना लाभकारी : अखिलेश वाणिज्य कर उपायुक्त ने व्यवसायियों के साथ बैठक की 30जीडब्ल्यूपीएच 2-बैठक में उपस्थित चेंबर के पदाधिकारी प्रतिनिधि, गढ़वा. स्थानीय ज्ञान निकेतन स्कू ल में गढ़वा चेंबर व कॉमर्स द्वारा वाणिज्य कर विभाग के पलामू अंचल प्रभारी के साथ व्यवसायियों की बैठक आयोजित की गयी. इस बैठक में अंचल प्रभारी वाणिज्य कर उपायुक्त अखिलेश शर्मा उपस्थित थे. इस मौके पर श्री शर्मा ने वाणिज्य कर विभाग के अंतर्गत निबंधन, छोटे खुदरा व्यवसायियों के लिये समाहितकरण योजना में निबंधन के लाभ, कर समाधान योजना 2015, वैट अधिनियम के अधिनियमों, प्रोफेशनल टैक्स, प्रस्तावित जीएसटी कर प्रणाली आदि विषयों पर व्यवसायियों को विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सलाना पांच लाख की बिक्री करनेवाले अथवा राज्य के बाहर से माल लाकर व्यवसाय करनेवाले व्यवसायी वाणिज्य कर विभाग के अंतर्गत निबंधन के लिये योग्य होते हैं. निबंधित व्यवसायियों को बैंक से ऋण प्राप्त करने, सरकारी संस्थाओं में समान की आपूर्ति करने, राज्य के बाहर से कम दर पर माल खरीद करने, माल के परिवहन के लिये रोड परमिट का प्रयोग करने, आइटीसी की सुविधा के तहत माल को अनिबंधित व्यवसायी की तुलना में कम दर पर प्राप्त करने, अच्छे कंपनी का डीलरशीप प्राप्त करने आदि की सुविधा होती है. उपायुक्त ने बताया कि वाणिज्य कर विभाग के समाहितकरण योजना में छोटे खुदरा व्यवसायियों को निबंधन के कई लाभ हैं. ऐसे व्यवसायी जिनकी सलाना बिक्री 25 लाख रुपये तक है, वे समाहितकरण के अंतर्गत निबंधन कराते हैं, तो उनको आधा प्रतिशत कर का भुगतान तीन महीने पर करना होगा और साल में एक वार्षिक विवरणी दाखिल करनी होगी. ऐसे व्यवसायियों का कोई असेस्मेंट नहीं होगा और न ही उनके दुकान का निरीक्षण विभागीय पदाधिकारियों द्वारा किया जायेगा. निबंधन में उन्हें कई प्रकार की छूट मिलेगी, लेकिन राज्य के बाहर से माल की खरीद-बिक्री करनेवाले शराब के व्यवसायी व विनिर्माता को समाहितकरण की सुविधा देय नहीं होगी. कर समाधान योजना 2015 के अनुसार 2005-06 तक के मूल बकाये का पूर्ण भुगतान एवं शास्ति का मात्र 10 प्रतिशत भुगतान करने पर 90 प्रतिशत शास्ति को माफ किया जायेगा. इस योजना के तहत आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर तक है, जबकि बकाया राशि का भुगतान 28 फरवरी 2016 तक किया जा सकेगा. उपायुक्त ने वैट एक्ट के कु छ महत्वपूर्ण धाराओं व नियमों के संबंध में भी व्यवसायियों को जानकारी दी. बैठक की अध्यक्षता चैंबर के पूर्व अध्यक्ष विनोद कमलापुरी एवं संचालन महामंत्री राजकुमार सोनी ने किया. इस मौके पर पूर्व अध्यक्ष अजय कांत पाठक, सर्राफा संघ के अध्यक्ष भुवनेश्वर नाथ सोनी, चेंबर उपाध्यक्ष पंचम सोनी, व्यवसायी नंद कुमार गुप्ता,राकेश बाबू सरार्फ, मनोज केसरी, राजेश बाबू सरार्फ, एमपी केसरी, रजनीश कु मार, मनीष कमलापुरी, रामदेव सिंह, संतोष गुप्ता आदि उपस्थित थे.

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