38 करोड़ की जलापूर्ति योजना के लिए नहीं मिल रहे हैं संवेदक

Updated at : 30 Nov 2018 7:54 AM (IST)
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38 करोड़ की जलापूर्ति योजना के लिए नहीं मिल रहे हैं संवेदक

गढ़वा : गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में व्याप्त पेयजल की समस्या के निदान को लेकर वर्ष 2013 में 38 करोड़ रुपये की लागत से वृहत शहरी पाइप लाइन पेयजलापूर्ति योजना का शुभारंभ किया गया था़ इसके लिए दिल्ली की कंपनी एसएमएस पर्यावरण लिमिटेड के साथ एकरारनामा किया गया था. लेकिन छह साल होने को आये […]

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गढ़वा : गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में व्याप्त पेयजल की समस्या के निदान को लेकर वर्ष 2013 में 38 करोड़ रुपये की लागत से वृहत शहरी पाइप लाइन पेयजलापूर्ति योजना का शुभारंभ किया गया था़ इसके लिए दिल्ली की कंपनी एसएमएस पर्यावरण लिमिटेड के साथ एकरारनामा किया गया था. लेकिन छह साल होने को आये उक्त योजना अधर में लटकी हुई है़
उसमें मात्र 37 प्रतिशत काम ही किया जा सका है. इस दौरान दिल्ली की कंपनी का एकरारनामा रद्द करने के बाद चार बार पुर्नरीक्षण निविदा निकाली गयी, लेकिन उसमें कोई भी संवेदक ने हिस्सा नहीं लिया़ अब पांचवीं बार पुन: निविदा आमंत्रित करने की तैयारी की जा रही है़
क्या थी योजना : उक्त योजना के तहत पिछले दो दशक से गंभीर पेयजल की संकट से जूझ रहे गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र के लोगों को 16 किमी पाइप लाइन बिछाकर घर-घर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था़ इसके लिए शहर के तीन स्थानों पर बिजली कॉलोनी, टंडवा व सोनपुरवा में पानी टंकी का निर्माण करना था. साथ ही 10 किमी दूर बेलचंपा स्थित कोयल नदी से पानी लोकर शहर के सोनपुरवा में डंप कर वहां से तीनों टंकी में आपूर्ति करना था, जहां से शहर के लोगों को पानी मिलना था.
शुरुआत में ही हुई देरी : योजना के शुरू करने के दौरान ही देर हुई. इसका कारण योजना में पड़नेवाले भूमि का अधिग्रहण व मुआवजे की राशि देने में देरी परेशानी का सबब बना. सारी प्रक्रिया के पूरी होने के बाद कार्य प्रारंभ हुआ. लेकिन वह 37 प्रतिशत से आगे नहीं बढ़ सका़ इस दौरान संवेदक के लगातार गायब रहने के बाद मामले की शिकायत नगर विकास विभाग व स्थानीय उपायुक्त से की गयी़ लेकिन संवेदक पर कोई असर नहीं पड़ा, तब अंतत: विभागीय निर्देश के आलोक में संवेदक का एकरारनामा 14 नवंबर 2017 को रद्द कर दिया गया़
चार बार पुर्नरीक्षण निविदा निकाली गयी
योजना को पुन: शुरू करने के लिए पेयजल व स्वच्छता विभाग द्वारा चार बार पुर्नरीक्षित प्राक्कलन के साथ निविदा आमंत्रित की गयी, लेकिन उसमें किसी भी संवेदक ने रुचि नहीं दिखायी. संवेदक के रुचि नहीं दिखाने व योजना को पूरी करने को लेकर पांचवीं बार 2799 लाख रुपये का नया प्राक्कलन तैयार कर पुन: निविदा की प्रक्रिया शुरू की गयी है़ लेकिन इस बार भी निविदा में संवेदक भाग लेंगे या नहीं यह संशय बरकरार है़
मामला मुख्यमंत्री जन संवाद में पहुंचा[
पेयजलापूर्ति योजना के निर्माण में लेट लतीफी को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनू सिंह द्वारा वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री जन संवाद में शिकायत दर्ज कराया गया था़ शिकायत के आलोक में पेयजल व स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ने भी इस बात को कही है कि निकाले गये निविदा में कोई भी संवेदक ने भाग नहीं लिया. पुन: निविदा आमंत्रित करने की प्रक्रिया की जा रही है़
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