श्रद्धा: अकीदत के साथ मनायी गयी बकरीद, लोगों ने मांगी अमन की दुआ

Updated at : 03 Sep 2017 11:31 AM (IST)
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श्रद्धा: अकीदत के साथ मनायी गयी बकरीद, लोगों ने मांगी अमन की दुआ

गढ़वा: गढ़वा जिला में ईद- उल- अजहा का त्योहार अकीदत के साथ मनाया गया. इस मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने स्थानीय इदगाहों, मस्जिदों व मदरसों में नमाज- ए- ईद – उल- अजहा अदा की. नमाज अदायगी को लेकर इन स्थलों पर सुबह से ही नमाजियों की भीड़ जमा होने लगी थी. नमाज अदा […]

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गढ़वा: गढ़वा जिला में ईद- उल- अजहा का त्योहार अकीदत के साथ मनाया गया. इस मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने स्थानीय इदगाहों, मस्जिदों व मदरसों में नमाज- ए- ईद – उल- अजहा अदा की. नमाज अदायगी को लेकर इन स्थलों पर सुबह से ही नमाजियों की भीड़ जमा होने लगी थी. नमाज अदा करने के बाद लोग एक दूसरे से गले मिलकर ईद -उल- अजहा की मुबारकबाद दी. साथ ही अपने- अपने घर पहुंच कर खुदा की राह में जानवरों की कुर्बानी पेश की. विदित हो कि कुर्बानी का सिलसिला तीन दिनों तक चलता है.
जिला मुख्यालय स्थित गढ़वा ईदगाह में जामा मस्जिद के पेश इमामा हाफिज अब्दुल समद ने नमाज- ए- ईद- उल- अजहा अदा करायी. जबकि टंडवा मस्जिद में मौलाना शाहजाद आलम मिसवाही, उंचरी मस्जिद में मौलाना जफरूल्लाह एवं मदरसा तबलिगुल इस्लाम के मैदान में मौलाना लियाकत हुसैन ने ईद- उल -अजहा की नमाज अदा कराई. इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र के कल्याणपुर ईदगाह में मौलाना युसूफ, कोरवाडीह ईदगाह में मौलाना साबिर, टेढ़ी हरैया ईदगाह में मौलाना शाह मोहम्मद अंसारी, पचफेड़ी ईदगाह में मौलाना मुस्लिम रजा, परसही में मौलाना सुलेमान, बीरबंधा ईदगाह में मौलाना अली अहमद, झलुआ मदरसा में हाजी शरफुद्दीन, छत्तरपुर ईदगाह में मौलाना मुमताज, लापो ईदगाह में सैयद ऐनूलहोदा, फरटिया ईदगाह में हाफिज नसीम अख्तर, परसही ईदगाह में मौलाना अमीन ने नमाज अदा करायी.

शहर व ग्रामीण क्षेत्रों के सभी नमाज अदायगी स्थलों पर इंताजामिया कमेटियों ने नमाजियों की सुविधा के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्र सहित अन्य इंतजाम किया गया था. वहीं शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए प्रशासन ने सभी इबादतगाहों के पास पुलिस बल के जवान तैनात किये थे. नमाज अदायगी के पूर्व उलेमाओं ने कहा कि ईद- उल- अजहा हम सबों को अल्लाह की राह में किसी चीज की कुर्बानी पेश करने का जज्बा पैदा करता है.कहा कि इस्लामी कैलेंडर कुर्बानी से शुरू होता है और कुर्बानी से ही खत्म होता है. इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना मुहर्रम में हजरत इमाम हसन- हुसैन शहीद हुए थे, जबकि जिल हिज्जा के महीना में हजरत इब्राहिम अपने बेटे हजरत इस्माइल को अल्लाह की राह में कुर्बानी पेश की थी.

बेपनाह मोहब्बत का दिन है ईद-उल-अजहा
गढ़वा ईदगाह में नमाजियों को संबोधित करते हुए हाफिज अब्दुल समद ने कहा कि ईद -उल- अजहा हजरत इब्राहिम व हजरत इस्माईल की अल्लाह से बेपनाह मोहब्बत और कुर्बानी के जज्बे का यादगार दिन है. उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति गोश्त खाने की नियत से कुर्बानी देता है, तो उसकी कुर्बानी खुदा की राह में मंजूर नहीं की जायेगी.
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