रक्षाबंधन आज, चाइनीज राखियां नहीं बांधेगी बहनें

Updated at : 07 Aug 2017 11:55 AM (IST)
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रक्षाबंधन आज, चाइनीज राखियां नहीं बांधेगी बहनें

गढ़वा: भारत-चीन डोकलाम विवाद और चीनी वस्तुओं के बहिष्कार के बीच सोमवार को रक्षाबंधन है, ऐसे में बाजारों का भ्रमण कर इस प्रतिनिधि ने लोगों की राय और चाइनीज राखियों के वहिष्कार के बारे में जानकारी ली़ लोगों ने एक स्वर से कहा कि जब -जब देश पर विपदा आयी है, तब-तब देश के लोगों […]

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गढ़वा: भारत-चीन डोकलाम विवाद और चीनी वस्तुओं के बहिष्कार के बीच सोमवार को रक्षाबंधन है, ऐसे में बाजारों का भ्रमण कर इस प्रतिनिधि ने लोगों की राय और चाइनीज राखियों के वहिष्कार के बारे में जानकारी ली़ लोगों ने एक स्वर से कहा कि जब -जब देश पर विपदा आयी है, तब-तब देश के लोगों ने इस जज़्बे के साथ एकसूत्र में बंध कर देश की अखंडता को अक्षुण बनाये रखा है, जिसकी झलक इस बार गढ़वा में देखने को मिल रही है़ जहां भारत चीन सीमा पर जारी डोकलाम विवाद पर लोग देश के साथ आ खड़े हुए हैं.

लोगों ने एक स्वर से चीन निर्मित राखी का बहिष्कार कर दिया है़ देशी राखी से देश की रक्षा का संकल्प ले रहे लोगों ने देश के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी है़ उल्लेखनीय है कि भारत-चीन सीमा पर डोकलाम में दोनों ओर से संगीने तन गयी है और देश के लोग जोश में हैं,कि पाकिस्तान से पहले चीन से ही निबट लिया जाय़े. इसी बीच रक्षाबंधन का त्योहार है और लोग चीनी राखियों का बहिष्कार किये हुए है़ं इसी तना-तनी के बीच रेशम के धागे से देशभक्ति की डोर को और मज़बूत करने का संदेश चहुंओर मिल रहा है़.

महीनों से जारी डोकलाम विवाद ने ख़ास से ले कर आम लोगों के दिलों पर गहरा असर किया है,जिसका नतीज़ा है कि वह चीन के प्रतिरोध स्वरूप बाहर निकल रहा है और लोग देशीय भावना में और प्रगाढ़ता लाने के लिए चाइनीज राखी को दुत्कारते हुए स्वदेशी राखी को अपना रहे है़.

कभी लोगों के सिर चढ़ कर बोलने वाला चाइनीज सामान एकाएक लोगों के नजऱ से उतर गया है और चीजों के साथ साथ रक्षाबंधन के वक्त महंगे से महंगा चाइनीज राखी ख़रीदने वाले लोग इस बार राखी के दुकानों पर पहुंच रेशम के धागे वाली राखी ही मांग और खरीद रहे हैं, जहां एक तरफ़ बहनें चाइनीज राखी नहीं बल्कि रेशम और मौली धागे से ख़ुद से बनायी हुई राखी भाई के कलाई पर बांध उसे मजबूत बनाने का संकल्प ले रही है़ इस मौके पर स्थानीय निवासी रवि केसरी व गुड़िया ने कहा कि राखी की दुकानें सजी जरूर हैं, लेकिन लोगों द्वारा चाइनीज राखी के विरोध किये जाने का असर बाज़ार पर देखने को मिल रहा है़ उक्त लोगों ने कहा कि वे देशी राखी ही बांधेंगे़ वहीं राखी विक्रेता देवव्रत ने कहा कि चाइनीज राखी की बिक्री कर बढ़िया आय करने वाले दुकानदार का कहना है कि लोग इस बार चाइनीज राखी को ख़ोज तक नहीं रहे.

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