किसानों पर फिर टूटा आंधी व बारिश का कहर, फसलें धराशायी, टूट गये कच्चे घरों के छप्पर

Author : Pritish Sahay Published by : Prabhat Khabar Updated At : 22 Apr 2020 5:09 AM

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मंगलवार को प्रखंड क्षेत्र मेंं सुबह 8:30 बजे आयी तेज आंधी और मूसलाधार बारिश से प्रखंडवासी एवं किसान एक बार फिर सहम गये हैं. अप्रैल माह मेंं यह चौथी बार है जो तेज आंधी व बारिश ने किसानों के होश उड़ा दिये हैं .कई किसानों के जो कुछ बचे थे फसल वह भी मंगलवार को पूरी तरह क्षति हो गयी.प्रखंड के किसानों की कमर पूरी तरह टूट गई है .

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श्रीनगर : मंगलवार को प्रखंड क्षेत्र मेंं सुबह 8:30 बजे आयी तेज आंधी और मूसलाधार बारिश से प्रखंडवासी एवं किसान एक बार फिर सहम गये हैं. अप्रैल माह मेंं यह चौथी बार है जो तेज आंधी व बारिश ने किसानों के होश उड़ा दिये हैं .कई किसानों के जो कुछ बचे थे फसल वह भी मंगलवार को पूरी तरह क्षति हो गयी.प्रखंड के किसानों की कमर पूरी तरह टूट गई है .कई जगह से वार्ड सदस्य प्रतिनिधि ने सूचना दी है कि दर्जनों की संख्या मेंं टीना एवं फूस के आशियाने उजड़ गए हैं. कई जगह पेड़ उखड़ गए. वही आम की फसलें टिकोले भी बहुत क्षति हुए हैं. मक्का, गेहूं, केला, आम को काफी क्षति जगह-जगह हल्की-फुल्की पत्थर गिरने की भी सूचना आयी है.

खूंटी हंसेली गांव मेंं मक्का फसल की क्षति : रुपौली प्रखंड क्षेत्र लगातार दूसरे दिन आंधी से हजार एकड़ मक्के की फसल बरबाद हो गयी है वही प्रखंड क्षेत्र मेंं खीरा व केला की फसल सैकड़ों एकड़ नष्ट हो गयी. सबसे अधिक मक्के की फसल नष्ट होने के कारण किसान बरबादी के कगार पर आ गये हैं. किसान दिलखुश कुमार, किसान जनार्दन मंडल, किसान लोकेश कुमार बताते हैं कि कि चालीस से पचास हजार रुपया प्रति एकड़ मक्के की फसल उपजाने मेंं खर्च होता है जो बैंक व गांव के लोगो से उधार लेकर खेती करते हैं. जब फसल उपजने का समय हुआ तो आंधी उड़ा ले गयी. अब बैंक का कर्ज कैसे चुकता करेंगे. साल भर परिवार का खर्च कैसे चलेगा. वहीं खीरा किसानों का लाकडाउन के चलते पहले से खीरा खरीदार व्यापारी नहीं मिल रहा है. इस कारण किसान दो सौ रुपये कुंतल औन-पौने दाम मेंं बेच रहे हैं.

सरकार से किसानों को मुआवजा देने की मांग

डगरूआ : मंगलवार सुबह आई आंधी व तेज बारिश से डगरुआ प्रखंड मेंं मक्के की फसल सहित फलदार पेड़ों मेंं आम व लीची को जहां बड़ी क्षति पहुंची है.वहीं आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया.क्षेत्रीय किसानों ने बताया कि तेज हवा के साथ हुई बारिश से मक्के की फसल खेतों मेंं गिर गयी,तो आम व लीची भी व्यापक रूप से बर्बाद हुए हैं.इस असमय बारिश से रबी की फसल तैयार करने मेंं किसानों को काफी परेशानी झेलनी पड़ेगी. किसानों पर आंधी व बारिश की दोहरी मार से बड़ें पैमाने पर आर्थिक नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है.

टीन व बांस से बने कई घरों के धराशाई : अमौर प्रखंड क्षेत्र मेंं सुबह आए भयानक आंधी तूफान के साथ हुई बारिश से लोगों के कच्चे घरों की टीन के छप्पर उड़ गए .वही किसानों के मक्के की फसल को व्यापक क्षति पहुंची है.असमय आए हुए आंधी तूफान के साथ बारिश से किसानों के अरमान राख हो गए हैं. एक तरफ कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर लाक डाउन का पालन करते हुए सभी अपने अपने घरों मेंं बंद हैं. वही अचानक उस समय हुए बारिश आंधी तूफान से किसानों के रही सही आश भी टूटने लगी है.असमय बारिश से हुए मक्के की फसल को नुकसान से विकट समस्या खड़ी हो गई है .आंधी तूफान से फसलें चकनाचूर हो गई .अधांग पंचायत के वार्ड नं 8बलवा गांव निवासी अब्दुल वाहिद,अबु कलाम, जफरूल आलम ,नसीमुद्दीन, कमरूद्दीन, अजीमुद्दीन,बिलाल,शाहिद,वसीक,अजीमुद्दीन,ताहिर,न कम,सर्वर,मसरूर आलम आदि लोगों ने बताया कि मक्के की फसल बर्बाद हो गई है .कई लोगों ने लोन लेकर मक्के की खेती किए थे .असमय हुए आंधी तूफान से फसल बर्बाद हो गई अब कैसे परिवार का पालन पोषण करेंगे किसानों ने सरकार से पहल करने की मांग की है.

मक्का ,सब्जी, गेंहूं व आम को भारी नुकसान, जनजीवन प्रभावित

जलालगढ़ : पूरे विश्व मेंं कोरोना की कहर से आम जनजीवन प्रभावित है तो दूसरी तरफ एक सप्ताह मेंं तीसरी बार आई तेज आंधी एवं मूसलाधार वर्षा ने किसानों के लिए कहर बनकर पनपी है. मंगलवार सुबह को आई तेज हवा के साथ मूसलाधार वर्षा के बीच क्षेत्र मेंं मक्का फसल खेत तो आधी से अधिक बर्बाद हो गई. क्षेत्र मेंं मक्का सहित सब्जी, गेंहूं के साथ आम को भी काफी नुकसान पहुंचा है. इस मूसलाधार वर्षा से प्रखंड के सभी पंचायत मेंं काफी क्षति पहुंची है. प्रखंड के डिमिया, निजगेंहूंवा, दनसार, सौंठा, एकम्बा, जलालगढ़, चक, सरसौनी, हाँसी बेगमपुर, रामदैली पंचायत मेंं मक्का एवं सब्जी फसलों को काफी क्षति हुई है. लगातार हो रही प्राकृतिक आपदा ने क्षेत्र के किसानों को अब नुकसान को झेलने की स्थिति मेंं नहीं बच पाया है. क्षेत्र के किसानों ने बताया कि पिछले सप्ताह के बुधवार, शुक्रवार रात के बाद अब मंगलवार का दिन पहले जो आंधी आई उसमेंं तो 35 से 40 प्रतिशत की क्षति थी. लेकिन इस वर्षा ने तो सारे अरमान को ही धो दिया. क्षेत्र के किसानों ने बताया कि हम सभी को अब कोई सहारा नहीं रहा. लगातार आंधी और वर्षा ने हमारी कमर ही तोड़ दी. वहीं सब्जी किसानों की स्थिति भी बदतर हालत बन गई है. क्षेत्र मेंं सैकड़ो एकड़ मक्का की पौधे टूट गए हैं. क्षेत्र मेंं अधिकांश किसान की मक्का फसल बाद वाली खेती है. वहीं आम को भी काफी नुकसान हुआ है.

केला और मक्का की 80 प्रतिशत फसल औंधे मुंह गिरी

भवानीपुर : प्रखंड क्षेत्र मेंं लगातार तेज आंधी एवं वर्षा से प्रखंड क्षेत्र के किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. मंगलवार की सुबह तेज आंधी, ओलावृष्टि एवं वर्षा ने किसानों की कमर ही तोड़ दी है .खासकर केला किसान और मक्का किसान की फसल 80 प्रतिशत धराशाई हो गयी है. सुपौली पंचायत के ब्रह्मज्ञानी गांव के समाजसेवी सुमन कुमार ठाकुर ने बताया कि इस गांव के अधिकांश किसान मक्का की खेती की थी. इसके पूर्व आए आंधी-तूफान और वर्षा से क्षति तो हुई थी. मंगलवार की सुबह आए तेज तूफान से बहुत भारी क्षति हुई है. सुबह एकाएक वर्षा से फलों के साथ-साथ घरों को भी क्षति पहुंचायर है . मक्का की फसल लगा पौधे खेतों मेंं गिर गए हैं. वही बहुत किसानों का काटा हुआ मक्का खेत मेंं ही बिखरा पड़ा हुआ है .किसान अखिलेश मंडल ने बताया 8 एकड़ का दाना तैयार कर यूं ही बाहर मेंं रखा हुआ है .जबकि डेढ़ बीघा जमीन का मक्का कटा हुआ खेत मेंं पड़ा हुआ है.

इस तरह आज के आंधी तूफान वर्षा से किसानों को भारी क्षति हुई है जिसकी क्षतिपूर्ति होना संभव नहीं है . वहीं आम लीची जैसे फलों को इस तूफान ने भारी क्षति पहुंचाया है. बहुत से वृक्ष की टहनी एवं वृक्ष गिर गए हैं .उन्होंने बताया बहुत से किसान दूसरों का खेत बटाई एवं लीज पर लेकर मक्का फसल उपजाने का काम किया है. उस किसान को और अधिक परेशानी है कि जमीन मालिक को लीज का पैसा कैसे दिया जाएगा. पंचायत के किसानों मेंं महेंद्र मुनी, हुलों मंडल, मंटू मुनि, विकास मुनि, विनोद मंडल, हीरो मुनि, विजेंद्र मंडल, भुट्टो मुनि ,राजेंद्र रजक, इंद्रदेव मंडल, रामबहादुर मंडल, लूखर मंडल ,शिव मंडल, विश्वनाथ मंडल, सुंदर राम ,शैलेश राम एवं बाल गोविंद राम सहित क्षेत्र के दर्जनों किसानों ने बताया कि हम लोग इस बार के तेज आंधी व वर्षा से काफी प्रभावित हुए हैं

फसल क्षति होने के साथ-साथ दर्जनों गरीबों का आशियाना उजड़ गया है. जिससे परिवार एवं बच्चों को रखना काफी मुश्किल हो गया है. प्रकृति के इस मार से हम गरीब लोग काफी बेहाल हैं. इस विषम परिस्थिति मेंं लॉक डाउन होने से सामानों की भी किल्लत होती है. .क्योंकि बाजार मेंं घर संबंधी सामान नहीं मिल पाता है .समाजसेवी सुमन कुमार ठाकुर ने प्रखंड क्षेत्र के सभी पंचायत का मक्का फसल क्षतिपूर्ति का जांच करने का अनुरोध जिला कृषि पदाधिकारी से मांग की है ताकि किसान के खेतों का सर्वे होने से उन्हें आपदा प्रबंधन द्वारा क्षतिपूर्ति मिल सके. जिससे किसानों की माली हालत मेंं सुधार हो सके.

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Pritish Sahay

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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