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East Singhbhum News : नरसिंहगढ़ साप्ताहिक हाट बदहाल

Updated at : 26 Nov 2025 11:27 PM (IST)
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East Singhbhum News : नरसिंहगढ़ साप्ताहिक हाट बदहाल

धालभूमगढ़. स्कूल व अस्पताल जाने में भी होती है परेशानी

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धालभूमगढ़. धालभूमगढ़ के सबसे पुराने व दूसरे सबसे बड़े नरसिंहगढ़ साप्ताहिक हाट की स्थिति बदहाल है. कृषि उत्पादन बाजार समिति चाकुलिया द्वारा हाट की व्यवस्था छोड़ने के बाद कई लोगों द्वारा मनमाने तरीके से हाट को संचालित किया जा रहा है. जबकि इस मामले में न तो अंचल और ना ही पंचायत या ग्राम सभा इसपर ध्यान दे रही है. नरसिंहगढ़ हाट में मवेशी के अलावा हर प्रकार के सामानों की खरीद बिक्री होती है. धालभूमगढ़ के अलावा चाकुलिया के सीमावर्ती गांव व बंगाल के सीमावर्ती गांव के लोग भी सब्जियों की खरीद बिक्री करने यहां आते हैं. पूर्व में इस बाजार का संचालन कृषि उत्पादन बाजार समिति चाकुलिया द्वारा होता था. प्रतिवर्ष इसकी नीलामी होती थी. उसी दौरान दुकानदारों के लिए शेड बनाये जाते थे लेकिन समिति द्वारा उसे छोडने के बाद से अब तक महिलाओं के समूह द्वारा तो कभी पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा इसका संचालन किया जा रहा है. अभी भी कुछ लोगों द्वारा हाट में मनमाने ढंग से वसूली की जाती है. पूरे क्षेत्र में सप्ताह भर बांस के खूंटे गाड़ कर जगह को आरक्षित किया जाता है व दुकानदारों से जगह व साफ-सफाई के नाम पर वसूली की जाती है. अतिक्रमण से हाईस्कूल, बीआरसी, अस्पताल जाने वाले लोगों को व एंबुलेंस आदि को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.

हाट क्षेत्र में बिजली-पानी की समुचित व्यवस्था नहीं

हाट क्षेत्र में न तो पर्याप्त विद्युत की व्यवस्था है और न पेयजल की. बरसात के दिनों में पूरे क्षेत्र में जलजमाव होता है. पानी के निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है. पूर्व में एक शौचालय बना था जिसका अब कोई अस्तित्व नहीं है. बाद में पेयजल व स्वच्छता विभाग से सामूहिक शौचालय बने थे जिनका आज तक ताला नहीं खुला है. लोगों का कहना है कि प्रशासन व पंचायत की उपेक्षा से दुकानदार पिस रहे हैं.

हाट का संचालन पंचायत नहीं करती, महिला समिति करती है, जो विवाद के बाद बंद है : मुखिया

पूछने पर मुखिया बिलासी सिंह ने बताया कि हाट का संचालन पंचायत द्वारा नहीं किया जा रहा है. वार्ड सदस्यों के साथ बैठक कर विचार करेंगे. पूर्व में महिला समिति को संचालन की जिम्मेदारी दी गयी थी, पर विवाद के बाद वह व्यवस्था भी बंद हो गयी. हाट में एक हाइमास्ट लाइट लगायी गयी थी. वह भी बंद है. बगल में ही वन क्षेत्र होने से वन विभाग द्वारा घेराबंदी कर दिये जाने से जगह की कमी हो गयी है. प्रखंड संसाधन केंद्र के सामने व पीछे मांस व हड़िया का बाजार होने से गंदगी फैली रहती है. पोल्ट्री मुर्गी काटने वाले दुकानदार हाट खत्म कर पंख को बीआरसी के सामने ही फेंक जाते हैं. जिससे सप्ताह भर बदबू आती है. बीमारी होने की आशंका भी बनी रहती है. प्रशासन इस हाट को पंचायत या ग्राम सभा को दे देती है तो हाट भी विकसित होगा व दुकानदारों को भी सहूलियत होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ATUL PATHAK

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ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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