East Singhbhum News : आदिवासी छात्र संघ ने भागवत का पुतला फूंका
26 Jan, 2026 12:27 am
विज्ञापन

DCIM100MEDIADJI_0190.JPG
मुसाबनी. संघ ने कहा- आदिवासी हिंदू नहीं हैं
विज्ञापन
मुसाबनी
. आदिवासी छात्र संघ के जिलाध्यक्ष सुपाई सोरेन के नेतृत्व में संघ के सदस्यों ने रविवार को मुसाबनी बस स्टैंड में आरएसएस के सर संघ चालक मोहन भागवत का पुतला दहन किया. श्री सोरेन के अनुसार, मोहन भागवत ने कहा था कि सरना कोई धर्म नहीं बस एक पद्धति है. इसे अलग धर्म के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. उनके बयान से आदिवासी समाज में आक्रोश है. उन्होंने कहा भागवत खुद हिंदू नहीं है. वह सनातन धर्म को मानते हैं. हिंदू धर्म की आड़ में बाकी गैर सनातन, गैर मुस्लिम, गैर इसाई और छोटे धर्म समूहों को समेटने का प्रयास कर रहे हैं. सुपाई सोरेन के अनुसार, आदिवासी कभी हिंदू नहीं थे, ना है. हम कभी जबरन थोपे गये धर्म को स्वीकार नहीं करेंगे. उन्होंने कहा मोहन भागवत आदिवासियों को जबरन हिंदू धर्म में विलयन करने का षड्यंत्र कर रहे हैं. पिछले जनगणना में 50 लाख लोगों ने अपना धर्म सरना अंकित कराया था. इस बार यह आंकड़ा और बढ़ेगा. आदिवासी छात्र संघ हर गांव और मुहल्ले में अभियान चला कर सरना धर्म कोड लिखने के लिए प्रेरित करेगा. उन्होंने कहा केंद्र में भाजपा की सरकार है, ना कि आरएसएस की. भाजपा को मोहन भागवत की बात पर ध्यान दिए बिना आदिवासियों को सम्मान करते हुए आगामी जनगणना में सरना धर्म कोड देना चाहिए. सरना धर्म कोड नहीं होने पर जनगणना का बहिष्कार किया जायेगा. पुतला दहन में पृथ्वी बेसरा, अनंत मुर्मू, एस माडी, कुंवर सोरेन, बुद्धेश्वर मुर्मू, सोनाराम सोरेन, रॉबिन मुर्मू, जानू सोरेन, सतक मुर्मू, राजेश मुर्मू आदि शामिल थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
विज्ञापन
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




