East Singhbhum News : संस्कृति व लोककला के संरक्षण पर जोर

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East Singhbhum News : संस्कृति व लोककला के संरक्षण पर जोर

यह पुस्तक केवल साहित्यिक कृति नहीं, बल्कि झारखंड की लोक संस्कृति, परंपरा और सामाजिक चेतना का जीवंत दस्तावेज है

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घाटशिला. घाटशिला के दाहीगोड़ा संस्कृति संसद परिसर में रविवार को लोक कवि सह झारखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी कंचन कर से रचित पांचवीं बांग्ला टुसू संगीत पुस्तक का विमोचन किया गया. मुख्य अतिथि घाटशिला के विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने पुस्तक का विमोचन किया. कार्यक्रम का उद्घाटन विधायक सोमेश चंद्र सोरेन, तापस चटर्जी, कंचन कर, मनोरंजन महतो, जगदीश भगत, रामदास हांसदा, संदीप चंद्रा ने दीप जलाकर किया. स्वागत भाषण कंचन कर ने दिया. मंच का संचालन करुणा कर महतो व मनोरंजन महतो ने पारंपरिक टुसू पर्व से जुड़े गीतों की प्रस्तुति दी.

संस्कृति हमारी पहचान, इसे बचाना सामूहिक जिम्मेदारी : सोमेश सोरेन

विधायक ने कहा कि यह पुस्तक केवल साहित्यिक कृति नहीं, बल्कि झारखंड की लोक संस्कृति, परंपरा और सामाजिक चेतना का जीवंत दस्तावेज है. ऐसी रचनाएं आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करती हैं. विलुप्त होती लोक कला को संजोने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. झारखंड की लोक संस्कृति, भाषा और कला बेहद समृद्ध है. आधुनिकता और तकनीक के दौर में यह धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही है. लोकगीत, ढोल, मांदर, बांसुरी, पारंपरिक नृत्य और लोक साहित्य हमारी पहचान हैं. इन्हें बचाने के लिए नियमित प्रशिक्षण, सांस्कृतिक केंद्रों में साप्ताहिक गतिविधियां और बुजुर्ग कलाकारों के अनुभवों को नयी पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है. उन्होंने कहा कि बच्चों को मोबाइल से दूर रखकर खेल, संगीत और लोक कला से जोड़ें.

झारखंड में लोक संस्कृति संरक्षण के लिए ठोस नीति जरूरी

लोक कवि कंचन कर ने कहा कि उनकी साहित्यिक यात्रा में स्व रामदास सोरेन का मार्गदर्शन और प्रोत्साहन अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है. जल-जंगल-जमीन के साथ भाषा और संस्कृति भी झारखंड आंदोलन का मूल आधार रहा है. टुसू गीतों में समाज, शिक्षा, संघर्ष और रिश्तों की सच्ची तस्वीर मिलती है. झारखंड में लोक संस्कृति संरक्षण के लिए ठोस नीति बनाने की आवश्यकता जतायी.

कवियों की रचना के संरक्षण को संग्रहालय की पहल

संस्कृति संसद के अध्यक्ष तापस चटर्जी ने बताया कि गौरीकुंज में एक संग्रहालय स्थापित किया गया है. यहां क्षेत्र के लोक कवियों और कलाकारों की रचनाएं सुरक्षित रखी जा सकती हैं. मौके पर झामुमो प्रखंड अध्यक्ष दुर्गाचरण मुर्मू, कालीपद गोराई, मुखिया शांखी हांसदा, पंसस चंदना महाकुड़, बाबूलाल मुर्मू, संदीप राय चौधरी, भास्कर नायक, सुशील मार्डी, सुखलाल हांसदा, महेंद्र मंडल, शुभाशीष गुहो, सोमा सरकार, साधना पाल, वार्ड सदस्य मामोनी सीट, नरेश महाकुड़ उपस्थित थे.

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