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हेमंत सोरेन के मंत्री ने विजयादशमी पर गुड़ाझोर को दी पुल की सौगात, महिलाएं बोलीं- नहीं मिला ‘मंईयां सम्मान’

Updated at : 12 Oct 2024 9:37 PM (IST)
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निशि नाला पर पुल का शिलान्यास करने के बाद ग्रामीणों के साथ रामदास सोरेन. फोटो : प्रभात खबर

East Singhbhum News: विजयदशमी के दिन हेमंत सोरेन के मंत्री रामदास सोरेन ने पुल का शिलान्यास किया. मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत 1.62 करोड़ रुपए से पुल का निर्माण होगा.

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East Singhbhum News|घाटशिला (पूर्वी सिंहभूम), मो परवेज : पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला प्रखंड स्थित नक्सल प्रभावित बाघुड़िया पंचायत के गुड़ाझोर‌ गांव को विजयादशमी के दिन झारखंड के जल संसाधन तथा उच्च तकनीकी शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने पुल की सौगात दी है.

बरसों से पुल की मांग कर रहे थे गुड़ाझोर के ग्रामीण

गुड़ाझोर के पास पहाड़ से निकले निशि झरना पर बरसों से पुल निर्माण की मांग ग्रामीण कर रहे थे. आखिरकार विजयदशमी के दिन हेमंत सोरेन सरकार के मंत्री रामदास सोरेन ने उस पुल का शिलान्यास किया. मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत 1.62 करोड़ रुपए की लागत से इस पुल का निर्माण होगा.

ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल करवाएगा पुल का निर्माण

ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल इस पुल का निर्माण करवाएगा. सुजीत कुमार को इस पुल का ठेका मिला है. शनिवार को मंत्री अपने समर्थकों के साथ बीहड़ गांव में पहुंचे और पुल निर्माण का शिलान्यास किया. मौके पर ग्राम प्रधान रामचंद्र सिंह के साथ अनेक ग्रामीण और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकर्ता उपस्थित थे.

निशि झरना से निकले नाला का मंत्री रामदास सोरेन ने किया निरीक्षण

मौके पर मंत्री ने निशि झरना से निकले नाला का निरीक्षण भी किया. मंत्री ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया के पुल के साथ वे अपने कोष से यहां करीब 2 किलोमीटर लंबी सड़क का भी निर्माण कराएंगे. पुल नहीं रहने की वजह से बरसात में इस गांव के लोग मुख्यधारा से कट जाते थे. पुल के शिलान्यास से ग्रामीणों में खुशी की लहर है.

झारखंड के मंत्री रामदास सोरेन ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं. फोटो : प्रभात खबर

महिलाएं बोलीं- नहीं मिलता मंईयां सम्मान का पैसा

मौके पर मंत्री रामदास सोरेन ने गुड़ाझोर के ग्रामीणों की समस्या भी सुनी. यहां कई महिलाओं ने उन्हें बताया कि उनका राशन कार्ड नहीं बना है. राशन कार्ड नहीं होने की वजह से वे सभी मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की राशि से वंचित हैं. एक विधवा महिला ने गुहार लगाई की पति की मौत के बाद उन्हें विधवा पेंशन नहीं मिलती. मंत्री ने वहीं से फोन पर बीडीओ से जानकारी ली और कहा कि जल्द ही उनकी समस्या का निदान हो जाएगा.

निशि झरना से निकला नाला है सिंचाई का प्रमुख स्रोत

गुड़ाझोर गांव से सटे पहाड़ से निकला निशि झरना का पानी नाला की तरह गांव से होते हुए बह रहा है. झरना का पानी सिंचाई का प्रमुख स्रोत बन गया है. नाला कच्चा होने के कारण बरसात में मिट्टी और कचरा भरा जाता है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी होती है.

निशि नाला बन गया है सिंचाई का प्रमुख स्रोत. फोटो : प्रभात खबर

नाले के पानी से धान की हुई बेहतर खेती

इसी नाला के पानी से इस बार यहां बेहतर धान की खेती हुई है. इसका निरीक्षण भी मंत्री ने किया. ग्रामीणों की मांग पर उन्होंने कहा कि इस नाला को पक्का करवा देंगे, ताकि मिट्टी और कचरा न भर पाए. उन्होंने कहा कि इसके बाद ग्रामीण इस झरने के पानी का उपयोग सिंचाई के लिए बड़े पैमाने पर कर सकेंगे.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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