पूर्व नक्सली समर्थक की चाचा ने की हत्या
Updated at : 19 Feb 2017 6:58 AM (IST)
विज्ञापन

गुड़ाबांदा: पहले पत्थर से कूचा, फिर चापड़ व टांगी से काटकर मौत के घाट उतार दिया नक्सली का धौंस दिखाकर धमकी देने व जमीन विवाद से आरोपी परेशान था गुड़ाबांदा थानांतर्गत चिरूगोड़ा गांव के पावड़ाडीह टोला में शुक्रवार रात की घटना गुड़ाबांदा पुलिस ने आरोपी चाचा को गिरफ्तार किया, हत्या की बात स्वीकारी धालभूमगढ़ : […]
विज्ञापन
गुड़ाबांदा: पहले पत्थर से कूचा, फिर चापड़ व टांगी से काटकर मौत के घाट उतार दिया
नक्सली का धौंस दिखाकर धमकी देने व जमीन विवाद से आरोपी परेशान था
गुड़ाबांदा थानांतर्गत चिरूगोड़ा गांव के पावड़ाडीह टोला में शुक्रवार रात की घटना
गुड़ाबांदा पुलिस ने आरोपी चाचा को गिरफ्तार किया, हत्या की बात स्वीकारी
धालभूमगढ़ : नक्सली का धौंस दिखाकर धमकाने व जमीन विवाद को लेकर परेशान करने वाले पूर्व नक्सली समर्थक युवक की शुक्रवार की रात उसके चाचा ने पत्थर से कूचने के बाद चापर व टांगी से हत्या कर दी. घटना गुड़ाबांदा थानांतर्गत चिरूगोड़ा गांव के पावड़ाडीह टोला की है. गुड़ाबांदा दस्ता में शामिल पूर्व नक्सली समर्थक लुढ़कू सरदार की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसके चाचा ठुंपू सरदार को गिरफ्तार कर लिया है. हत्या में प्रयुक्त पत्थर, चापड़ व टांगी बरामद: शनिवार की सुबह मुसाबनी के डीएसपी अजीत कुमार विमल, गुड़ाबांदा थाना प्रभारी कुलदीप कुमार पहुंचे. शव को पोस्टमार्टम के लिए घाटशिला भेजा. आरोपी ने कहा
नक्सलियों को भय दिखा कर लुढ़कू अक्सर धमकी देता था. जमीन विवाद के कारण उसकी हत्या कर दी. परिजनों ने भी हत्या का कारण जमीन और पारिवारिक विवाद बताया है. हत्या में प्रयुक्त पत्थर, चापड़ और टांगी पुलिस ने बरामद कर लिया है. गर्दन, सिर, चेहरे व पांव में जख्म के निशान मिले: लुढ़कू की मां मिनी सरदार, दादी सुमित्रा सरदार, ममेरा भाई कंदा सरदार ने बताया कि शुक्रवार को गांव में टांड़ी पूजा थी. पूजा के बाद ग्रामीण हड़िया का सेवन कर नशे में नाच-गा रहे थे.
इस क्रम में चाचा ठुंपू सरदार और भतीजा लुढ़कू सरदार के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया. इसके बाद लुढ़कू पास में रहने वाला हाड़ीराम सरदार के घर में जाकर सो गया. पीछे से ठुंपू सरदार भी पहुंचा. उसने पहले पत्थर से उसका सिर कूच दिया. इसके बाद चापड़ और टांगी से हमला कर लुढ़कू की हत्या कर दी. लुढ़कू के गर्दन, सिर, चेहरे और पांव में गहरे जख्म के निशान है. घटनास्थल पर काफी मात्रा में खून जमा था. ग्रामीणों और परिजनों ने बताया कि हत्या के बाद ठुंपू आया. उसने कहा लुढ़कू सरदार को मार डाला. लुढ़कू के दोनों बच्चे हुए अनाथ :लुढ़कू सरदार की हत्या के बाद उसके दोनों बच्चे अनाथ हो गये.
उसकी पत्नी धनंतरी सरदार ने पहले ही दूसरी शादी कर ली है. मृतक के दो पुत्र हाराधन सरदार (6) और शिव शंकर सरदार (4) है. एक पुत्र नानी घर में रहता है. दूसरा अपनी दादी के साथ रहता है. लुढ़कू सरदार की मां मिनी सरदार और दादी सुमित्रा सरदार ने बताया कि पहले मां बच्चों को छोड़ चली गयी और अब पिता दुनिया से चले गये. दोनों बच्चे अनाथ हो गये हैं. हमलोग भी बूढ़े हो गये हैं. बच्चों की परवरिश कैसे होगी.
नक्सली सुपाई के साथ रहता था लुढ़कू : डीएसपी
डीएसपी अजीत कुमार विमल ने बताया कि मृतक लुढ़कू पूर्व में गुड़ाबांदा दस्ते में शामिल था. वह प्रमुख नक्सली सुपाई टुडू और फरार नक्सली कार्तिक के साथ रहता था. उसके खिलाफ गुड़ाबांदा में कांड संख्या 18/16 और 20/16, पुलिस के साथ मुठभेड़ का मामला दर्ज है.
जमीन विवाद में चाचा ठुंपू सरदार ने अपने भतीजा लुढ़कू सरदार की पत्थर से कूचने के बाद चापड़ और टांगी से हमला कर हत्या कर दी. लुढ़कू सरदार गुड़ाबांदा दस्ता में शामिल था.
वह पुलिस मुठभेड़ में मारे गये नक्सली सुपाई टुडू और फरार नक्सली कार्तिक के साथ रहता था. उसके खिलाफ गुड़ाबांदा थाना में कांड संख्या 18/16 और 20/16 के तहत पुलिस के साथ मुठभेड़ करने का मामला दर्ज है. इस हत्याकांड के पीछे नक्सली से संबंधित कोई मामला नहीं है. जमीन विवाद के कारण हत्या हुई है. आरोपी ने हत्या की बात स्वीकारी है.
अजीत कुमार विमल, डीएसपी, मुसाबनी
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




