रंगड़ो खाल का पानी पीते हैं मटियालडीह के ग्रामीण

Published at :03 Feb 2016 6:42 AM (IST)
विज्ञापन
रंगड़ो खाल का पानी पीते हैं मटियालडीह के ग्रामीण

बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड की माटिहाना पंचायत के मुढ़ाकांटी मटियालडीह के ग्रामीण आज भी उपेक्षा का दंश झेल रहे हैं. सरकारी लापरवाही और जन प्रतिनिधियों की उपेक्षा से यहां के ग्रामीण रंगड़ों खाल का गंदा पानी पीने के लिए अभिशप्त हैं. इस गांव में एक भी चापानल नहीं है. एक मात्र चापाकल प्राथमिक विद्यालय परिसर […]

विज्ञापन

बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड की माटिहाना पंचायत के मुढ़ाकांटी मटियालडीह के ग्रामीण आज भी उपेक्षा का दंश झेल रहे हैं. सरकारी लापरवाही और जन प्रतिनिधियों की उपेक्षा से यहां के ग्रामीण रंगड़ों खाल का गंदा पानी पीने के लिए अभिशप्त हैं. इस गांव में एक भी चापानल नहीं है.

एक मात्र चापाकल प्राथमिक विद्यालय परिसर में है. एक मात्र कुआं बेकार हो गया है. गांव में एक भी पीसीसी का निर्माण नहीं हुआ है. बिजली की आपूर्ति भी अनियमित है. प्रखंड में योजना बनाओ अभियान की धूम मची है. मगर यहां के ग्रामीणों के लिए कोई सरकारी योजना नहीं है. बाध्य होकर ग्रामीण रंगड़ों खाल का पानी पीते हैं. इससे बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है. गोपाल मुर्मू, सुगदा हेंब्रम, सिंहराई मुर्मू, सुराई मुर्मू के मुताबिक उनके गांव को उपेक्षित रखा गया है. जन प्रतिनिधियों ने भी इस गांव को उपेक्षा की नजरों से देखा है.

बराज कॉलोनी में पानी नहीं
गालूडीह. सुवर्णरेखा परियोजना के गालूडीह बराज कॉलोनी में इन दिनों लो वोल्टेज के कारण जलापूर्ति बाधित है. इससे कॉलोनी वासी पेयजल संकट से परेशान हैं. कॉलोनी वासियों ने बताया कि कस्तूरबा स्कूल में बन रहे नये भवन का निर्माण करा रहे ठेकेदार द्वारा अवैध रूप से बिजली लेने से जलापूर्ति का मोटर नहीं चल पाता.
इससे कॉलोनी वासियों को समय पर पानी नहीं मिल पा रहा है. पिछले कई दिनों से कॉलोनी में जल संकट है. कॉलोनी वासियों ने कहा कि ठेकेदार को ऐसा करने से कई बार मना किया गया. परंतु कोई सुनवायी नहीं हो रही है. कॉलोनी वासियों में रोष है.
बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड की माटिहाना पंचायत के मुढ़ाकांटी मटियालडीह के ग्रामीण आज भी उपेक्षा का दंश झेल रहे हैं.
सरकारी लापरवाही और जन प्रतिनिधियों की उपेक्षा से यहां के ग्रामीण रंगड़ों खाल का गंदा पानी पीने के लिए अभिशप्त हैं. इस गांव में एक भी चापानल नहीं है. एक मात्र चापाकल प्राथमिक विद्यालय परिसर में है. एक मात्र कुआं बेकार हो गया है. गांव में एक भी पीसीसी का निर्माण नहीं हुआ है. बिजली की आपूर्ति भी अनियमित है.
प्रखंड में योजना बनाओ अभियान की धूम मची है. मगर यहां के ग्रामीणों के लिए कोई सरकारी योजना नहीं है. बाध्य होकर ग्रामीण रंगड़ों खाल का पानी पीते हैं. इससे बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है. गोपाल मुर्मू, सुगदा हेंब्रम, सिंहराई मुर्मू, सुराई मुर्मू के मुताबिक उनके गांव को उपेक्षित रखा गया है. जन प्रतिनिधियों ने भी इस गांव को उपेक्षा की नजरों से देखा है.
बराज कॉलोनी में पानी नहीं
गालूडीह. सुवर्णरेखा परियोजना के गालूडीह बराज कॉलोनी में इन दिनों लो वोल्टेज के कारण जलापूर्ति बाधित है. इससे कॉलोनी वासी पेयजल संकट से परेशान हैं. कॉलोनी वासियों ने बताया कि कस्तूरबा स्कूल में बन रहे नये भवन का निर्माण करा रहे ठेकेदार द्वारा अवैध रूप से बिजली लेने से जलापूर्ति का मोटर नहीं चल पाता. इससे कॉलोनी वासियों को समय पर पानी नहीं मिल पा रहा है. पिछले कई दिनों से कॉलोनी में जल संकट है. कॉलोनी वासियों ने कहा कि ठेकेदार को ऐसा करने से कई बार मना किया गया. परंतु कोई सुनवायी नहीं हो रही है. कॉलोनी वासियों में रोष है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola