धन गया तो लौट आयेगा, चरित्र गया तो कभी नहीं लौटेगा: उणीयाल

Published at :02 Feb 2016 6:31 AM (IST)
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धन गया तो लौट आयेगा, चरित्र गया तो कभी नहीं लौटेगा: उणीयाल

धन गया तो लौट आयेगा, चरित्र गया तो कभी नहीं लौटेगा: उणीयाल घाटशिला : घाटशिला के श्री शिव बाबा मंदिर परिसर में सोमवार की रात केदारनाथ- बद्रीनाथ के धर्माचायों का स्वागत समारोह आयोजित हुआ. स्वागत समारोह से पूर्व राजस्टेट से धर्माचार्यों के नेतृत्व में शोभा यात्रा निकाली गयी. शोभा यात्रा में शामिल लोग धर्माचार्यों पर […]

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धन गया तो लौट आयेगा, चरित्र गया तो कभी नहीं लौटेगा: उणीयाल

घाटशिला : घाटशिला के श्री शिव बाबा मंदिर परिसर में सोमवार की रात केदारनाथ- बद्रीनाथ के धर्माचायों का स्वागत समारोह आयोजित हुआ. स्वागत समारोह से पूर्व राजस्टेट से धर्माचार्यों के नेतृत्व में शोभा यात्रा निकाली गयी. शोभा यात्रा में शामिल लोग धर्माचार्यों पर पुष्प की वर्षा कर रहे थे. शोभा यात्रा मंदिर परिसर पहुंची. यहां शिव मंदिर में पूजा के बाद धर्माचार्यों ने प्रवचन दिया. धर्माचार्यों ने मंदिर में दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उदघाटन किया.
बद्रीनाथ के पुजारी भूवण चंद्र उणीयाल ने कहा कि आदमी को अपने चरित्र का ख्याल रखना चाहिए. धन- दौलत और दुकान चला जाये, तो वह लौट आयेगा, मगर एक बार आदमी का चरित्र खराब हुआ, तो दोबारा नहीं लौटेगा. उन्होंने कहा कि भारत विश्व विधाता वाला देश है. यहां लोगों ने अंक गणित, व्याकरण और हिंदी सीखी. अतिथियों का स्वागत करना सीखा. उन्होंने दशावतार के विषय में विस्तृत जानकारी दी. श्री उणीयाल ने कहा कि आदमी में काम, क्रोध और लोभ अंदर से पैदा होता है. मनुष्य को लोभी नहीं बनना चाहिए. ज्यादा खाना खाने वाला और ज्यादा सोने वाला व्यक्ति योगी नहीं बन सकता. एकांत में रहने वाला व्यक्ति कभी साधु नहीं हो सकता है. अगर कोई एकांत में रहता है, तो वो या भगवान है या एकांकी. समाज में रहेन वाले लोगों को सामाजिक दात्यिवों का निवर्हन करना पड़ेगा.
उन्होंने कहा कि जैसी दृष्टि होगी, वैसी ही श्रृष्टि होगी. भगवान ने तो मनुष्य के हाथों में कलम थमायी है. वो कलम से अपना तकदीर बदल सकता है, मगर कुछ लोग ऐसे होते हैं. जो कलम लेकर भी तकदीर नहीं बदल सकते हैं. उन्होंने प्रवचन के अंत में गीत प्रस्तुत किया. आदमी में अगर आदमी की तरह आदमियत न आवे, तो वो क्या करे. देने वाले तो उसे सब कुछ दिया.
लेना न जाने तो वो क्या करे. श्री उणीयाल के प्रवचन से पूर्व केदारनाथ के मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग ने भजन की तर्ज पर प्रवचन प्रस्तुत किया. प्रवचन के बाद केदारनाथ- बद्रीनाथ यात्री समिति के अध्यक्ष बीरेंद्र प्रसाद, सचिव भुनेश्वर तिवारी, मंटू सिंंह, हीरा सिंह, राज कुमार अग्रवाल, अजीत पांडेय, बीओआइ के शाखा प्रबंधक रवि कांत चौधरी समेत कई लोगों ने माला पहना कर स्वागत किया. धर्माचार्यों के साथ आयी भजन मंडली ने भजन प्रस्तुत किया. संचालन जयंत उपाध्याय ने किया.
इस मौके पर फकीर चंद्र अग्रवाल, मातादीन अग्रवाल, राजेश जैन, राज किशोर सिंह, गजेंद्र सिंह, विक्रम साव, कन्हैया शर्मा, बादल चौधरी, गोपाल अग्रवाल, विद्यांचल पांडेय, राजेश अग्रवाल, अनूप अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं उपस्थित थे. प्रवचन और भजन के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण हुआ.
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