हल्की बारिश में टपका पानी

बोर्न केयर यूनिट के पुराने भवन में संचालन पर उठे सवाल अजय घाटशिला : घाटशिला के अनुमंडल अस्पताल परिसर में यूनीसेफ और राज्य सरकार के सौजन्य से 12 बेड का न्यू सिक बोर्न केयर यूनिट कभी भी ठप हो सकता है. यह यूनिट वर्ष 2009 से शुरू हुआ. यूनिट में नवजातों के इलाज के लिए […]
बोर्न केयर यूनिट के पुराने भवन में संचालन पर उठे सवाल
अजय
घाटशिला : घाटशिला के अनुमंडल अस्पताल परिसर में यूनीसेफ और राज्य सरकार के सौजन्य से 12 बेड का न्यू सिक बोर्न केयर यूनिट कभी भी ठप हो सकता है. यह यूनिट वर्ष 2009 से शुरू हुआ. यूनिट में नवजातों के इलाज के लिए करोड़ों रूपये की लागत से 12 बर्मर समेत अन्य मशीनें लगायी गयी हैं. गहन चिकित्सा केंद्र के बंद होने से नवजातों के इलाज पर असर पड़ने की संभावना है.
भवन से चूने लगा है पानी
यूनिट की छत चूने लगी है. यूनिट में नवजातों के इलाज के लिए बर्मर समेत अन्य मशीनें लगायी गयी हैं. पिछले दिनों हुई दो दिनों की लगातार बारिश में ही छतों से पानी टपकने लगा. भवन की छत चूने से यूनिट की दीवार पर लगे पेंट मटमैला हो गये हैं. इससे मशीनों के सामने भी खतरा उत्पन्न हो गया है.
बोर्न यूनिट नये भवन में बनना था
न्यू सिक बोर्न केयर यूनिट नये भवन में बनना था. परंतु वर्ष 2009 में आनन फानन में इसे पुराने भवन की मरम्मत कर खोल दिया गया. अस्पताल के चिकित्सक और कर्मचारियों ने भी बताया कि यूनिट पुराने भवन में खोल दिया गया. भवन पुराना होने के कारण भवन की मरम्मत की जरूरत है. क्योंकि यूनिट में करोड़ों की मशीनें लगी हैं और यूनिट में नवजातों का इलाज होता है. अगर किसी भी कारण से भवन के बदलाव की जरूरत महसूस हुई तो नवजात को सुविधा फिलहाल बंद करनी होगी.
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