लोक अदालत में महिलाओं ने जनलक्ष्मी के प्रबंधक को घेरा

Updated at : 10 Dec 2017 5:12 AM (IST)
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लोक अदालत में महिलाओं ने जनलक्ष्मी के प्रबंधक को घेरा

घाटशिला. राष्ट्रीय लोक अदालत में 76 मामलों का निष्पादन महिलाओं ने कहा, उनके पास पैसे नहीं ऋण चुकाने को कोर्ट अधिकारियों ने 11 दिसंबर को आकर समस्या बताने को कहा घाटशिला : घाटशिला के फूलडुंगरी स्थित व्यवहार न्यायालय में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत लगायी गयी. इसमें 76 मामलों का निष्पादन हुआ. इसमें जन लक्ष्मी […]

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घाटशिला. राष्ट्रीय लोक अदालत में 76 मामलों का निष्पादन

महिलाओं ने कहा, उनके पास पैसे नहीं ऋण चुकाने को
कोर्ट अधिकारियों ने 11 दिसंबर को आकर समस्या बताने को कहा
घाटशिला : घाटशिला के फूलडुंगरी स्थित व्यवहार न्यायालय में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत लगायी गयी. इसमें 76 मामलों का निष्पादन हुआ. इसमें जन लक्ष्मी फाइनांशियल सर्विसेस लिमिटेड से ऋण लेने वाले महिला समूहों को नोटिस भेजकर बुलाया गया था. इसमें चुनूडीह, कुललूडीह समेत कई जगहों की महिलाएं पहुंची.
महिलाओं ने जन लक्ष्मी कंपनी के शाखा प्रबंधक गुलाम जिलानी का घेराव किया. महिलाएं काफी देकर तक न्यायालय परिसर में रहीं. उनके मामले का निष्पादन हुआ. कई महिलाओं ने शाखा प्रबंधक से कहा कि उनके पास राशि नहीं है. एक भी महिला समूह ने कोर्ट में राशि जमा नहीं की. शाखा प्रबंधक ने कहा कि उनका ब्याज माफ कर देंगे, राशि जमा कर दें. कोर्ट के कर्मचारी ने महिलाओं को आदेश दिया कि 11 दिसंबर को आयें और अपनी समस्याओं की जानकारी दें.
विभिन्न बैंक के 71 मामलों का निष्पादन
लोक अदालत में विभिन्न बैंकों के 71 मामलों के निष्पादन से 18, 75, 501 रुपये की राजस्व की प्राप्ति हुई. प्रथम बेंच में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार दुबे,
अधिवक्ता राकेश शर्मा, द्वितीय बेंच में अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मुकलेश चंद्र नारायण, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी वाल्टर भेंगरा और अधिवक्ता अजीत कुमार शामिल थे. अदालत में कोर्ट के 2 मामले और बीएसएनएल के एक मामले का निष्पादन हुआ. प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में आपसी सुलह के आधार पर दो मामलों का निष्पादन हुआ.
कोर्ट से नोटिस भेजकर महिलाओं को बुलाया गया था
नोटबंदी के दौरान घर से पैसे ले गये एजेंट ने नहीं दी रसीद
महिलाओं ने कहा कि एक वर्ष पूर्व नोटबंदी के दौरान कंपनी का पदाधिकारी और एजेंट घर आये थे. इस दौरान घर में जितने पुराने नोट थे. सभी ले गये. रुपये लेने के बाद रसीद नहीं दी. रसीद दी तो उसमें कितनी राशि जमा है और कितनी राशि जमा करनी है. इसका पता नहीं चल रहा है. केवल कुछ महिलाओं ने इएमआइ जमा की.
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