ePaper

नहीं रहे झारखंड आंदोलन में आवाज बुलंद करने वाले पूर्व विधायक शिबू मुर्मू, राजनेताओं ने बताया अपूरणीय क्षति

Updated at : 12 Jun 2020 9:29 PM (IST)
विज्ञापन
नहीं रहे झारखंड आंदोलन में आवाज बुलंद करने वाले पूर्व विधायक शिबू मुर्मू, राजनेताओं ने बताया अपूरणीय क्षति

संताल परगना में 1960 के दशक में झारखंड अलग राज्य आंदोलन का अलख जगाने वाले शिकारीपाड़ा के पूर्व विधायक शिबू मुर्मू नहीं रहे. 88 वर्षीय शिबू मुर्मू का शुक्रवार (12.06.2020) की सुबह अपने आवास में निधन हो गया. राजनीतिक- सामाजिक कार्यकर्ताओं में इस खबर से संताल परगना में शोक व्याप्त है.

विज्ञापन

दुमका : संताल परगना में 1960 के दशक में झारखंड अलग राज्य आंदोलन का अलख जगाने वाले शिकारीपाड़ा के पूर्व विधायक शिबू मुर्मू नहीं रहे. 88 वर्षीय शिबू मुर्मू का शुक्रवार (12.06.2020) की सुबह अपने आवास में निधन हो गया. राजनीतिक- सामाजिक कार्यकर्ताओं में इस खबर से संताल परगना में शोक व्याप्त है.

परिजनों ने बताया कि झारखंड आंदोलन के जुझारू नेताओं में शुमार शिबू मुर्मू वर्ष 1967 और 1969 में हुल झारखंड पार्टी के टिकट पर शिकारीपाड़ा विधानसभा से विधायक चुने गये थे. शुक्रवार की सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गयी. परिजन जब तक अस्पताल ले जाते उससे पहले उनका निधन हो गया.

Also Read: चांडिल के नक्सल प्रभावित तानीसोया गांव के ग्रामीणों ने श्रमदान से एक साल में कैसे बनायी सड़क, जानें

भारतीय जनता पार्टी विधायक दल के नेता पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने पूर्व विधायक शिबू मुर्मू के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निधन से विशेष कर संताल परगना क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है. भाजपा नेत्री डॉ लोइस मरांडी ने भी उनके निधन को झारखंड की राजनीति के लिए बड़ी क्षति बताया है. पिंटू अग्रवाल ने भी पूर्व विधायक शिबू मुर्मू ने निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है.

श्री मुर्मू के निधन की खबर मिलते कांग्रेस नेता समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनके गिधनी पहाड़ी गांव स्थित आवास पर जाकर उन्हें उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी.

स्वर्गीय शिबू मुर्मू का जन्म शिकारीपाड़ा प्रखंड के धोपहाड़ गांव में हुआ था. उन्होंने संताल हाई स्कूल, कैराबानी से मैट्रिक की शिक्षा प्राप्त की थी. बाद में वह विधायक से हटने के 5 साल तक उन्होंने क्षेत्र की जनता के लिए काम किया. उनकी दो बेटियां हैं और दोनों की शादी हो चुकी है. एकमात्र बेटा और पत्नी जीवित नहीं रहीं.

गोटा भारोत सिदो- कान्हू हूल बैसी के डॉ एएम सोरेन, गमालिएल हांसदा आदि ने कहा कि दुख की इस घड़ी में हर कोई उनके परिवार के साथ है. निधन की खबर मिलते ही कांग्रेस के डाॅ सुशील मरांडी समेत उन्हें करीब से जानने वाले घर पहुंचे और दुख व्यक्त किया.

Posted By : Samir ranjan.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola