रिमझिम बारिश में भी नहीं थमी आस्था, बोल-बम के जयघोष के बीच बासुकिनाथ में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
बासुकिनाथ में कांवरियों की भीड़ | Prabhat Khabar Network
रिमझिम बारिश के बावजूद बासुकिनाथ धाम में शिवभक्ति का अनूठा संगम. हज़ारों श्रद्धालु बाबा फौजदारीनाथ के दर्शन को उमड़े.
प्रतिनिधि, बासुकिनाथ. राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव के 28वें दिन बुधवार को बासुकिनाथ धाम पूरी तरह शिवभक्ति में डूबा नजर आया. रिमझिम बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बनी रही. शिवगंगा घाट से लेकर बाबा फौजदारीनाथ के गर्भगृह तक आस्था की अविरल धारा बहती रही. चारों ओर हर-हर महादेव, बोल-बम और बाबा फौजदारीनाथ के जयघोष गूंजते रहे.
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कठिन कांवर यात्रा और लंबी कतार की थकान भी श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था को कम नहीं कर सकी. बाबा के दर्शन और जलार्पण की लालसा में कांवरिये पूरे उत्साह के साथ अपनी बारी का इंतजार करते रहे.
पूर्वाह्न 2:05 बजे खुला मंदिर का पट, तीन बजे से शुरू हुआ जलार्पण
बाबा फौजदारीनाथ मंदिर का पट पूर्वाह्न 2:05 बजे खोला गया. सरकारी पूजा संपन्न होने के बाद करीब 3 बजे से श्रद्धालुओं ने अर्घा में गंगाजल अर्पित करना शुरू किया. भोर होते ही शिवगंगा घाट से लेकर मंदिर परिसर तक कांवरियों की भीड़ उमड़ पड़ी .
श्रद्धालुओं के जत्थे लगातार बाबा के दरबार की ओर बढ़ते रहे. पूरे मेला क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा.
कतार में खड़े होकर श्रद्धालुओं ने किया जलार्पण
शिवगंगा में आस्था की डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालु कतारबद्ध होकर बाबा के दरबार की ओर बढ़ते रहे. कांवरियों की कतार संस्कार मंडप, फलाहारी धर्मशाला, शिवगंगा पीड़ और कुशवाहा धर्मशाला तक पहुंची रही.
डब्बे में गंगाजल और मन में बाबा फौजदारीनाथ के प्रति अटूट विश्वास लिये कांवरिये अपनी बारी का इंतजार करते रहे. बाबा के दरबार में पहुंचकर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से गंगाजल अर्पित किया और सुख, शांति, समृद्धि तथा परिवार के मंगल की कामना की.
अधिकारियों ने संभाली व्यवस्था, सुरक्षा पर रही पैनी नजर
मंदिर परिसर में तैनात अधिकारी और सुरक्षाकर्मी लगातार कतार व्यवस्था की निगरानी करते रहे. एसडीपीओ नवल किशोर सिंह, मंदिर प्रभारी सह सीओ संजय कुमार, बीडीओ कुंदन भगत सहित अन्य अधिकारियों ने मेला क्षेत्र का जायजा लिया.
अधिकारियों ने श्रद्धालुओं को सुगमतापूर्वक जलार्पण कराने के साथ भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष नजर रखी. कांवरियों की सुविधा और किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए प्रशासनिक टीम लगातार सक्रिय रही.
जलार्पण काउंटर से भी श्रद्धालुओं ने चढ़ाया गंगाजल
जलार्पण की वैकल्पिक व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं ने जलार्पण काउंटर से भी बाबा की पूजा-अर्चना की. एलसीडी स्क्रीन पर बाबा फौजदारीनाथ के शिवलिंग का दर्शन करते हुए श्रद्धालुओं ने काउंटर पर गंगाजल अर्पित किया.
पाइपलाइन के माध्यम से गंगाजल सीधे बाबा के शिवलिंग तक पहुंचाया गया. इस व्यवस्था से लंबी कतार में पीछे खड़े श्रद्धालुओं को भी बाबा के प्रति अपनी आस्था अर्पित करने का अवसर मिला.

रूटलाइन में इंद्रवर्षा से कांवरियों को मिली राहत
कांवरियों को गर्मी और उमस से राहत देने के लिए रूटलाइन में इंद्रवर्षा की व्यवस्था की गयी. कांवरिया शेड के नीचे कतारबद्ध श्रद्धालुओं पर ठंडे पानी का छिड़काव किया जाता रहा.
एक ओर कांवरियों की जुबां पर बोल-बम का जयघोष था, तो दूसरी ओर बाबा के दरबार से गूंजते हर-हर महादेव के स्वर पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर रहे थे.
बासुकिनाथ धाम में बुधवार को आस्था, भक्ति और विश्वास का ऐसा संगम दिखाई दिया, मानो शिव की नगरी स्वयं अपने भक्तों के स्वागत के लिए सजी हो.
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