कहीं गेट गायब तो कहीं टूट गये

Published at :17 Jan 2017 5:53 AM (IST)
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कहीं गेट गायब तो कहीं टूट गये

अनियमितता . घटिया शौचालय निर्माण की खुल रही है पोल स्वच्छ भारत अभियान के तहत प्रखंडों को ओडीएफ बनाने की जल्दबाजी में शौचालय निर्माण में गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा जा रहा है. जैसे-तैसे निर्माण कार्य पूरा कर लक्ष्य पूरा किया जा रहा है. इस कारण आज भी लोग खुले में शौंच जाने काे विवश […]

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अनियमितता . घटिया शौचालय निर्माण की खुल रही है पोल

स्वच्छ भारत अभियान के तहत प्रखंडों को ओडीएफ बनाने की जल्दबाजी में शौचालय निर्माण में गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा जा रहा है. जैसे-तैसे निर्माण कार्य पूरा कर लक्ष्य पूरा किया जा रहा है. इस कारण आज भी लोग खुले में शौंच जाने काे विवश हैं.
दुमका : ले के मसलिया प्रखंड को खुले में शौच मुक्त करने के उद्देश्य से पूरे उत्साह के साथ शौचालय निर्माण का काम चल रहा है. प्रखंड अंतर्गत 21 पंचायतों के 293 गांव में 13007 शौचालय निर्माण हो रहे हैं. जिसमें से प्रखंड के बास्कीडीह पंचायत शौचालय निर्माण का काम पूरा कर ओडीएफ के लिए तैयार है. बास्कीडीह पंचायत के 11 गांव में 751 शौचालय का निर्माण कार्य 90 लाख 12 हजार रूपये में कराना था. जो कागजों के अनुसार पूरा हो चुका है और लोग खुले में शौच न कर शौचालय का इस्तेमाल कर रहे है. जिसे प्रखंड की ओर से बहुत जल्द ओडीफ (ओपन डिफेक्टन फ्री) घोषित कर दिया जायेगा. पर पंचायत की जमीनी सच कुछ ओर ही है.
पंचायत में शौचालय निर्माण का काम तो हुआ है पर लोग शौच के लिए आज भी खुले में ही जा रहे है. लोगों ने बताया कि शौचालय का निर्माण सही ढंग से नही हो पाया है. जिसकारण मजबूरन खुले में जाना पड़ता है. जब गांव में बने शौचालयों का जयजा लिया गया तो कही शौचालय का गेट गायब था तो कही टूट कर लटक रहा था. ऐसे शौचालय भी मिले जिसके पैन में पत्थर डालकर जाम कर दिया गया था.
कई लोगों ने बताया पानी की समस्या के कारण भी शौचायल का उपयोग नही कर पाते पानी दूर से लाना पड़ता है और शौचालय में बना हौद में पानी नही ठहरता है. जिसकारण खुले में जहां पानी की व्यवस्था होती है लोग वही शौच के लिए जाते है.
ग्रामीण नहीं कर पा रहे शौचालय का प्रयोग
क्या कहते हैं ग्रामीण
गांव में शौचालय का निर्माण तो हुआ है पर सही ढ़ग से नहीं होने के कारण 80 प्रतिशत लोग खुले में ही शौंच कर रहे हैं. निर्माण कार्य में काफी अनियमित्ता बरती गयी है.
बलराम प्रसाद राय, ग्रामप्रधान बाराटांड़
शौचालय सुविधाजनक नहीं बनाया गया है. नल नहीं लगया गया है हौदा में भी पानी नहीं ठहरता है. जिसकारण मजबूरन हमलोग खुले में शौच के लिए जाते हैं.
गणेश दे, ग्रामीण बरमसिया
गांव में पानी की समस्या है और जागरूकता की भी कमी है कुछ लोग तो शौचालय का उपयोग करते हैं. लेकिन कुछ लोग नहीं कर रहे हैं.
सदानंद पांडेय, ग्रामप्रधान आस्ताजोड़ा
शौचालय का निर्माण नहीं हुआ है जिसकारण शौच के लिए बाहर ही जाते हैं.
तारापद मंडल, ग्रामीण बास्कीडीह
बोले अधिकारी
बास्कीडीह का काम पूरा हो चुका है पंचायत जल्द ओडीएफ होगा कुछ त्रुटिया सुनने को मिल रही है. जिसे दुरूस्त किया जायेगा.
चंदन कुमार सिंह, बीडीओ, मसलिया
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