गौ हत्या के लिए दंड हो और सख्त

Published at :22 Jul 2016 5:37 AM (IST)
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गौ हत्या के लिए दंड हो और सख्त

दुमका : दुमका जिले के जामा प्रखंड के भीखमपुर गांव में सर्वहित गोशाला की ओर से आयोजित धेनुमानस कथाज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन प्रवचन में सीता शरण जी महाराज ने कहा कि गौ को राष्ट्रमाता का दरजा मिलना चाहिए. इसकी हत्या करने वालों को मानव की हत्या से भी सख्त दंड का प्रावधान करना चाहिए. […]

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दुमका : दुमका जिले के जामा प्रखंड के भीखमपुर गांव में सर्वहित गोशाला की ओर से आयोजित धेनुमानस कथाज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन प्रवचन में सीता शरण जी महाराज ने कहा कि गौ को राष्ट्रमाता का दरजा मिलना चाहिए. इसकी हत्या करने वालों को मानव की हत्या से भी सख्त दंड का प्रावधान करना चाहिए.

उन्होंने देशी नस्ल के गौ पालन को बढ़ावा देने की बात कही. कहा कि दस साल तक के बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्र से नि:शुल्क दुग्ध का वितरण किया जाये. कहा: देश में अभी सात से आठ करोड़ गाय है. इसे बढ़ाकर पंद्रह करोड़ तक कर दिया जाय, तो गोबर से मिथेन गैस तैयार कर एलपीजी का सस्ता विकल्प बनेगा. पांच से दस रुपये में यह गैस बिकने लगे, तो कोई गाय को बाहर नहीं जाने देगा.

2008 से निकले हैं गोमाता की रक्षा के लिए राष्ट्र क्रांति पर
गौ माता की इस राष्ट्र क्रांति को लेकर सीताशरण महाराज 2008 से ही निकले हुए हैं. उन्होंने बताया कि सरकार के समक्ष उन्होंने अपनी पांच मांगे रखी है. गोमाता को राष्ट्र माता घोषित करने, दस वर्ष के बालक-बालिकाओं को नि:शुल्क भारतीय देशी गाय का दूध आंगनबाड़ी के माध्यम से उपलब्ध कराने, रासायनिक खाद पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, गाय के गोबर से मिथैन गैस बनाने तथा गौ चारण भूमि गायों के लिए उपलब्ध कराने की मांग है. उन्होंने कहा कि इस अभियान को देश के 676 जिलों में पहुंचाने उनका लक्ष्य है.
पंचगव्य के उपयोग को मिले बढ़ावा
कथा वाचन करते हुए श्री सीता शरण जी महाराज ने कहा कि देश में पंचगव्य की उपयोगिता के प्रसार की जरूरत है. उन्होंने कहा कि पंचगव्य में गोबर, गोमूत्र, दूध, घी एवं दही की उपयोगिता को विस्तार देकर देश की अर्थव्यवस्था व पशु संपदा में भी क्रांति लायी जा सकती है.
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