सिर्फ चुनाव के समय दिखती है समस्याएं
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :11 May 2016 4:55 AM (IST)
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प्रभात खबर आपके द्वार. ग्रामीणों ने रोया मूलभूत समस्याओं का रोना, कहा हर बार नेता चुनाव के समय आते हैं और बड़े-बड़े वादे कर चले जाते हैं. चुनाव जितने के बाद एक बार भी गांव का हाल लेने नहीं आते. शिकारीपाड़ा : प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम मंगलवार को प्रखंड के सरसडंगाल पंचायत के जामडूपानी […]
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प्रभात खबर आपके द्वार. ग्रामीणों ने रोया मूलभूत समस्याओं का रोना, कहा
हर बार नेता चुनाव के समय आते हैं और बड़े-बड़े वादे कर चले जाते हैं. चुनाव जितने के बाद एक बार भी गांव का हाल लेने नहीं आते.
शिकारीपाड़ा : प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम मंगलवार को प्रखंड के सरसडंगाल पंचायत के जामडूपानी गांव में चलाया गया. कार्यक्रम में प्रभात खबर के बैनर तले ग्रामीण एकजुट हुए और समस्याएं साझा की. ग्रामीणों ने बताया कि गांव में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है. बिजली, पानी और सड़क के नहीं रहने से यह गांव उपेक्षित बना हुआ है. यूं तो सरकार गांवों को डिजिटल इंडिया तथा नयी-नयी तकनीकों से जोड़ने की पहल कर रही है. साथ ही स्वच्छता अभियान के तहत शौचालयों का भी निर्माण करा रही है.
लेकिन जामड़ूपानी इन सब सुविधाओं से अभी काफी दूर है. यही वजह है कि यहां के ग्रामीण पेयजल और शौचालय के लिए बाहर जाते हैं. करीब 4 वर्ष पूर्व गांव में विद्युतीकरण का कार्य किया गया था. उस वक्त लगाये गये ट्रांसफॉर्मर के खराब होने से बिजली आपूर्ति ठप हो गयी. विभाग में इसके लिए पहल की मांग की गयी थी. इसके बाद नया ट्रांसफाॅर्मर उपलब्ध भी करा दिया गया, लेकिन विभागीय लापरवाही की वजह से ट्रांसफॉर्मर एक वर्ष से एक ग्रामीण गायना बेसरा के घर पर पड़ा है. विद्यालय के चापाकल सहित गांव के सभी टोलों के अधिकांश चापाकल खराब हो गये हैं. साथ ही तालाब, कुआं भी सूख गया है. जिससे कपड़ा धोने, नहाने व मवेशियों के लिए पानी के लिए ग्रामीणों को 2-3 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है.
कहते हैं ग्रामीण
‘गांव में बिजली और पानी की समस्या गंभीर है, ग्रामीण पथ भी नहीं बना है. इन समस्याओं के निदान के लिए पहल जरूरी है. लेकिन न तो विभाग और न ही जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान दे रहे हैं.’
– विजय सोरेन
‘ गांव में सिंचाई के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. किसान जमीन रहते खेती नहीं कर पा रहे हैं और वे अन्य राज्य पलायन को विवश हैं. किसान रवि की खेती कर सके, इसके लिए डीप बोरिंग, सिंचाई कूप व तालाब बनाना जरूरी है.’
– मार्सेल सोरेन
‘गांव के सभी वृद्धों को पेंशन की लाभ नहीं मिल रहा है. कई जरूरतमंदों को राशनकार्ड भी अब तक नहीं मिला है. जिससे गरीब लोगों को काफी परेशानी हो रही है. गांव में शौचालय भी नहीं बना है, जिससे ग्रामीण खुले में शौच कर रहे हैं.’
– लीलमुनी मुरमू
‘गांव में विद्युतीकरण के बाद भी बिजली आपूर्ति ठप है. नया ट्रांसफॉर्मर मेरे घर बेकार पड़ा है. जिसे लगाकर गांव में बिजली आपूर्ति की जा सकती है. लेकिन विभाग उदासीन है.
– गायना बेसरा
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